Monsoon Session of CG Vidhan Sabha: सदन में ‘सम्मान’ पर विपक्ष आह्त: संबोधन को लेकर 2 मंत्रियों की हुई किरकिरी

Monsoon Session of CG Vidhan Sabha: रायपुर। विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन आज प्रश्नकाल में 2 मंत्री दयालदास बघेल और लक्ष्मी राजवाड़े ने सदस्यों के सवालों का सामना किया। इस दौरान दोनों मंत्रियों की उनकी भाषाशैली और संबोधन की वजह से विपक्ष की आपत्ति का सामना करना पड़ा। सबसे पहले महिला एवं बाल विकास मंत्री राजवाड़े को नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने टोका। इस पर मंत्री ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। वहीं, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल को पूर्व सीएम भूपेश बघेल की आपत्ति के बाद स्पीकार ने टोंका।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री अनिला भेंड़िया ने सुपोषण अभियान के तहत गर्भ भोजन वितरण को लेकर सवाल किया। उन्होंने गर्म भोजन वितरण योजना बंद किए जाने का आरोप लगाया। इस प्रश्न का जवाब देने उठी मंत्री राजवाड़े भेंड़िया को विधायक कह कर संबोधित कर रही थीं। इस पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने आपत्ति की और कहा कि वे पूर्व मंत्री हैं उन्हें केवल विधायक कहना ठीक नहीं है। इस पर मंत्री राजवाड़े ने क्षमा मांगली।
इसके बाद पूर्व सीएम बघेल के चना विरतण से जुड़े प्रश्न का जवाब देने खड़े हुए मंत्री बघेल ने कहा कि ‘वो पूछ रहा है’। इस पर बघेल ने आपत्ति की कहा कि कहा कि थोड़ा तो सम्मान जनक शब्द का प्रयोग कर लें, पूछ रहा है कह रहे हैं। इस पर स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि चलिये पूछा रहे हैं कहिए, मुख्यमंत्री रहे हैं बोल दीजिए’ पूछ रहे हैं। इस पर मंत्री बघेल मुस्कुरा कर रह गए।
बघेल के सवालों में फंस गए बघेल: चना वितरण को लेकर सदन में मंत्री की बड़ी स्वीकारोक्ति, कहा-
रायपुर। प्रदेश में चना वितरण को लेकर विभागीय मंत्री दयालदास बघेल ने स्वीकार किया कि स्टाक की कमी के कारण चना वितरण में विलंब हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने सदन में यह भी कहा कि हितग्राहियों को जितने महीने का चना नहीं मिला है, वह पूरा इस महीने 31 तारीख तक दे दी जाएगी।
चना वितरण को लेकर यह सवाल पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने पूछा था। पूर्व सीएम के सवालों पर मंत्री बघेल घिर गए। कुछ सवालों को उन्होंने टालने का भी प्रयास किया। पूर्व सीएम ने चना वितरण में गड़बड़ी करने वालों पर कार्यवाही को लेकर सवाल किया तो मंत्री कहने लगे कि हम स्वीकार कर रहे हैं कि वितरण में विलंब हुआ है। इसके बाद स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि पूर्व सीएम पूछ रहे हैं जहां गड़बड़ी पाई गई है, वहां कार्यवाही करेंगे क्या, डॉ. रमन ने मंत्री से कहा कि आप बता दीजिए कार्यवाही करेंगे। इसके बाद मंत्री ने भी इस पर हामी भर दी।
इससे पहले बघेल ने पूछा कि मार्च- अप्रैल में स्टाक की सत्यापन किया गया है। इसमें चना की मात्रा में कितनी कमी या अधिकता पाई गई या स्टाक ठीक था। इस पर मंत्री ने कहा कि पहले पूछे गए प्रश्न से यह प्रश्न नहीं उठता है। मंत्री ने कहा कि चना वितरण विलंब हुआ है। उन्होंने इसका कारण बताते हुए जानकारी दी की चना खुली निविदा के माध्यम से खरीदी गई, इसमें रेट ज्यादा आया। वहीं, केंद्र से भी आवंटन जारी होने में देर हुआ है।
इसके बाद पूर्व सीएम बघेल ने चना की गुणवत्ता को लेकर प्रश्न किया। बघेल ने याद दिलाया कि पिछली बार नेता प्रतिपक्ष ने सदन में आपको चना लाकर दिया था कम से कम उसी की गुणवत्ता जांच लें। इस पर मंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जो चना लेकर आए थे वह हमारे वितरण वाला चना नहीं था, पता नहीं वे कहां से लेकर आए थे।
इसके बाद बघेल ने चना के स्टाक में कमी को लेकर फिर प्रश्न किया। उन्होंने कहा कि महोला मानपुर और गरियाबंद में दो-तीन महीने से चना का वितरण नहीं हुआ है। इस पर मंत्री ने जवाब दिया कि 31 जुलाई तक वितरण पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही यह भी बताया कि मार्च 2024 के स्टाक में 155 टन चना कम पाया गया था। मंत्री ने बताया कि 830 दुकानों को नोटिस जारी किया गया है। 109 को निलंबित। 30 का अवंटन निरस्त कर दिया गया है। कुछ दुकानों को वसूली के लिए आरआरसी जारी की गई। 6 में एफआईआर दर्ज की गई है।






