Sambhal Crime News: संभल का धनवर्षा गिरोह, तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी और लड़कियों का यौन शोषण, 200 अश्लील वीडियो बरामद!

Sambhal Crime News: संभल का धनवर्षा गिरोह, तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी और लड़कियों का यौन शोषण, 200 अश्लील वीडियो बरामद!

Sambhal Crime News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो “धनवर्षा” के नाम पर लोगों को झांसा देकर ठगी और गरीब लड़कियों का यौन शोषण करता था। इस गिरोह के 14 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से 200 से अधिक अश्लील वीडियो, तांत्रिक सामग्री, दुर्लभ कछुआ, और अवैध हथियार बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह पिछले 7-8 साल से सक्रिय था और सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बना चुका था। इसका नेटवर्क दिल्ली, यूपी, पंजाब, राजस्थान और खास तौर पर आगरा में फैला हुआ था। आइए जानते हैं इस घिनौने खेल की पूरी कहानी।

कैसे काम करता था धनवर्षा गिरोह?

यह गिरोह गरीब परिवारों को निशाना बनाता था। लोगों को लालच दिया जाता था कि तंत्र-मंत्र से उनके घर में “नोटों की बारिश” होगी। इसके लिए दुर्लभ वस्तुओं जैसे 20 नख वाला कछुआ, दो मुंहा सांप, उल्लू या विशेष सीरियल नंबर वाले नोटों की जरूरत बताई जाती थी। गिरोह के सदस्य परिवारों को यह कहकर फंसाते थे कि उनकी कुंवारी लड़कियां “विशेष गुणों” वाली हैं, जिन पर तांत्रिक क्रिया से धनवर्षा संभव है।

  • तंत्र क्रिया का ढोंग: परिवार वालों को बाहर कर दिया जाता था। फिर लड़कियों के प्राइवेट पार्ट की “पूजा” के नाम पर शोषण शुरू होता था।
  • वीडियो रिकॉर्डिंग: इस दौरान लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाए जाते थे, जिन्हें बाद में पोर्न साइट्स पर बेचने का शक है।
  • कोड भाषा: लड़कियों को “टीटी” और दुर्लभ वस्तुओं को “आर्टिकल” कहा जाता था।

गिरोह का खुलासा कैसे हुआ?

21 मार्च 2025 को धनारी थाने में राजपाल नामक युवक ने शिकायत दर्ज की। उसने बताया कि कुछ लोग उसे तंत्र क्रिया के लिए नरौरा ले गए, जहां उसके साथ मारपीट की गई और बलि देने की कोशिश हुई। वह किसी तरह भाग निकला। पुलिस ने इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई शुरू की। जांच में रिंकू, अजय, संतोष और दुर्जन नाम के आरोपियों को पकड़ा गया, जिनके मोबाइल से इस गिरोह का पूरा नेटवर्क सामने आया।

तस्करी और शोषण का काला धंधा

यह गिरोह सिर्फ ठगी तक सीमित नहीं था। यह तंत्र-मंत्र की आड़ में:

  • यौन शोषण: गरीब लड़के-लड़कियों का शारीरिक शोषण करता था।
  • मानव तस्करी: इनका इस्तेमाल अन्य जगहों पर भी किया जाता था।
  • वन्य जीव तस्करी: दुर्लभ कछुए, सांप और उल्लू जैसी प्रजातियों की अवैध खरीद-फरोख्त में शामिल था।

एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि गिरोह का नेटवर्क यूपी के एटा, आगरा, फिरोजाबाद सहित कई जिलों में फैला था। हाल ही में आगरा में इसकी गतिविधियां तेजी से बढ़ रही थीं।

गिरफ्तार सदस्य और बरामदगी

  • पुलिस ने 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें तीन “गुरु” (तांत्रिक) शामिल हैं। इनमें आगरा के यमुना ब्रिज स्टेशन मास्टर रघुवीर भी शामिल है। प्रमुख नाम:
  • राघवेंद्र (आगरा), सोनू उर्फ अन्ना (फिरोजाबाद), पप्पू (आगरा)।
  • रिंकू, अजय सिंह, दुर्जन, संतोष (संभल और आसपास के इलाके)।

बरामद सामान:

  • 200+ अश्लील वीडियो और ऑडियो।
  • मोबाइल फोन, तांत्रिक सामग्री।
  • एक दुर्लभ कछुआ और अवैध हथियार।

पुलिस की कार्रवाई

संभल पुलिस ने इस ऑपरेशन को अंजाम देकर गिरोह के 14 सदस्यों को जेल भेज दिया। एसपी ने खुलासा करने वाली टीम को 25,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की। अन्य सदस्यों की तलाश के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या ये वीडियो पोर्न साइट्स पर बेचे जा रहे थे।

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