Teacher-School Rationalization: सेटअप के संरक्षण हेतु युक्तियुक्तकरण को लेकर बढ़ने लगा विरोध, छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के चार बड़े संगठन आए एक मंच…
Teacher-School Rationalization बिलासपुर। युक्तियुक्तकरण का तीखा विरोध पूरे प्रदेश में हो रहा है। 2 अगस्त को राज्य शासन द्वारा जारी युक्तियुक्तकरण की नीतियों से शिक्षक वर्ग पूरी तरफ से असंतुष्ट है। शिक्षकों का दावा है कि जो नियम युक्तियुक्तकरण के लिए रखे गये हैं, उससे ना सिर्फ शिक्षकों का सेटअप पूरी तरह से खत्म हो जाएगा, बल्कि शिक्षकों पर भी अनावश्यक दवाब बढ़ेगा।
शिक्षकों के संगठन का कहना है कि सबसे ज्यादा चिंता इस बात को लेकर है कि शिक्षकों के कई पद जहां खत्म हो रहे हैं। 6 कक्षाओं के लिए 2 शिक्षकों का न्यूनतम सेटअप भी अव्यवहारिक है। कई शाला में बालवाड़ी को भी जोड़ा गया है। शिक्षकों का एक खेमा जहां इस मामले को लेकर कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है, तो वहीं शिक्षक का एक बड़ा वर्ग इस मुद्दे पर सड़क की लड़ाई लड़ने को तैयार है।
छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के चार बड़े संगठन अब एक मंच पर आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, शालेय शिक्षक संघ और नवीन शिक्षक संघ एक मंच पर आ गये हैं। गुरुवार को चारों बड़े शिक्षक के प्रांताध्यक्षों की एक बैठक होने जा रही है। बैठक में युक्तियुक्तकरण के विरोध की रणनीति तैयार की जायेगी। दोपहर बाद 2 बजे से टीचर्स एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय शर्मा, शालेय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष विरेंद्र दुबे, सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा और नवीन शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष विकास राजपूत की बैठक होगी, जिसमें संयुक्त मोर्चा के साझा कार्यक्रम के तहत युक्तियुक्तकरण के विरोध की रणनीति तैयार की जायेगी।
केदार जैन से मोर्चा में शामिल होने की अपील
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, शालेय शिक्षक संघ, सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन और नवीन शिक्षक संघ के प्रांतीय प्रमुख ने संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष केदार जैन से मोर्चा में शामिल होने की अपील की है। साथ मे कई लड़ाई लड़े है, अतः शिक्षकों के सामूहिक हित मे शिक्षक मोर्चा में शामिल होकर शासन जो कड़ा और तीखा संदेश दिया जाए। शिक्षक मोर्चा ने अपील की है कि वे 16 मार्च के कार्यक्रम को स्थगित कर मोर्चा में शामिल हो और कल होने वाली संयुक्त मोर्चा की बैठक में शामिल होकर रणनीति के तहत युक्तियुक्तकरण के विरोध में लड़े, एक असरदार व प्रभावशील रणनीति से मिलकर आगे बढें।






