IPS Quaiser Khalid: मुंबई के होर्डिंग हादसे में ADG कैसर खालिद हुए निलंबित, पत्नी की कंपनी के जरिये 46 लाख रिश्वत लेने का आरोप

IPS Quaiser Khalid: मुंबई के होर्डिंग हादसे में ADG कैसर खालिद हुए निलंबित, पत्नी की कंपनी के जरिये 46 लाख रिश्वत लेने का आरोप

IPS Quaiser Khalid: मुंबई। मुंबई के घाटकोपर होर्डिंग हादसे में 17 लोगों की मौत व 70 से अधिक लोगों के घायल होने के मामले में महाराष्ट्र कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है। केसर खालिद 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। रेलवे राजकीय पुलिस के डिवीजनल कमिश्नर रहते उनके द्वारा ही नियम विरुद्ध तरीके से होर्डिंग लगाने के लिए अनुमति दी गई थी। प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने इस मामले में आईपीएस अधिकारी कैसर खालिद के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था।

13 मई को तेज हवा हुआ प्रेमाश्रम बारिश के दौरान मुंबई के घाटकोपर इलाके में एक बड़ा सड़ गिर गया था जिसकी चपेट में आकर 17 लोगों की मौत हो गई और 70 से अधिक लोग घायल हो गए थे। जीआरपी पुलिस के स्वामित्व में आती है। यहां ईगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड को दस साल के लिए होर्डिंग लगाने के लिए अनुमति दी गई थी। जीआरपी की ओर से यह अनुमति तत्कालीन जीआरपी कमिश्नर कैसर खालिद के द्वारा दी गई थी। उनके द्वारा नियमों व कानूनों से परे जाकर डीजीपी कार्यालय से पूर्व मंजूरी के बिना चार होर्डिंग लगाने की अनुमति 10 वर्षों हेतु दी गई थी।

हादसे के बाद होर्डिंग गिरने की घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। जांच के दौरान जानकारी मिली थी राजकीय रेलवे पुलिस के कब्जे की जमीन में पेट्रोल पंप के पास मेसर्स ईगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड को होर्डिंग लगाने की अनुमति कैसर खालिद ने दी थी। एसआईटी की जांच के मुताबिक खालिद ने नियमों से परे हटकर ,120* 140 वर्गफीट के बड़े होर्डिंग लगाने की अनुमति देते हुए अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया था। जबकि घाटकोपर में होर्डिंग का अधिकतम आकार 40*40 तय था। वीरमाता जीजाबाई इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया है कि होर्डिंग की नींव अपर्याप्त और कमजोर थी। किसी भी होर्डिंग संरचना को 158 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा की गति का सामना करने में सक्षम होना चाहिए, पर घाटकोपर वाला होर्डिंग मात्र 49 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा की गति का सामना करने में सक्षम थी। घटना के दिन हवा की गति 87 किलोमीटर प्रति घंटे थी।

आईपीएस की पत्नी के माध्यम से घुस का आरोप:–

52 वर्षीय कैसर खालिद 1997 बैच के महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वह बिहार राज्य के अररिया के रहने वाले हैं। वर्तमान में कैसर खालिद नागरिक अधिकार संरक्षण विभाग के एडीजी हैं। पूर्व में मुंबई रेलवे पुलिस के आयुक्त थे। उनकी पत्नी सुम्माना ने मोहम्मद अरशद के खान के साथ मिलकर महापात्रा गारमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना 20 जून 2022 को की थी।

भाजपा नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाया था कि विज्ञापन कंपनी के निदेशक भावेश भिंडे ने ईगो मीडिया के सह निदेशक अरशद खान को 40 लाख 50 हजार की बड़ी रकम चेक के माध्यम से दी थी। अरशद ने एक मीडिया से बड़ी मात्रा में बेनामी चेक लिए और इन चेको को गोवंडी और शिवाजी नगर में 10 से 15 लोगों के बैंक खाते में जमा किए। उन्हें एक निश्चित कमीशन देकर नगदी रकम निकाली। हालांकि अब तक की जांच में आईपीएस की पत्नी सुम्मान के साथ किसी भी तरह के ट्रांजेक्शन नही मिले हैं।

निलंबन आदेश में कहा गया है कि जिस अवधि तक यह आदेश लागू रहेगा, उस दौरान मोहम्मद कैसर खालिद का हेडक्वार्टर मुंबई पुलिस महानिदेशक का ऑफिस होगा। वे मुंबई पुलिस महानिदेशक की अनुमति बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। निलंबन के दौरान खालिद को कोई निजी नौकरी स्वीकार करने अथवा किसी अन्य व्यापार अथवा व्यवसाय करने की अनुमति नहीं होगी। इस शर्त का उल्लंघन कदाचार माना जाएगा, जिसके तहत उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। निलंबन के अलावा आईपीएस मोहम्मद कैसर खालिद के खिलाफ अनुशानातम्क कार्यवाही भी की जा रही है।

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