इंटर्न छात्राओं की शिकायत पर सिस्टम और आईएमए मौन क्यों? कोलकाता की घटना पर कैंडिल मार्च निकाला जा रहा, और…

बिलासपुर। सिम्स के डीन के रवैये से साफ है कि सिम्स में बंगाल जैसी घटना की पुनरावृति की राह देखी जा रही है। बंद लिफाफे की रिपोर्ट या तो ओपन नहीं की गई है या फिर रिपोर्ट देखने के बाद इसे बदाने की कोशिशें हो रही है। बंगाल की घटना के बाद भी चिकित्सा शिक्षा से जुड़े आला अफसर अब तक चुप्पी क्यों साधे बैठे हैं सूझ से परे है। बंगाल की घटना को देशव्यापी आंदोलन का रुख अख्तियार करने वाले स्वास्थ्य के क्षेत्र की सबसे बड़ी संस्था IMA भी अब तक मौन साधे हुए है। NPG को IMA बिलासपुर के प्रेसिडेंट डा अखिलेश देवरस का कहना है कि सिम्स के इंटर्न छात्राओं के साथ Physically harresment की जांच के लिए राज्य शासन ने उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट डीन को सौंप दी है। इस पूरे मामले में शासन स्तर पर जांच हो रही है। शासन के आला अधिकारियों का सीधेतौर पर involment है। कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक होने और कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि सीधेतौर पर इंटर्न छात्राओं की सुरक्षा के लिए IMA आगे क्यों नहीं आ रहा है। डा देवरस कुछ बोल नहीं पाए। कमेटी की रिपोर्ट और होने वाली कार्रवाई का IMA को इंतजार है। एक बड़ी संस्था के इंतजार करने के अपने निर्णय ने इंटर्न छात्राओं की परेशानी और बढ़ा दी है।
कमिश्नर हेल्थ की दोटूक
NPG से चर्चा के दौरान कमिश्नर हेल्थ किरण कौशल ने साफ कहा कि हमने कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर डीन से अभिमत मांगा है। अभिमत आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
घटना पर NPG की नजर
Chhattisgarh Institute Of Medical Science सिम्स के दो सीनियर डाक्टर द्वारा इंटर्न छात्राओं के साथ किए गए बर्ताव और sexul herrSment को लेकर NPG की नजर है। कमिश्नर हेल्थ किरण कौशल ने NPG की रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए सिम्स के डीन को लैंगिक उत्पीड़न समिति की रिपोर्ट का अध्ययन करने और तत्काल अपना अभिमत देने का निर्देश दिया है।
NPG के शिकायत का दस्तावेज
NPG के पास सिम्स की इंटर्न छात्राओं की वह शिकायत भी है जिसमें इंटर्न छात्राओं ने सिम्स के दो सीनियर डाक्टर के खिलाफ sexul herrSment को आरोप लगाया है,साथ ही कार्रवाई की मांग की है।
कमिश्नर स्वास्थ्य सेवाओं से लिखित शिकायत के साथ ही डीएमई को भी घटना की जानकारी इंटर्न छात्राओं ने दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर हेल्थ ने सिम्स में कार्यरत लैंगिक उत्पीड़न समिति को मामले की जांच करने और रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट को डीएमई व सिम्स के डीन को सौंप दिया है। डीएमई ने रिपोर्ट का अध्ययन करने और अभिमत के साथ दोबारा रिपोर्ट पेश करने का निर्देश सिम्स के डीन को दिया है। बता दें कि कलेक्टर से सिम्स की इंटर्न छात्राओं ने मिलकर शिकायत की थी।मामले की गम्भीरता को देखते हुए कलेक्टर ने एमएस को जांच का निर्देश दिये था।
क्या है मामला
2019 बैच की सभी महिला इंटर्न का आरोप है कि सिम्स के एक सीनियर डॉक्टर उनसे छेड़खानी करते हैं। शरीर को गलत तरीके से छूते है। विरोध करने पर इंटर्नशिप में Extention लगाने तक की धमकी देने से बाज नही आते। परेशान इंटर्न छात्राओं ने हेल्थ अफसरों से शिकायत कर राहत की मांग की है।
एक और मामला आया सामने
जुलाई में लैंगिक उत्पीड़न समिति द्वारा सिम्स में बंद कमरे में मामले की जांच की जा रही थी। इसी बीच एक और महिला पहुंची और बताया कि भाई का इलाज कराने जब वो सिम्स आई थी तब इसी डॉक्टर ने बेड शेयर करने कहा था। समिति ने महिला के बयान को भी दर्ज किया था। इंटर्न छात्राओं ने यह भी बताया कि सीनियर डॉक्टर उनसे और उनके सीनियर बैच की इंटर्न से काफी दिनों से छेड़खानी कर रहे हैं। करियर खराब करने की धमकी और डर की वजह से यह बात किसी को बता नहीं पा रही हैं।
दो सीनियर डॉक्टर आएंगे घेरे में
लैंगिक उत्पीड़न समिति के समक्ष शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि आज भी जब उनके पति सिम्स में इंटरव्यू के लिए आते हैं तो मिली भगत कर उन्हे स्क्रूटीनी में ही बाहर कर दिया जाता है। परेशान महिला का यह भी आरोप है कि इस साजिश में कई लोग शामिल हैं।महिला ने बताया कि अब तक वह लोक लाज के भय से चुप थी लेकिन इंटर्न छात्राओं द्वारा शिकायत करने की जानकारी मिली तब उसे भी लग रहा है कि उसे न्याय मिलेगा।