Raipur News: प्रेमिका के लिए बेटा मां को करता था परेशान, आत्महत्या की देता था धमकी, बेटे को छह माह के लिए घर से निकाला

Raipur News: प्रेमिका के लिए बेटा मां को करता था परेशान, आत्महत्या की देता था धमकी, बेटे को छह माह के लिए घर से निकाला

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, ने आज छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय रायपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज 246 वीं सुनवाई हुई। रायपुर जिले में कुल 118 वीं जनसुनवाई।

आज के प्रकरण में आवेदिका का पुत्र लड़की के चक्कर में अपनी मां को परेशान करता था, और मां को आत्महत्या की धमकी देकर डराता था, जिसके कारण मां ने बेटे और उसकी प्रेमिका को पार्टी बनाया था। आज आयोग की सुनवाई में लड़की के पिता को बुलाया गया। समझाईश के बाद लड़की ने भी अनावेदक से अपने संबंध तोडे और आवेदिका मां ने भी ऐसे बेटे से अपने संबंध समाप्त किये, 6 माह के लिए घर से निकाल दिया। इस प्रकरण को एक साल तक निगरानी में रखा गया। यदि अनावेदक क्र. 1, 6 माह तक दोनो पक्षों को तंग करता है तो दोनो उसके खिलाफ एफ.आई.आर कर सकते है।

आवेदिका अपने बेटे व उसकी प्रेमिका से परेशान है। बेटे की प्रेमिका ने वर्तमान में 18 वर्ष पूर्ण किया है और बी.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा है। वह आवेदिका के बेटे के साथ कभी-कभार घुमने जाती है जिसको लेकर लड़की के माता-पिता से पूर्व में भी विवाद हो चुका है। लड़की के पिता ने बताया कि लडका उनके घर के पास किराये का मकान लेकर रहता है। उसे वहां से हटाने का निर्देश दिया गया। अनावेदक ने यह स्वीकार किया कि वह उनके घर के आस-पास नहीं रहेगा। आवेदिका ने कहा कि वह अपने बेटे को अपने घर में नहीं रखना चाहती है। कम से कम 6 माह के लिए उनका बेटा अपने परिवार से कोई संपर्क ना रखे, जिस पर लड़के ने अपनी सहमति व्यक्त की। आयोग के इस विस्तृत समझाईश के बाद इस प्रकरण की निगरानी के लिए काउंसलर को नियुक्त किया गया। शिकायतकर्ता किसी को भी यदि परेशान करते है तो आवेदिका अपने क्षेत्र में एफ.आई.आर दर्ज करा सकती है इस निर्देश के साथ प्रकरण नस्तीबध्द किया गया।

एक अन्य प्रकरण में आवेदिका विगत दिनों सी.एम. हाऊस के सामने आत्महत्या करने की कोशिश की थी जो आज आयोग में स्वयं उपस्थित हुई थी। आयोग द्वारा समझाइश दिया गया की वह अपीलीय न्यायालय में अपना प्रकरण प्रस्तुत करें इस निर्देश के साथ आयोग ने प्रकरण को नस्तिबद्ध करते हुये दंतेवाड़ा जिला में सहयोग करने का आश्वासन दिया।

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share