Surya Arghya Vidhi: सूर्य देव को अर्घ्य देने से होंगे ये चमत्कारी लाभ, समस्याओं का होगा अंत

Surya Arghya Vidhi: सूर्य देव को अर्घ्य देने से होंगे ये चमत्कारी लाभ, समस्याओं का होगा अंत

Surya Arghya Vidhi: दिन की शुरुआत हमेशा शुभ कामों के साथ करनी चाहिए, ताकि पूरे दिन में पॉजिटिव एनर्जी आये और आपकी सारी परेशानियाँ समाप्त हो जाएं. मन जाता है की है कि सुबह-सुबह उगते सूर्य को जल अर्पित करने से समस्याओं का समाधान होता है, साथ ही भाग्य भी उदय होता है. सूर्योदय के समय सूर्य देव की पूजा से जीवन में समृद्धि और शांति आती है.

सूर्य देव जीवन में ऊर्जा, स्वास्थ्य और सफलता का प्रतीक हैं. सूर्य देव की पूजा से शारीरिक और मानसिक समस्याएं दूर होती हैं, शास्त्रों में सूर्य देव को जल अर्पित करने की विधि दी गई  है, और यह माना जाता है कि यह एक शक्तिशाली उपाय है जो जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है.

सूर्य को जल देने की विधि

1. स्नान करें और शुद्ध होकर बैठें – सूर्य को जल अर्पित करने से पहले, सूर्योदय से पूर्व स्नान कर शुद्ध हो जाएं. यह महत्वपूर्ण है कि आप शुद्ध मानसिकता के साथ सूर्य देव की पूजा करें.

2. कुश आसन पर बैठें – नहाने के बाद आसन पर बैठें, आसन शुद्ध हो और आप सूर्य देव की पूजा के लिए पूरी श्रद्धा के साथ तैयार हों.

3. तांबे के पात्र में जल लें – तांबे के पात्र में पवित्र जल भरें. जल में मिसरी, लाल चंदन और लाल फूल डालें. यह मिश्रण सूर्य देव की पूजा को प्रभावी बनाता है। कहा जाता है कि मीठा जल चढ़ाने से जन्मकुंडली के दूषित मंगल का इलाज होता है.

4. जल अर्पित करें – जैसे ही सूर्य देव के सामने ऑरेंज किरणें फैलने लगें, आप दोनों हाथों से तांबे के लोटे को पकड़कर सूर्य को जल अर्पित करें. पानी सीधे जमीन पर नहीं गिरना चाहिए ,पानी आसन पर ही गिरे. इससे सूर्य की एनर्जी सीधे आप तक पहुंचेगी.

5. मंत्र का जाप करें – सूर्य देव को जल अर्पित करते समय मंत्रों का जाप करें.

• “ऊं आदित्य नम:”

• “ऊं घृणि सूर्याय नम:”

यह मंत्र सूर्य देव की विशेष कृपा को आकर्षित करता है और आपको सकारात्मक परिणाम देता है.

सूर्य को जल देने का समय: सूर्य को जल देने का सबसे अच्छा समय सूर्योदय से एक घंटे पहले का होता है. हालांकि, आप अपनी दिनचर्या के अनुसार इस समय को एडजस्ट कर सकते हैं, लेकिन सूर्योदय के समय सूर्य देव की पूजा से ज्यादा लाभ मिलता है. शास्त्रों में यह कहा गया है कि जितनी जल्दी आप सूर्य देव की पूजा शुरू करेंगे, उतना अधिक पुण्य प्राप्त होगा.

रविवार का दिन सूर्य पूजा के लिए श्रेष्ठ

रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित होता है और इसे विशेष रूप से सूर्य पूजा के लिए उत्तम माना गया है. इस दिन सूर्य देव की पूजा से विशेष फल प्राप्त होते हैं और यह दिन हर व्यक्ति के लिए मंगलकारी होता है. आप हर रविवार सूर्य देव की पूजा करते हैं, तो आपकी सारी परेशानियाँ दूर हो सकती हैं और भाग्य का उदय हो सकता है.

सूर्य को जल देने के लाभ

1. विवाह में देरी की समस्या

यदि किसी व्यक्ति के विवाह में देरी हो रही हो, तो सूर्य को रोज जल देने से अच्छे रिश्ते मिलते हैं और जल्दी शादी के योग बनते हैं.

2. मान-सम्मान में वृद्धि

सूर्य देव को जल अर्पित करने से मान-सम्मान में वृद्धि होती है और व्यक्ति को समाज में प्रतिष्ठा मिलती है.

3. भाग्य का उदय

नियमित सूर्य पूजा से व्यक्ति का भाग्य जाग्रत होता है और जीवन में समृद्धि आती है. सूर्य देव की कृपा से जीवन की मुश्किलें आसान होती हैं.

4. शक्ति और ऊर्जा में वृद्धि

  • सूर्य देव के जल से शरीर में ऊर्जा का प्रवाह होता है, जिससे व्यक्ति के स्वास्थ्य में सुधार और मानसिक शक्ति में वृद्धि होती है.
  • सूर्य को जल अर्पित करते समय इन बातों का रखें ध्यान
  •  सूर्य को जल अर्पित करने से पहले नहा कर शुद्ध रहें. बिना नहाये सूर्य को जल अर्पित करना सही नहीं माना जाता.
  • सूर्योदय के समय सूर्य को जल अर्पित करें, क्योंकि बाद में सूर्य की किरणें तेज हो जाती हैं, जिससे उतना लाभ नहीं मिल पाएगा 
  • अर्घ्य देने के बाद मंत्र जाप करें, ताकि इससे ज्यादा लाभ प्राप्त हो सके.
  • जल के छींटे आपके पैरों पर गिरते हैं तो पूरी तरह से लाभ आपको नहीं मिल पाएगा.
  • जो लोग सूर्य को जल अर्पित करते हैं, उन्हें अपने पिता और परिवार का सम्मान करना चाहिए. यह सूर्य देव की पूजा का एक अहम पहलू है.

विशेष उद्देश्य के लिए सूर्य पूजा

1. शिक्षा और एकाग्रता के लिए

जल में नीला रंग मिलाकर अर्घ्य देने से शिक्षा में सफलता मिलती है और मानसिक एकाग्रता में वृद्धि होती है.

2. स्वास्थ्य और ऊर्जा के लिए

रोली या लाल चंदन मिलाकर सूर्य को जल अर्पित करने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और स्वास्थ्य में सुधार होता है.

3. तुरंत विवाह के लिए

हल्दी मिलाकर सूर्य को जल देने से तुरंत विवाह होता है और वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है.

4. इंटरव्यू में सफलता के लिए

जल में लाल गुड़हल का फूल डालकर सूर्य को अर्घ्य देने से इंटरव्यू और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलती है.

5. पितर शांति और बाधा निवारण के लिए

तिल और अक्षत मिलाकर सूर्य को अर्घ्य देने से पितरों की शांति होती है और जीवन की बाधाएं खत्म होती हैं.

6. जीवन के सभी हिस्सों में लाभ के लिए

यदि कोई सामान्य लाभ प्राप्त करना चाहता है, तो वह सादा जल अर्पित कर सकता है.

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