Tender Scam: CGMSC ने किया एक और खेला: एक काम के लिए दो टेंडर, दोनों में अलग-अलग शर्ते…

Tender Scam: CGMSC ने किया एक और खेला: एक काम के लिए दो टेंडर, दोनों में अलग-अलग शर्ते…

Tender Scam: रायपुर। विवादों के घेरे में फंसे सीजीएमएससी के अफसरों ने एक और कारनामा को अंजाम दे दिया है। इस बार मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में प्रस्तावित 200 बिस्तर जिला अस्पताल के निर्माण के लिए बुलाए गए टेंडर में गड़बड़ी का आरोप विधायक इंद्रशाह मंडावी ने लगाते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा है। विधायक ने पत्र में सीजीएमएससी के अधिकारियों द्वारा अस्पताल निर्माण के लिए इकलौते ठेका कंपनी को टेंडर जारी कर नियमों की अवहेलना करने का आरोप लगाया है। विधायक शाह ने इस फर्जीवाड़े की प्रदेश स्तरीय जांच समिति बनाकर विस्तृत जांच की मांग की है। विधायक के आरोप से एक बार फिर सीजीएमएससी का दामन दागदार हो गया है।

विधायक शाह ने सीएम विष्णुदेव साय को लिखे पत्र में उल्लेख किया है कि मोहला मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के लिए सीजीएमएससी में 200 बिस्तर जिला अस्पताल भवन निर्माण हेतु ऑनलाइन टेंडर 22.08.2024 को जारी किया था। टेंडर जमा करने की तिथि 12.09.2024 थी। टेंडर खोलने की तिथि 13.09.2024 निर्धारित की गई थी। जिले के तीन फर्मों रामराजा मिनरल्स एंड कंस्ट्रक्शन प्रा. लिमिटेड रायपुर, वीर प्रोजेक्ट कंपनी एवं फर्म नाकोड़ा कंस्ट्रक्शन दल्ली राजहरा ने टेंडर भरा था।

तीन महीने विलंब से खोला टेंडर, उसमें भी भारी गड़बड़ी

टेंडर खोलने की तिथि 13.09.2024 ऑनलाइन दर्शायी गयी थी, लेकिन विभाग ने इन टेंडरों को तीन महीने बाद 05.12.2024 को खोला। इस दौरान रामराजा मिनरल्स एंड कंस्ट्रक्शन प्रा. लिमिटेड रायपुर एवं वीर प्रोजेक्ट कंपनी का टेंडर टेक्नीकल त्रुटि के चलते निरस्त किया और तीसरी बची एकमात्र फर्म नाकोड़ा कंस्ट्रक्शन को अस्पताल भवन निर्माण का ठेका राशि 35 करोड़ 65 लाख में दे दिया। तीन में से दो कंपनी को बाहर करने के बाद शेष बचे इकलौती ठेका कंपनी को नियमों का उल्लंघन करते हुए ठेका दे दिया गया है।

क्या है नियम

नियमों के हवाले से किसी भी टेंडर मे भाग लेने वाले फर्मों में एक को छोड़ कर यदि बाकी सभी फर्मों का टेंडर तकनीकी त्रुटि के चलते निरस्त कर दिया जाता है, तब ऐसी स्थिति में बची हुई एकमात्र फर्म के टेंडर को संबंधित विभाग एकपक्षीय पास नहीं कर सकता है। ऐसी स्थिति में पूर्व में निकाले गये टेंडर को निरस्त कर नियमानुसार उसी कार्य हेतु पुनः टेंडर किया जाना चाहिये था, परंतु जिला अस्पताल मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी के लिए जारी किये गये टेंडर को निरस्त करने के बजाए सीजीएमएससी ने दल्लीराजहरा की फर्म नाकोड़ा कंस्ट्रक्शन को एकपक्षीय टेंडर पास कर दिया।

ठेका कंपनी ने काम किया इंकार तो निकाला दोबारा टेंडर, दोनों में नियम व शर्तें अलग-अलग

विधायक शाह ने लिखा है कि उक्त मामले में सीजीएमएससी के एससी अखिलेश तिवारी के द्वारा बताए जानकारी के अनुसार मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले हेतु पूर्व में 28.08.23 को टेंडर निकाला गया था. जिसमें भवन निर्माण कार्य सुपेला भिलाई के अमित जैन को मिला। लेकिन किसी कारणवश उसे निरस्त करना पड़ा। उसके बाद विभाग ने इसी काम के लिए 22.08.24 को दोबारा टेंडर निकाला है, लेकिन 22.08.24 का टेंडर एवं 28. 08.23 के टेंडर में बहुत भिन्नता है।

विधायक शाह ने पत्र में लिखा है कि नियमतः विभाग द्वारा जारी पहले टेंडर किसी कारणवश निरस्त कर दिया जाता है, तो दोबारा उसी कार्य के लिए जारी किए गए टेंडर में नियम, शर्ते, जगह एवं राशि आदि पहले की ही तरह होनी चाहिए। परंतु इस मामले में सीजीएमएससी के आला अधिकारियों से जानकारी मांगे जाने पर उनके द्वारा कोई भी जानकारी नहीं दी जा रही है।

अफसरों ने सरकार को पहुंचाई वित्तीय क्षति

यह मामला पूर्ण रूप से शासन-प्रशासन को वित्तीय क्षति की मंशा से किया जाना प्रतीत होता है। सीजीएमएससी अपनी कार्यशैली के चलते आए दिन सुर्खियों में बना रहता है। पूर्व में भी यहां बड़े घोटाले होते रहते हैं, जिसकी केंद्र और राज्य स्तर पर जांच चल रही है। विभाग के द्वारा नियम कायदे कानून को दरकिनार करते हुए नियम विरूद्ध फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। जिसकी त्वरित जांच प्रदेश स्तरीय जांच समिति से कराकर संबंधित विभाग एवं मातहत अधिकारियों के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने की महती कृपा करेंगे।

विधायक ने इनको भी दी जानकारी

अमिताभ जैन, मुख्य सचिव, छग शासन, अमित कटारिया, सचिव, सीजीएमएससी, पदमिनी भोई साहू, प्रबंध संचालक, सीजीएमएससी, तूलिका प्रजापति, कलेक्टर मोहला-मानुपर-अंबागढ़ चौकी।

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