स्वास्थ्य सुविधाओं की सार्थक पहलः मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में ग्रामीण से लेकर शहरी मरीजों को मिल रही बेहतर सुविधाएं

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में आम नागरिकों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा है। नए वर्ष की शुरूआत में ही चिकित्सा सुविधाओं की सभी लोगों को सुगम एवं सहज उपलब्धता सुनिश्चित हो सके, यह प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बेहद जागरूक हैं। पिछले 12 महीने में सीएम के रुप में स्वास्थ्य को लेकर लिए गए मुख्यमंत्री के फैसले बताते हैं कि वे प्रदेश के लोगों की सेहत को लेकर फिक्रमंद हैं। खासतौर पर विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों के स्वास्थ्य को लेकर मुख्यमंत्री काफी संवेदनशील नजर आते हैं। उनकी पहल से ही छत्तीसगढ़ में पीएम जनमन योजना के अंतर्गत पीवीटीजी हितग्राहियों की स्वास्थ्य की जांच हो रही है।
छत्तीसगढ़ में 62 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से हितग्राहियों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। प्रधानमंत्री जनमन अभियान का उद्देश्य पीवीटीजी परिवारों को प्रमुख व्यक्तिगत अधिकारों का लाभ प्रदान करना है। योजना के तहत पीवीटीजी बस्तियों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान कर जनजातीय समुदायों को केंद्र और राज्य की योजनाओं और उनके तहत मिलने वाले लाभों के बारे में जागरूक किया जाता है। इस पहल में हर उस पीवीटीजी परिवार को शामिल किया जा रहा है जिनसे दूरी, सड़क और डिजिटल कनेक्टिविटी की कमी के कारण संपर्क नहीं हो सका है। ऐसे परिवारों को उनके घर पर ही विभिन्न प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके लिए हाट बाजार, सामुदायिक सेवा केंद्र, ग्राम पंचायत, आंगनवाड़ी, बहुउद्देशीय केंद्र, वनधन विकास केंद्र, कृषि विज्ञान केंद्र जैसे स्थानों का उपयोग किया जा रहा है। जनमन अभियान के दौरान आधार कार्ड, सामुदायिक प्रमाण पत्र, जन धन खाते और वन अधिकार अधिनियम के लाभार्थियों को पट्टे प्रदान किए जा रहे हैं, क्योंकि ये अन्य योजनाओं के लिए बुनियादी आवश्यकताएं हैं।
संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ में शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना की सुविधा हेतु सभी तलों (फ़्लोर) में कक्ष का शुभारंभ 1 जनवरी 2025 को किया गया है। वित्त मंत्री और रायगढ़ के स्थानीय विधायक ओ. पी. चौधरी ने स्वास्थ्य सेवाओं की सुगम उपलब्धता हेतु किया जा रहे इस पहल का स्वागत किया है। मेडिकल कालेज रायगढ़ के अधिष्ठाता डॉ. विनित कुमार जैन एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम. के. मिंज के अनुसार इस सुविधा विस्तार से भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों को काफी सुविधा होगी।इससे अनावश्यक भीड़ एवं कतार का सामना नहीं करना पड़ेगा और समय की बचत होगी। पूर्व में यह सुविधा सिर्फ एमआरडी के रजिस्ट्रेशन ओपीडी काऊंटर के समीप ही उपलब्ध थी। अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम के मिंज के अनुसार आयुष्मान योजना कक्ष के विस्तार के साथ ही चिकित्सालय में अब ओपीडी, आईपीडी मरीज़ के जाँच के लिये अलग से जाँच पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं हैं। सभी जांच पूर्णतः निःशुल्क है। ओपीडी की 10 रुपये की पंजीयन पर्ची एवं आईपीडी मरीज के लिये 85 रुपये की पर्ची के अलावा अलग से पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं हैं। इसके संबंध में आदेश भी जारी कर दिया गया है।
दुर्गम गांवों में स्वास्थ्य की नई रोशनी
सुकमा जिले के सभी विकासखण्डों में विशेषकर पहुँचविहीन जनजातीय गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए विशेष हेल्थ कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इन कैम्पों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के आखिरी व्यक्ति तक स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं को पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है। बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग की टीम तीन नदी-नालों को पार करते हुए और पगडंडियों के सहारे दूरस्थ वनांचल ग्राम सिरकेट्टी पहुंची। वहां वृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में निक्षय निरामया छत्तीसगढ़ के तहत 100 दिवसीय पहचान एवं उपचार अभियान के अंतर्गत एनटीईपी, एनवीबीडीसीपी, पिरामल फाउंडेशन और लेप्रा सोसाइटी के सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर के दौरान लगभग 1057 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें क्षय, मलेरिया, कुष्ठ, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग की गई। 45 क्षय रोग संदिग्ध व्यक्तियों का बलगम सैंपल लेकर जाँच के लिए जिला क्षय उन्मूलन केंद्र भेजा गया। इसके अतिरिक्त, 157 ग्रामीणों को स्वास्थ्य जांच के बाद निःशुल्क दवाओं का वितरण किया गया।
बेड पर जाकर लिए जाएंगे मरीजों के ब्लड सैंपल
छत्तीसगढ़ में गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। इसी क्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीज के परिजनों को खून की जांच कराने के लिए सैंपल लेकर पैथोलॉजी लैब नहीं जाना पड़ेगा। अस्पताल में भर्ती अंतः रोगी मरीजों के लिए प्रबंधन ने बड़ा फैसला लिया है। अब वार्ड में भर्ती सभी मरीजों के पैथोलॉजिकल जांच के लिए उनका ब्लड सैंपल वार्ड में एकत्रित कर वार्ड बॉय द्वारा पैथोलैब तक पहुंचाया जाएगा और जांच पश्चात् ब्लड रिपोर्ट एकत्रित करके उसे संबंधित वार्ड में ऑन ड्यूटी नर्स को दिया जाएगा। अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर मेडिसिन मेल वार्ड क्र. 8 एवं 9 तथा मेडिसिन फीमेल वार्ड क्रं. 10 एवं 11 में भर्ती मरीजों के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है। धीरे-धीरे सभी वार्डों में सैंपल कलेक्शन सिस्टम की यह व्यवस्था लागू हो जाने के बाद मरीजों को सबसे बड़ी राहत मिलेगी और उनके अटेंडर को भी जांच के लिए ब्लड सैंपल को लेकर पैथोलॉजी लैब तक नहीं जाना पड़ेगा। रिपोर्ट भी उनको समय पर मिल जायेगा। 1340 बेड के अम्बेडकर अस्पताल में रोजाना 950 से भी अधिक मरीज भर्ती रहते हैं। वहीं प्रतिदिन लगभग 260 नये मरीज अतः रोगी विभाग (आईपीडी) में भर्ती होते है। यहाँ विभिन्न विभागों के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में आने वाले मरीजों की संख्या प्रतिदिन लगभग दो से ढाई हजार रहती है। ओपीडी के अलावा इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए सप्ताह के सातों दिन चौबीस घंटे खून जांच एवं रेडियोलॉजी जांच की व्यवस्था रहती है।
9 महीने में लाखों की जांच
छत्तीसगढ़ राज्य में चलाए जा रहे विशेष स्वास्थ्य अभियान के तहत 62 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से हितग्राहियों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। पीएम जनमन योजना के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं में मुख्य रूप से सिकलसेल जांच, टीबी जांच, रक्तचाप जांच, डायबिटीज जांच, आंखों की जांच तथा महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की जा रही है। छत्तीसगढ़ में इस योजना के अंतर्गत 9 महीने में लगभग 1 लाख 80 हजार पीवीटीजी हितग्राहियों की सिकलसेल जांच, लगभग 2 लाख हितग्राहियों की टी.बी. जांच, लगभग 1 लाख 50 हजार हितग्राहियों की रक्तचाप जांच, लगभग 1 लाख 50 हजार हितग्राहियों की डायबिटीज जांच, लगभग 16 हजार हितग्राहियों की आंखों की जांच तथा लगभग 3 हजार गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की जा चुकी है।
स्वास्थ्य शिविरों में एक्सपर्ट टीम तैनात
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में कुशल स्वास्थ्य अमले को तैनात करने के विशेष निर्देश दिए हैं ताकि पीवीटीजी परिवारों की स्वास्थ्य संबंधी समस्या को बेहतर तरीके से दूर किया जा सके। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मुताबिक पीएम जनमन योजना अंतर्गत स्वास्थ्य शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है। ये शिविर हितग्राहियों के लिए योजनाओं के तहत तत्काल लाभ प्रदान करने और पीवीटीजी समूहों के लिए विशेष रूप से स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर आयोजित हो रहे हैं। पीएम जनमन योजना का मूल उद्देश्य कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी), परिवारों और बस्तियों तक बुनियादी सुविधाओं और सेवाओं को पहुंचाकर उनकी सामाजिक, आर्थिक स्थितियों में सुधार करना है। पीएम जनमन योजना अंतर्गत कमजोर जनजाति समूहों के बसाहटों में विभिन्न विभागों के समन्वय से पेयजल, आवास, सड़क, आंगनबाड़ी के माध्यम से पोषण, आजीविका संवर्धन हेतु कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
2 गांवों में 11 योजनाओं में शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल
इसी कड़ी में बलौदाबाजार जिले के ग्राम बल्दाकछार एवं अवरई में रहने वाले विशेष पिछडी जनजाति कमार के शतप्रतिशत लोगों को प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया गया है। योजना के तहत अब तक 11 योजनाओं में शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। बल्दाकच्छार में 39 और अवरई में 11 विशेष पिछडी जनजाति कमार परिवार रहते हैं जिनकी कुल जनसंख्या लगभग 193 है। अब दोनों ही गांव के कमार जनजाति के सभी लोगों का आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड व जाति प्रणाम पत्र बन गया है । महिलाओं के जनधन बैंक खाते खुल गए हैं। पात्रतानुसार किसान क्रेडिट कार्ड, राशन कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि एवं पीएम मातृत्व वंदन योजना का लाभ मिला है। सभी की सिकल सेल जांच एवं सभी घरों में विद्युतीकरण हो गया है। इसके साथ ही 2 मोबाइल मेडिकल यूनिट की भी सुविधा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को प्रदान की गयी है। 15 नवम्बर 2023 से शुरू हुए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछडी जनजाति कमार बाहुल्य ग्राम बल्दाकछार और अवरई में संतृप्तिकरण अभियान शुरू किया गया। इसमें योजना से छूटे हुए लोगों का चिन्हांकन उपरांत उन्हें लाभान्वित करने पर जोर दिया गया और एक वर्ष के अन्दर ही 11 योजनाओं से शतप्रतिशत लोगों को लाभान्वित किया गया।
प्रदेश के 14 स्वास्थ्य संस्थाओं को गुणवत्ता आश्वासन प्रमाण
उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा और मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने वाले छत्तीसगढ़ के 14 शासकीय अस्पतालों को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। इनमें 10 आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र, 03 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा महासमुंद ज़िले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र भदरसी को 91.29þ , बड़े टेमरी को 90.27þ, झलप को 91.93þ व शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नयापारा को 88.89þ के साथ सूरजपुर ज़िले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र नवापाराकला को 76.09þ, धरमपुर को 87.75þ व कांकेर जिले आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र मुसरपट्टा को 94.2þ,पीवी89 को 85.58þ, कोदागांव को 93.36þ, माकरीखुना को 81.54 व बलौदाबाजार ज़िले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद् ठेलकी को 86.83þ, रायगढ़ जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र छर्राटानगर को 82.39þ, बस्तर जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र जमावड़ा को 88.99þ व रायपुर ज़िले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सिलयारी को 88.15þ अंक प्राप्त हुए हैं । राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र प्रदान करने के पूर्व विगत माह भारत सरकार के विशेषज्ञों की टीम द्वारा अस्पताल की सेवाओं और संतुष्टि स्तर का विभिन्न मानकों पर परीक्षण किया गया। इनमें उपलब्ध सेवाएं, मरीजों के अधिकार, इनपुट, सपोर्ट सर्विसेस, क्लिनिकल सर्विसेस, इन्फेक्शन कंट्रोल, गुणवत्ता प्रबंधन और आउटकम जैसे पैरामीटर शामिल हैं। इन कड़े मानकों पर खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं।