छत्तीसगढ़ के किसी भी स्कूल में योग टीचर नहीं, और 46 हजार स्कूलों में 13 साल से बांटी जा रही योग की किताबें

छत्तीसगढ़ के किसी भी स्कूल में योग टीचर नहीं, और 46 हजार स्कूलों में 13 साल से बांटी जा रही योग की किताबें

Chhatisgarh Mansoon session 2024 रायपुर। प्रदेश के 46 हजार से अधिक शासकीय स्कूलों में वर्ष 2010-11 से योग शिक्षा की किताबों का वितरण किया जा रहा है। पर किसी भी स्कूल में नियमित योग शिक्षक की नियुक्ति नहीं हो पाई है। यहां तक की आज दिनांक तक योग शिक्षकों की कोई भर्ती नहीं हुई है। इस मामले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सदन को जानकारी दी।

विधायक संदीप साहू ने प्रश्न पूछा था कि कितने शासकीय स्कूलों में किस वर्ष से योग शिक्षा की किताब का वितरण किया जाता है? योग शिक्षा के लिए प्रतिवर्ष स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कितना पैसा योग शिक्षा प्रशिक्षण के नाम पर खर्च किया जाता है? योग शिक्षा को पढ़ाने के लिए नियमित योग शिक्षक का पद सृजित है या नहीं? और यदि है तो कितने पद सृजित है? यदि योग शिक्षक की भर्ती वर्तमान तक नहीं की गई है तो वर्तमान में योग शिक्षक के दायित्व का निर्वाह किनके द्वारा किया जा रहा है? नियमित शिक्षकों की भर्ती कब तक कर ली जाएगी?

जिसके जवाब में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि प्रदेश के 46907 स्कूलों में योग शिक्षा की किताबों का वितरण किया जा रहा है। जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र में हैं। इसके अलावा योग शिक्षा पर हुए व्यय की वर्षवार जानकारी भी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र में उपलब्ध हैं। नियमित योग शिक्षक का पद प्रदेश में सृजित नहीं है। इसलिए प्रदेश में योग शिक्षकों की भर्ती नहीं की गई है। मुख्यमंत्री ने अपने लिखित जवाब में बताया कि पद सृजित नहीं होने के चलते स्कूलों में योग शिक्षक के पदों पर भर्ती नहीं की गई है। आगे भी योग शिक्षक की भर्ती की कोई योजना नहीं है। वर्तमान में योग शिक्षा का दायित्व स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षक व व्यायाम शिक्षक निभा रहे हैं।

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