NEET UG 2024: नीट-यूजी मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 18 जुलाई तक टली, जानिए पूरी कहानी

NEET UG 2024: नीट-यूजी मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 18 जुलाई तक टली,  जानिए पूरी कहानी

NEET UG 2024: राष्ट्रीय प्रवेश-सह पात्रता परीक्षा (NEET)-UG 2024 के पेपर लीक और कथित अनियमितता से जुड़े मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी, जिसे 18 जुलाई तक टाल दिया गया है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ परीक्षा में गड़बड़ियों से जुड़ी 38 याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। इससे पहले केंद्र सरकार, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कोर्ट में हलफनामे दायर किए हैं।

सरकार बोली- बड़ी गड़बड़ी के सबूत नहीं

केंद्र सरकार ने हलफनामे में कहा, “सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि दोषी किसी भी अभ्यर्थी को कोई लाभ न मिले। IIT मद्रास का डाटा एनालिटिक्स कोई बड़ी अनियमितता या बड़े पैमाने पर गड़बड़ी नहीं दिखाता है। इसमें पिछले 2 वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट में बड़े पैमाने पर कदाचार या स्थानीय पक्षपात के कोई सबूत नहीं मिले हैं। ऐसे में दोबारा परीक्षा कराए जाने की कोई जरूरत नहीं है।”

NTA ने अपने हलफनामे में क्या कहा?

NTA के हलफनामे में कहा गया कि NTA द्वारा किए गए विश्लेषण से संकेत मिलता है कि कथित गड़बड़ी ने न तो पूरी परीक्षा की पवित्रता को प्रभावित किया है और न ही गोधरा और पटना के केंद्रों पर उपस्थित होने वाले छात्रों को कोई अनुचित लाभ पहुंचाया है। NTA ने कहा कि उसने गोधरा और पटना के कुछ केंद्रों पर गड़बड़ी के बारे में पता चलने के बाद इन केंद्रों के सभी उम्मीदवारों के प्रदर्शन का आकलन किया है।

वायरल टेलीग्राम वीडियो पर सरकार ने क्या कहा?

हलफनामा में कहा गया है कि कथित तौर पर लीक हुए पेपर की तस्वीरें दिखाने वाले टेलीग्राम वीडियो फर्जी और हेरफेर किए गए हैं। NTA ने कहा, “हमने NEET-UG 2024 में उम्मीदवारों के अंकों के वितरण का राष्ट्रीय, राज्य और शहर स्तर और केंद्र स्तर पर भी विश्लेषण किया है। यह विश्लेषण बताता है कि नंबरों का वितरण बिल्कुल सामान्य है और ऐसा कोई बाहरी कारक नहीं लगता है, जो अंकों के वितरण को प्रभावित करेगा।”

दोबारा परीक्षा के पक्ष में नहीं सरकार

केंद्र ने कहा है कि वह यह सुनिश्चित कर रहा है कि 23 लाख अभ्यर्थियों पर ‘अप्रमाणित आशंकाओं’ के आधार पर दोबारा परीक्षा का बोझ न डाला जाए। सरकार ने कहा है कि वो ये सुनिश्चित कर रही है कि गलत तरीके से फायदा उठाने के दोषी किसी भी अभ्यर्थी को कोई लाभ न मिले। बता दें कि छात्र पूरी परीक्षा रद्द कर नए सिरे से करवाने की मांग कर रहे हैं। याचिकाओं में भी ये मांग की गई है।

परीक्षा को लेकर क्या है विवाद?

NEET-UG परीक्षा के दौरान 8 फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए थे। पटना से जले हुए प्रश्न पत्र भी बरामद किए गए थे। जब परिणाम जारी हुआ तो उसमें रिकॉर्ड 67 उम्मीदवारों ने ऑल इंडिया रैंकिंग (AIR-1) हासिल की थी। इसके बाद पूरे देश में खूब हंगामा हुआ था। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में 38 याचिकाएं दायर की गई हैं और CBI मामले की जांच कर रही हैं, जिसने 39 लोगों को गिरफ्तार किया है।

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