CM Vishnudeo Sai: वीडियो में देखिए…पीएम के मंच से सीएम का धाराप्रवाह ओजस्वी भाषण, दिखा कांफिडेंस और नया रुप…

CM Vishnudeo Sai: वीडियो में देखिए…पीएम के मंच से सीएम का धाराप्रवाह ओजस्वी भाषण, दिखा कांफिडेंस और नया रुप…

CM Vishnudeo Sai: रायपुर। वैसे छत्तीसगढ़ के बड़े राजनेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप सिंह जूदेव को छोड़ दें तो कोई प्रखर वक्ता नहीं रहा, जो अपने लटके-झटके से पब्लिक को अट्रेक्ट करे। विद्याचरण शुक्ल जैसे देश के दिग्गज नेता का भाषण सारगर्भित होता था मगर अच्छे वक्ताओं में उनकी भी गिनती नहीं होती थी।

15 साल मुख्यमंत्री रहे डॉ0 रमन सिंह दूसरे कार्यकाल में भाषण देने में जरूर मंज गए थे, उसी तरह पूर्व सीएम भूपेश बघेल भी ठेठ लोकल अंदाज में थोड़ा महौल खींच लेते हैं।

मध्यप्रदेश के समय अर्जुन सिंह, मोतीलाल वोरा और दिग्विजय सिंह का भाषण भी सीधा-सपाट रहता था। इन तीनों मुख्यमंत्रियों में पब्लिक को खींचने जैसा कुछ नहीं था। चार बार के मुख्यमंत्री रहे श्यामाचरण शुक्ल भी इसी श्रेणी के वक्ता थे। भाषण कौशल में मध्यप्रदेश के दो ही मुख्यमंत्रियों का नाम जेहन में आता है। पहला सुंदरलाल पटवा और दूसरा शिवराज सिंह। पटवा का भाषण देने का ऐसा निराला अंदाज था कि उन्हें लोग सुनने बरबस चले आते थे। उनके राजनीतिक शिष्य शिवराज सिंह का अंदजा पटवा जैसा तो नहीं है, फिर भी लटके-झटके देकर वे भीड़ को बांध देते हैं।

विष्णुदेव साय का भाषण अपने काम से ज्यादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर केंद्रित रहा। उन्होंने बीजेपी सरकार के कई बड़े मु्द्दों पर अपनी पीठ थपथपाने की बजाए मोदी गारंटी पर भाषण को फोकस किया। उन्होंने नक्सल मोर्चे पर मिली कामयाबी को भी सियासी चतुराई दिखाते हुए जिक्र नहीं किया। मालूम हो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसे पूरा लीड कर रहे हैं। चूकि पीएम मोदी का सरकार बनने के बाद यह पहला सरकारी कार्यक्रम था। पीएम मोदी ने कई दावेदारों के बीच विष्णुदेव साय को सीएम के लिए चुना। फिर विधानसभा, लोकसभा और नगरीय निकाय चुनाव में बीजेपी को सफलता मिली, उसके केद्र में निश्चित तौर पर नरेंद्र मोदी और मोदी गारंटी था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूरी सफलता को मांदी गारंटी से जोड़कर अपनी प्रधानमंत्री के सामने अपनी स्थिति और मजबूत कर ली। करीब 10 मिनट के भाषण में मुख्यमंत्री ने ये काम मैंने किया है…इस मोह में नहीं पड़े। मोदी जैसे लीडर के समक्ष इसे विष्णुदेव का राजनीतिक चातुर्य कहा जा जाएगा।

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