Bilaspur High Court: CG शिक्षा विभाग का बड़ा गोलमाल: एक शिक्षक की 13 साल की नौकरी को विभागीय अफसरों ने कर दिया गोल

Bilaspur High Court: CG शिक्षा विभाग का बड़ा गोलमाल: एक शिक्षक की 13 साल की नौकरी को विभागीय अफसरों ने कर दिया गोल

Bilaspur High Court: बिलासपुर। शिक्षाकर्मी से शिक्षक एलबी और फिर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन की कवायद। शिक्षाकर्मी एलबी और स्कूल शिक्षा विभाग के बीच संविलियन का विवाद अब भी जारी है। ऐसे ही एक मामला बिलासपुर हाईकोर्ट पहुंचा है। याचिकाकर्ता शिक्षक ने चार अगस्त 2005 को शिक्षाकर्मी वर्ग तीन के पद पर ज्वाइनिंग दी थी। एक जुलाई 2018 को सहायक शिक्षक एलबी के पद पर संविलियन हुआ। 30 जून 2022 को सेवानिवृत हो गया। स्कूल शिक्षा विभाग ने एक जुलाई 2018 को मापदंड मानकर सहायक शिक्षक एलबी के पेंशन का निर्धारण कर दिया है।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पेंशन निर्धारण के लिए अपनाई गई प्रक्रिया को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ता शिक्षक तारेंद्र सिंह चौहान ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका पेश की है। याचिकाकर्ता शिक्षाकर्मी वर्ग तीन के पद पर ज्वाइनिंग तिथि से पेंशन का निर्धारण की मांग की है। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने सचिव स्कूल शिक्षा सचिव,आयुक्त नगर निगम रायपुर,डीईओ रायपुर व पेंशन विभाग को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।

याचिकाकर्ता तारेंद्र सिंह चौहान ने अपनी याचिका में कोर्ट को बताया है कि उनकी नियुक्ति चार अगस्त 2005 को शिक्षाकर्मी वर्ग तीन के पद पर रायपुर नगर निगम में हुई थी। तीन वर्ष की सेवा के बाद उसे नियमित किया गया था। नियमित सेवा के दौरान राज्य शासन के निर्देशानुसार एक जुलाई 2018 को सहायक शिक्षक एलबी के पद पर संविलियन किया गया। सहायक शिक्षक एलबी के पद पर रहते हुए 30 जून 2022 को 62 वर्ष पूर्ण करने के बाद शासकीय सेवा से सेवानिवृत किया गया।

याचिकाकर्ता ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रथम नियुक्ति से सेवावधि न मानते हुए एक जुलाई 2018 से 30 जून 2022 तक संविलियन अवधि की गिनती की गई। इसी गणना के आधार पर स्कूल शिक्षा विभाग में उसकी सेवा कुल चार वर्ष मानी गई। इसीआधार पर पेशन एवं ग्रेच्युटी का निर्धारण कर लाभ दिया जा रहा है। याचिकाकर्ता के अनुसार उसने अपनी प्रथम नियुक्ति तिथि चार अगस्त 2005 से सेवावधी की गणन करने के लिए शासन एवं पेंशन विभाग से मांग की थी।

विभागीय स्तर पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई ना होने पर तारेंद्र सिंह चौहान ने अधिवक्ता नसीमुद्दीन अंसारी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने प्रथम नियुक्ति तिथि से पेंशन की मांग की है। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने सचिव स्कूल शिक्षा सचिव,आयुक्त नगर निगम रायपुर,डीईओ रायपुर व पेंशन विभाग को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।

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