छत्तीसगढ़ के विकास को गति देने वाला बजट, सोशल सेक्टर, उद्योग, पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा सरकार का बजट

छत्तीसगढ़ के विकास को गति देने वाला बजट, सोशल सेक्टर, उद्योग, पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा सरकार का बजट

रायपुर। संसाधन संपन्न राज्य शासन और प्रौद्योगिकी को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, साथ ही बुनियादी ढांचे के विकास को तेज कर रहा है ताकि आर्थिक रूप से जीवंत और औद्योगिक रूप से उन्नत राज्य में तब्दील हो सके। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का बजट पेश किया, जो कुल 1.65 लाख करोड़ रुपये का है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रस्तुत छत्तीसगढ़ सरकार का दूसरा बजट प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और विकास की गति तेज करने वाला है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सदन में बजट पेश किया। यह बजट 1 लाख 65 हजार करोड़ रुपए का है, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 से 17,554 करोड़ रुपए अधिक है। ओपी चौधरी ने नवा रायपुर में मेडिसिटी और एजुकेशन सिटी की स्थापना के साथ राष्ट्रीय महत्व के नए संस्थान निफ्ट शुरू करने का ऐलान किया। सदन में वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में अलग-अलग विभागों में बड़ी संख्या में नई भर्तियां होंगी।

इस बजट में आर्थिक पुनरुद्धार, बुनियादी ढांचे के विकास और सामाजिक कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ओपी चौधरी ने इस साल के बजट के फोकस पर चर्चा करते हुए कहा कि पिछले साल के बजट में जहां ज्ञान (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) थीम पर ध्यान केंद्रित किया गया था, वहीं इस साल के बजट का उद्देश्य ज्ञान के लिए ’गति’ थीम के तहत राज्य में प्रगति को आगे बढ़ाना है ताकि अब तक हुई प्रगति को आगे बढ़ाया जा सके। वित्त मंत्री के मुताबिक ळ।ज्प् में ळ का मतलब है सुशासन। का मतलब है इंफ्रास्ट्रक्चर को गति देना, ज् का मतलब है तकनीक और प् का मतलब है औद्योगिक विकास। पिछले साल का बजट समावेशी विकास पर केंद्रित था, लेकिन समावेशी विकास के लिए आर्थिक विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है। युवाओं, महिलाओं और गरीबों की आकांक्षाओं को आर्थिक विकास के बिना पूरा नहीं किया जा सकता, इसलिए कल्याण की अवधारणा को टिकाऊ बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने अपने बजट में ळ।ज्प् के बारे में सोचा।

ओपी चौधरी कहते हैं कि हम तीव्र आर्थिक विकास लाना चाहते हैं और जब तीव्र आर्थिक विकास होगा, तो सरकार के पास कल्याणकारी योजनाएं लाने और समाज के अंतिम छोर तक समावेशी विकास सुनिश्चित करने की वित्तीय क्षमता होगी, ये हमारा दर्शन है। ओपी चौधरी ने कहा कि कोई नया कर लगाए बिना या मौजूदा दरों में वृद्धि किए बिना, बजट को राज्य को दीर्घकालिक विकास और विकास पर स्पष्ट ध्यान देने के साथ एक आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की ओर ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। बढ़े हुए आवंटन के साथ, बजट का उद्देश्य बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देना है, जिससे ऐसा माहौल बने जो सार्वजनिक और निजी दोनों तरह के निवेशों को आकर्षित करे। कृषि के लिए मुफ्त बिजली, आवास कार्यक्रम और कौशल विकास के अवसरों जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं, किसानों और ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

सुशासन का मतलब सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सहभागिता को बढ़ाना है। आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सड़कों, पुलों और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास में निवेश करना बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित करने का हिस्सा है। ओपी चौधरी ने कहा कि हमने प्रौद्योगिकी का उपयोग किया है, प्रक्रिया को सरल बनाया है, अनुपालन बोझ को कम किया है, राज्य में व्यापार करना आसान बनाया है और पारदर्शिता लाई है। हमने प्रक्रियाओं और शासन को बेहतर बनाने के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि राज्य, जिसे पेट्रोल और डीजल की सबसे अधिक कीमतों वाले राज्यों में गिना जाता था, उसने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बजट में ईंधन पर वैट में कटौती की।

बजट में नई योजनाएं

0 मुख्यमंत्री परिवहन योजनाः ग्राम पंचायत से ब्लॉक, जिला स्तर पर सार्वजनिक परिवहन सेवा विकसित होगी।

0 मोबाइल टावर योजनाः जिन गांवों में मोबाइल नेटवर्क नहीं, वहां कंपनियां टॉवर लगा सकेंगी।

0 नगरोत्थान योजनाः शहरों में मूलभूत सुविधाएं विकसित करने के लिए ये योजना शुरू होगी।

0 बायपास एवं रिंग रोड योजनाः एक्सप्रेस-वे की तरह बड़े शहरों में रिंग रोड व बायपास बनाए जाएंगे।

0 गृह प्रवेश सम्मान योजनाः पीएम आवास में जो गृह प्रवेश करेंगे, उन्हें सम्मान राशि दी जाएगी।

0 गवर्नेस फेलोशिपः आईआईटी और आईआईएम के छात्रों को फैलोशिप देने का प्रावधान है।

0 सियान केयर योजनाः बुजुर्गों की देखरेख के लिए जिलों में केयर सेंटर बनाए जाएंगे।

0 सूर्य घर मुफ्त बिजली योजनाः प्रदेश में सौर बिजली की खपत बढ़ाने के लिए ये योजना शुरू की जा रही है।

0 अटल सिंचाई योजनाः पुरानी सिंचाई परियोजनाओं को योजनाबद्ध पूरा करने का लक्ष्य है।

0 कार्यान्वयनः नई स्टार्टअप नीति बनेगी। युवाओं को नए प्रयोगों के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

वर्तमान, भविष्य की जरूरतों को पूरा करता बजटः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा में अपनी सरकार के दूसरे साल के प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट वर्तमान की जरूरतों को पूरा करते हुए भविष्य में विकसित छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। इस बजट से छत्तीसगढ़ के विकास को तीव्र गति मिलेगी। इसमें धान के कटोरे की चमक ‘कृषि अर्थव्यवस्था‘ को संवारने के उपायों के साथ ही इंडस्ट्रियल हब और आईटी हब के रूप में छत्तीसगढ़ को तैयार करने की ठोस नींव रखी गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमने छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है।

इसके लिए बहुत जरूरी है कि हम आधुनिक समय के मुताबिक अपनी अर्थव्यवस्था को तैयार करें, बजट में पूरा फोकस इसी पर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमें प्रदेश में बदहाल राजकोष और कुशासन की विरासत मिली थी। हमने राजकोषीय सुधारों के साथ प्रशासनिक प्रणालियों में सुधार करते हुए बजट के संतुलित उपयोग से प्रदेश में जनकल्याण के कार्य पुनः आरंभ कराए। अब छत्तीसगढ़ में विकास ट्रैक पर आ गया है और ट्रिपल इंजन की सरकार इसे तेजी से गति दे रही है। बजट प्रावधानों से यह गति और बढ़ेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पिछले बजट में विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप समावेशी विकास की राह तैयार हुई और हमारा फोकस ज्ञान अर्थात गरीब, युवा, अन्नदाता और नारीशक्ति पर था। इनके लिए हमने जिस तरह से नवाचारी योजनाएं लागू कीं, उसके प्रभावी नतीजे मिले।

नई उड़ान भरेगा छत्तीसगढ़ः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए हमने बड़े सपने देखे हैं और उन्हें पूरा करने की रणनीति भी तैयार कर ली है। इन्हें पूरा करने के लिए हमारी ट्रिपल इंजन की सरकार पूरी रफ्तार से काम करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बजट में मानव संसाधन को सहेजने के लिए नये अस्पतालों, आधुनिक स्कूलों और इनमें पर्याप्त स्टाफ के संबंध में व्यवस्था की है। राज्य की नई औद्योगिक नीति की जरूरतों को पूरा करने 12 नए इंजीनियरिंग कालेज और 12 पालिटेक्निक कालेज आरंभ करेंगे। नये बिजनेस और स्टार्टअप के लिए 700 करोड़ रुपए का इंडस्ट्रियल सब्सिडी सपोर्ट रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार पूंजीगत व्यय 26 हजार करोड़ रुपए से अधिक रखा गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत है। पूंजीगत व्यय में किये गये निवेश का कई गुना रिटर्न मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट समावेशी है और सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के हमारे ध्येय के मुताबिक तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट के साथ हमारा प्रदेश नये संकल्पों के साथ अपने सपनों को पूरा करने एक नई उड़ान भरेगा।

कई रातें जागकर हाथ से 100 पेज में लिखा बजट

छत्तीसगढ़ विधानसभा में तिहासिक क्षण देखने को मिला जब वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने हस्तलिखित बजट पेश किया। यह पहला मौका है जब राज्य में कंप्यूटर-टाइप्ड बजट की जगह खुद वित्त मंत्री के हाथों से लिखा गया बजट सदन में प्रस्तुत किया। यह बजट 100 पृष्ठों की है, जिसे पूरी तरह हाथ से लिखा गया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे परंपराओं की ओर वापसी और मौलिकता को बढ़ावा देने का कदम बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में हस्तलिखित बजट पेश करना एक अलग पहचान और ऐतिहासिक महत्व रखता है। अब तक छत्तीसगढ़ विधानसभा में केवल कंप्यूटर-टाइप्ड बजट ही पेश किए जाते रहे हैं, लेकिन इस बार परंपरागत और अनूठे अंदाज में बजट तैयार किया गया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी का मानना है कि इससे प्रामाणिकता और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।

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