विधायकजी किधर हैं…? एडिशनल एसपी की टीम सुबह 10 बजे से पूछताछ के लिए कर रही इंतजार, पढ़िये नोटिस में क्या लिखा है

विधायकजी किधर हैं…? एडिशनल एसपी की टीम सुबह 10 बजे से पूछताछ के लिए कर रही इंतजार, पढ़िये नोटिस में क्या लिखा है

Baloda Bazar Voilence रायपुर। भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव की मुश्किलें बढ़ती जा रही। उनके खिलाफ विधानसभा चुनाव के नामंकन पत्र में अपराधिक मामले छुपाने की याचिका बिलासपुर हाई कोर्ट ने मंजूर कर ली है। पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने हाई कोर्ट में अर्जी लगाई थी। उनके खिलाफ ईडी के मामले चल ही रहे हैं। अब वे बलौदा बाजार कलेक्ट्रेट में हुई ऐतिहासिक तोड़फोड़ और आगजनी मामले में पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए बुला रही है।

बलौदा बाजार के कोतवाली थाना प्रभारी ने उन्हें नोटिस भेज आज सुबह दस बजे पूछताछ के लिए बुलाया था। मगर समाचार लिखे जाने तक वे नहीं पहुंचे थे। थाने में एडिशनल एसपी अभिषेक सिंह के साथ पूरी टीम विधायक की प्रतीक्षा कर रही है। पुलिस का कहना है कि सूचना है कि विधायक घर से निकले हैं मगर अभी तक बलौदा बाजार नहीं पहुंचे हैं।

क्या लिखा है नोटिस में

कोतवाली थाना प्रभारी ने नोटिस में लिखा है कि 10 जून को बलौदा बाजार के दशहरा मैदान में आपके द्वारा दिए गए भाषणों के बारे में आपको जानकारी है, जिसके परिणामस्वरूप बलौदा बाजार में अपराधिक घटनाक्रम घटित हुआ। घटना के बारे में बारीकी से पूछताछ के लिए आपकी उपस्थिति कोतवाली थाने में सुबह 10 बजे जरूरी है। आपकी अनुपस्थिति को अनुसंधान में असहयोग समझा जाएगा।

क्या था बलौदा बाजार कांड

सतनामी समाज के जैतखाम को लेकर उपजा विवाद 10 जून को इतना भयावह रूप ले लिया कि कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय को उग्र भीड़ ने तोड़फोड़ के बाद आग के हवाले कर दिया। हिंसक भीड़ के हमले में कई पुलिस कर्मी भी जख्मी हुए। इस मामले में अभी तक 150 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की गई है। पुलिस सीसीटीवी देखकर इस घटना में लिप्त अन्य लोगों की तलाश कर रही है। हिंसक घटना से पहले बलौदा बाजार में सभा हुई थी, जिसमें कई कांग्रेस नेताओं ने भी हिस्सा लिया है। इनमें भिलाई विधायक देवेंद्र यादव भी शामिल थे। हालांकि, देवेंद्र ने बाद में मीडिया को अपनी सफाई में बताया कि वे रायगढ़ जा रहे थे। रास्ते में कुछ देर के लिए सभास्थल पर रुके थे।

कलेक्टर, एसपी सस्पेंड

बलौदा बाजार हिंसा और आगजनी की घटना से पूरा छत्तीसगढ़़ स्तब्ध रही गया था। ऐसी घटना देश में अभी तक नहीं हुई, जिसमें कलेक्टर, एसपी कार्यालय को फूंक दिया गया हो। राज्य सरकार ने इसके बाद कलेक्टर और एसपी को सस्पेंड कर दिया। पुलिस का पूरा अमला भी बदल दिया गया।

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