OP Chaudhari: मंत्री ओपी चौधरी ऐसा क्यो बोले, भ्रष्टाचारी के मरने पर 10-20 घरों में दिवाली मनती है…

OP Chaudhari: रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त, पंजीयन, आवास और पर्यावरण तथा प्लानिंग, जीएसटी मंत्री ओपी चौधरी ने 18 अगस्त को मंत्रालय में पंजीयन याने रजिस्ट्री विभाग की अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने जनता की सुविधाओं के लिए बनाए गए सुगम ऐप को लांच किया। उन्होंने जिले से पहुंचे अधिकारियों से अपडेट लिया तथा उन्हें लक्ष्य की पूर्ति के निर्देश दिए।
यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण थी कि पिछले हफ्ते तीन वरिष्ठ रजिस्ट्री अधिकारियों को विभाग ने भ्रष्टाचार के केस में निलंबित कर दिया था। तीनों पर आरोप है कि उन्होंने रजिस्ट्री में कम स्टांप का उपयोग कर सरकारी खजाने को एक करोड़ 63 लाख रुपए का चूना लगाया।
गार्जियन की भूमिका
बैठक के दौरान मंत्री ओपी चौधरी ने जनरल वे में भ्रष्टाचार पर कई कड़वी बातें भी की। उन्होंने गार्जियन की तरह समझाया…आईना दिखाया कि भ्रष्टाचार से किस तरह सामाजिक प्रतिष्ठा का ह्रास होता है। उन्होंने कहा कि विदेशों में भ्रष्टाचार खतम होते जा रहा है। भारत में भी अब सिस्टम ऐसा बनता जा रहा कि रिश्वत के पैसे का कोई मोल नहीं रहेगा…सारी चीजें ऑनलाइन होती जा रही हैं। मंत्री ओपी ने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त लोग अपने नाम पर कुछ खरीद नहीं सकते। न ही उस धन का उपयोग कर सकते। दूसरों के नाम पर संपत्ति खरीदते हैं, उनमें भी डाका पड़ जाता है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचारी मरता है, तो उसके घर में जरूर शोक मनता है मगर बाकी दस-बीस घरों में उस दिन दिवाली मनती है। वो इसलिए क्योंकि भ्रष्ट लोग दूसरों के नाम पर जमीन-जायदाद खरीदते हैं। भ्रष्टाचारी के मरने के बाद वो सारी संपत्ति उनकी हो जाती है।
न बड़ी गाड़ी, न बड़ा बंगला
मंत्री ओपी चौधरी ने सामान्य रूप से कहा कि रिश्वत की कमाई कभी अपने लिए काम नहीं आती। न वह लग्जरी कारों में चल सकता और न ही बड़ी हवेली में रह सकता। थोड़ा सा बड़ा घर हुआ और रहन-सहन बदला तो उसकी खुद की नींद उड़ जाती है। रात में रोज एसीबी, ईओडब्लू का खौफ सताता रहता है। फिर ऐसी कमाई का क्या मतलब, जब ईमान-धरम बेचकर लोग पैसा कमाए और मरने पर दूसरों के घरों में दिवाली मनें।
8 महीने में 8 रुपए नहीं
इससे पहले तीन अधिकारियों के सस्पेंड होने के बाद पंजीयन अधिकारी संघ मंत्री से मिलने पहुंचा था, तो उन्होंने क्लास ले डाली थी। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से पूछ लिया था कि आठ महीने मुझे मंत्री बने हुआ है, बताओं इस दौरान मुझे किसी ने आठ रुपए दिया हो तो। या फिर मेरे ये सचिव और आईजी बैठे हैं, इन्होंने लिया हो तो? उन्होंने दो टूक कहा था…पहले क्या हुआ, क्या किए, इससे मुझे कोई मतलब नहीं। बस, मेरे कार्यकाल में गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। वरना, कार्रवाई होगी।
सबसे अधिक कार्रवाई
मंत्री ओपी चौधरी के पास वित्त, आवास पर्यावरण, जीएसटी और पंजीयन जैसे बड़े विभाग हैं। योजना और आर्थिक, सांख्यिकी भी है। बीजेपी सरकार बनने के बाद सबसे अधिक कार्रवाई इन्हीं विभागों में हुई है। जीएसटी के ज्वाइंट कमिश्नर तक सस्पेंड हो चुके हैं। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने मंत्री ने अपने विभागों में सीसीटीवी लगाने का निर्देश दिया है। महीने भर में सभी विभागों में सीसीटीवी लग जाएंगे। इसके अलावा वर्क कल्चर डेवलप करने के लिए उन्होंन बायोमेट्रिक लगाया जा रहा है। ताकि कर्मचारी, अधिकारी टाईम पर आफिस आएं।
कौन हैं ओपी चौधरी
ओपी चौधरी 2005 बैच के आईएएस रहे हैं। 2018 में उन्होंने आईएएस की नौकरी से वीआरएस लेकर सियासत के मैदान में कूद पड़े थे। हालांकि, सियासी कैरियर की शुरूआत में उन्हें बड़ा झटका लगा, जब उन्हें पहले ही चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। मगर 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पिछली हार की भरपाई करते हुए 65 हजार से अधिक वोटों से जीतने में कामयाब रहे।