किसानों की खून पसीने की कमाई पर डाका, डिप्टी रजिस्ट्रार को शोकाज नोटिस…

किसानों की खून पसीने की कमाई पर डाका, डिप्टी रजिस्ट्रार को शोकाज नोटिस…

बिलासपुर। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक और मार्कफेड की निगरानी के बाद भी समितियों और खरीदी केंद्रों में धान खरीदी में भारी मनमानी की जा रही है। किसान लगातार इस बात की शिकायत कर रहे हैं कि समितियों में सूखत के नाम पर जबरन ज्यादा धान की तौलाई की जा रही है। डेढ़ से दो किलोग्राम प्रति तौल में ज्यादा लिया जा रहा है। किसानों की मजबूरी ये कि अगर मना करते हैं तो धान की तौलाई नहीं होगी और दोबारा टोकन के लिए इंतजार करना पड़ेगा। कलेक्टर को मिली शिकायत के बाद नाराज कलेक्टर ने उप पंजीयक सहकारिता मंजू पांडेय को शोकाज नोटिस जारी कर इस पूरे में जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। कलेक्टर ने यह भी चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में जवाब ना मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि कलेक्टर ने उप पंजीयक सहकारिता मंजू पांडेय से 24 घंटे के भीतर जवाब देने कहा है।

उप पंजीयक को जारी नोटिस में कहा गया है कि 30 दिसम्बर को पचपेड़ी क्षेत्र की सेवा सहकारी समिति सोन का तहसीलदार द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सोसायटी में रखे 163 बोरी धान की समक्ष में तौलाई की गई। तौल में औसत वजन 41.673 किलोग्राम प्रति बोरी पाया गया, जो कि धान भरी हुई बोरी के मानक वजन 40.600 किलोग्राम से 1 किलोग्राम अधिक था। स्थल पर नोडल अधिकारी भी गायब थे। कलेक्टर द्वारा जारी नोटिस में यह भी लिखा है कि आपको पूर्व में ही निर्देशित किया गया है कि समितियों का सतत् निरीक्षण करती रहें और मानक के अनुसार ही धान की तौलाई होना सुनिश्चत हो। परन्तु यह पाया गया कि धान का वजन मानक से 1 किलोग्राम अधिक लिया जा रहा है। ऐसा लगता है कि अधीनस्थ कर्मचारियों पर आपका कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। अतः कारण बताएं कि उपरोक्त कृत्य के लिए आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव क्यों न प्रेषित किया जाये। इस संबंध में 24 घण्टे के भीतर जवाब तलब किया गया है अन्यथा एकतरफा कार्रवाई की जायेगी।

0 किसानों को ऐसे लगा रहे चूना

किसान बारदाना में धान की तौलाई के लिए धान लेकर जाते हैं। आमतौर पर औसतन एक बारदाने का वजन 500 ग्राम होता है। धान तौलाई के लिए तय मानक के अनुसार एक बोरे में 40 किलोग्राम वजन का धान तौला जाना है। बारदाने के वजन के बाद 40 किलो 500 ग्राम धान की तौलाई की जानी चाहिए। खरीदी केंद्रों में इससे ज्यादा या तो 41 या फिर 42 किलोग्राम धान की तौलाई की जा रही है। किसान मजबूरी में ज्यादा धान दे रहे हैं। एक समिति लाखों रुपये का धान वारा-न्यारा कर रही है। किसान लगातार शिकायत कर रहे हैं, इसके बाद भी समितियों में किसी तरह का कोई अंकुश नहीं है।

0 समूचे छत्तीसगढ़ में है ऐसी स्थिति

बिलासपुर के अलावा समूचे छत्तीसगढ़ में इस तरह की स्थिति बनी हुई है। किसान लगातार शिकायत कर रहे हैं, इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

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