Monsoon Session of CG Vidhan Sabha: जमीन की रजिस्ट्री में हुई गड़बड़ी की होगी जांच: सदन में मंत्री चौधरी ने की घोषणा, अब हर जिले में होगी बैठक, सांसद और विधायक भी रहेंगे मौजूद

Monsoon Session of CG Vidhan Sabha: रायपुर। विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान जमीन की रजिस्ट्री में हो रही समस्या का मुद्दा सदन में उठा। बीजेपी विधायक सुशांत शुक्ला ने बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में रजिस्ट्री में गड़बड़ी को लेकर सवाल किया था। इस पर सवाल जवाब के दौरान दूसरे सदस्यों ने भी अपनी समस्याएं बताई। इस दौरान कोटवारों की सेवा भूमि बेचे जाने का मुद्दा भी उठा।
प्रश्नों का जवाब देते हुए मंत्री चौधरी ने बताया कि राजिस्ट्री से संबंधित मामलों और भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच के लिए विभागीय सतर्कता सेल का गठन किया गया है। यह सेल किसी भी मामले की अचानक निरीक्षण और जांच कर सकती है। जिला से लेकर राज्य स्तर तक होने वाली शिकायत की भी जांच कर करेगी। मंत्री ने बताया कि सरकार पंजीयन व्यवस्था में व्यापक बदलाव की तैयारी कर रही है। लोगों को जमीन की रजिस्ट्री के लिए पंजीयक कार्यालय आना नहीं पड़ेगा।
इस दौरान शुक्ला ने आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद रकबा खसरा की रजिस्ट्री कर दी जाती है। इस पर मंत्री ने कहा कि ऐसी कोई जानकारी विधायक के पास हैं तो वे दे दें उसकी जांच कराके कार्यवाही की जाएगी। इसके बाद शुक्ला ने कोटवारों की सेवा भूमि बेचे जाने का मामला उठाया। इस पर मंत्री ने कहा कि कोटवारी भूमि शासकीय भूमि होती है। अगर ऐसा कोई मामला है तो उसकी जांच कराएंगे, इसमें जो भी जिम्मेदार होता उस पर कार्यवाही की जाएगी।
इस दौरान विधायक राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर पंजीयन कार्यालय का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वहां का कार्यालय बहुत छोटा है। उप पंजीयक एक ही हैं। ऐसे में उनके छुट्टी पर जाने से पूरा काम अटक जाता है। इस दौरान धर्मजीत सिंह ने कहा कि हर जिले में राजस्व की दिक्कत है। उन्होंने मांग रखी कि हर जिले में विधायकों के लिए अधिकारी के साथ बैठक तय करवा दें। इस बैठक में सांसद, विधायक, कलेक्टर, तहसीलदार सहित राजस्व से जुड़े अन्य अफसर भी मौजूद रहे। इस पर मंत्री चौधरी ने कहा कि इस संबंध में कलेक्टरों को शासन की तरफ से निर्देश जारी किया जाएगा।
गजेंद्र यादव ने राजिस्ट्री भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उस पर नकले कसने की मांग की। इस पर मंत्री ने बताया कि बड़े बदलाव कर रहे हैं। मोबाइल एप बना रहे हैं। पूरी व्यवस्था को पेपर लेस और फेस लेस करने की योजना है, ताकि लोग घर बैठे ही जमीन का पंजीयन करा लें।






