करोड़ों के मुआवजा घोटाले में आरआई के खिलाफ FIR दर्ज, बर्खास्तगी का भी प्रस्ताव, इधर आरआई सस्पेंड…

करोड़ों के मुआवजा घोटाले में आरआई के खिलाफ FIR दर्ज, बर्खास्तगी का भी प्रस्ताव, इधर आरआई सस्पेंड…

बिलासपुर। अरपा भैंसाझार परियोजना के चकरभाठा वितरण नहर निर्माण में भूमि अधिग्रहीत करने और मौज बांटने में करोड़ों की गड़बड़ी के मामले में जांच में पुष्टि होने पर तत्कालीन पटवारी और वर्तमान आरआई मुकेश साहू के खिलाफ एफआईआर की गई है। आरआई ने पटवारी रहने के दौरान भू अर्जन प्रकरण में चार बार विरोधाभासी प्रतिवेदन पेश किया और भू अर्जन तथा मुआवजा बनाने में गड़बड़ी की। जमीन मालिक को लाभ पहुंचा शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने पर कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर सकरी थाने में दोषी आरआई मुकेश साहू के खिलाफ एफआईआर करवाई गई है।

अरपा भैंसाझार परियोजना में मुआवजा बांटने की आड़ में तत्कालीन हल्का पटवारी नंबर 45 मुकेश साहू के द्वारा शासन को 3 करोड़ 42 लाख रुपए की क्षति पहुंचाई गई। मुकेश साहू ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और भू अर्जन अधिकारी कोटा को भू अर्जन के प्रकरण में एक खसरे का चार अलग– अलग रकबा दर्शाते हुए विरोधाभासी प्रतिवेदन दिया था। बटांकित खसरा नंबरों को बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के बगैर ही मर्ज कर दिया गया। मामले में पटवारी साहू के खिलाफ विभागीय जांच चल रही थी। जांच के दौरान उसे निलंबित कर दिया गया था। जांच रिपोर्ट में मुकेश साहू के खिलाफ एक खसरा नंबर का अलग– अलग रकबा दिखा मुआवजा बांटने में तीन करोड़ 42 लाख 17 हजार 920 रुपए की गड़बड़ी का खुलासा हुआ।

मनोज अग्रवाल को किया गया अवैध भुगतान

मुआवजा देयक पत्रक में खसरा नंबर 1/4 रकबा,0.03 एकड़ को सिंचित और दो फसली बता कर अवैध रूप से 37 लाख 37 हजार और खसरा नंबर 1/6 रकबा 0.62 एकड़ में एक करोड़ रुपए मुआवजा भुगतान अवैध तरीके से मनोज अग्रवाल पिता पवन अग्रवाल को किया गया। मामले के संज्ञान में आने पर कलेक्टर अवनीश शरण ने जांच टीम बनाई थी। जांच टीम ने कल सोमवार को कलेक्टर अवनीश शरण को रिपोर्ट सौंप दी थी। इसमें आरआई मुकेश साहू द्वारा तीन करोड़ 42 लाख 17 हजार 920 रुपए की गड़बड़ी करने की पुष्टि हुई है।

जांच में तत्कालीन हल्का पटवारी नंबर 45 मुकेश साहू ने सकरी में पदस्थापना के दौरान भू अर्जन प्रकरण क्रमांक 85/अ–82/2017–18 में चार बार प्रतिवेदन पेश किया था, जो परस्पर विरोधाभासी थे । रकबों में भी भिन्नता थी। ग्राम सकरी में खसरा नंबर 1,9,10 में हुए बटांकन को बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के बगैर मर्ज कर भू– नक्शा पोर्टल में मूल नंबर दर्शाया गया। इस तरह गड़बड़ी कर जमीन मालिक को लाभ पहुंचा शासन को नुकसान पहुंचाया गया।

जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कलेक्टर अवनीश शरण ने धांधली करने वाले तत्कालीन पटवारी और वर्तमान आरआई मुकेश साहू को बर्खास्त करने शासन को प्रस्ताव भेजा है। साथ ही कलेक्टर ने एसडीएम तखतपुर को आरआई मुकेश साहू को एफआईआर के निर्देश दिए थे। जिसके बाद आज सकरी थाने में आरआई मुकेश साहू के खिलाफ एफआईआर करवाई गई है। आरोपी आरआई पर धारा 420,467,468 471,409,120 बी के तहत अपराध दर्ज किया गया है। वहीं पूर्व से ही एफआईआर की भनक लग जाने के चलते आरआई फरार हो गया है।

इधर आरआई सस्पेंड

कलेक्टर राहुल देव ने भूमि सीमांकन के कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने पर मुंगेली (शहरी) के राजस्व निरीक्षक नरेश कुमार साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निरीक्षक नरेश कुमार देवांगन द्वारा लगातार सीमांकन प्रकरणों को लंबित रखा जा रहा था। उच्च अधिकारियों एवं उच्च कार्यालयों द्वारा जारी आदेश की भी परवाह राजस्व निरीक्षक को नहीं थी। जिससे नाराज कलेक्टर राहुल देव ने राजस्व निरीक्षक के उपर निलंबन की गाज गिराई है।

कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा द्वारा जारी आदेश के अनुसार न्यायालय तहसीलदार मुंगेली में 18 नवंबर को सीमांकन प्रकरण दर्ज कर राजस्व निरीक्षक को भूमि सीमांकन करने हेतु ज्ञापन जारी किया गया था। राजस्व निरीक्षक के प्रभार क्षेत्र अंतर्गत 12 सीमांकन प्रकरण लंबित है, जिसमें आज दिनांक तक प्रतिवेदन अप्राप्त है। यह अपने उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, कर्तव्यों के निर्वहन में घोर उदासीनता और शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही तथा स्वेच्छाचारिता का घोतक है और सिविल सेवा आचरण नियम के विरुद्ध है।

राजस्व निरीक्षक साहू को उक्त कृत्य हेतु छत्तीसगढ़ सिविल सेवा के नियम 1966 के नियम 9 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में साहू का मुख्यालय कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा जिला मुंगेली निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

इसके साथ ही कलेक्टर राहुल देव ने सभी राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि राजस्व के प्रकरणों के निपटारे में अनावश्यक विलंब न बरते और पेंडिंग प्रकरणों का शीघ्रातिशीघ्र निराकरण करना सुनिश्चित करें। कलेक्टर राहुल देव ने कहा है कि जनता को राजस्व संबंधी प्रकरणों और राजस्व संबंधी कार्यों के लिए अनावश्यक कार्यालयों का चक्कर नहीं लगवाया जाना चाहिए। तय समय सीमा में राजस्व प्रकरणों और नामांतरण, फौती, बंटवारा नामा तथा त्रुटि सुधार जैसे कार्य प्राथमिकता से कर जनता को राहत पहुंचाया जाए। अन्यथा ऐसा न करने पर लापरवाह अधिकारी कर्मचारियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

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