Indian Railway News: यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे ने लांच किया संरक्षा एप, जाने इसके क्या है लाभ

Indian Railway News: यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे ने लांच किया संरक्षा एप, जाने इसके क्या है लाभ

Indian Railway News: बिलासपुर। SECR की बड़ी उपलब्धि सामने आई है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर रेल मंडल में कार्यरत वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक दिलीप सिंह द्वारा अवधारित एवं डिज़ाइन किए गए ‘संरक्षा’ एप को रेलवे ने गुरुवार को पूरे भारत में लॉन्च कर दिया है। इस एप में एआई के साथ ही स्मार्ट लर्निंग और फीडबैक मैकेनिज्म जैसी सुविधाएं है।

भारतीय रेलवे ने गुरुवार को रेल संरक्षा की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए पूरे देश में “संरक्षा मोबाइल एप्लिकेशन” का शुभारंभ किया। यह एप्लिकेशन भारतीय रेलवे के अग्रिम संरक्षा श्रेणी के कर्मचारियों की क्षमता निर्माण के माध्यम से रेलवे संरक्षा को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखता है।

रेलवे बोर्ड के सदस्य (परिचालन एवं व्यवसाय विकास) रविंदर गोयल ने गुरुवार को “संरक्षा मोबाइल एप्लिकेशन” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सभी मंडल रेल प्रबंधक, प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक, प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक और भारतीय रेलवे के विभिन्न रेल मंडलों के अधिकारी उपस्थित रहे।

यह एप्लिकेशन भारतीय रेलवे के 2013 बैच के आईआरटीएस अधिकारी दिलीप सिंह द्वारा डिजाइन किया गया है, जो वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर रेल मंडल में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं।

इस अवसर पर नागपुर मंडल रेल प्रबंधक नमिता त्रिपाठी ने नागपुर मंडल में पायलट प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन के बारे में चर्चा की और यह बताया कि यह एप्लिकेशन मंडल में संरक्षा बढ़ाने में किस प्रकार उपयोगी साबित हुआ है। अब रेलवे बोर्ड ने इसे सभी जोनल रेलवे में लागू करने का निर्णय लिया है, जिसमें 16 मंडलों को प्रारंभिक चरण में चुना गया है।

 AI के साथ ही स्मार्ट लर्निंग व फीडबैक मैकेनिज्म भी

यह एप्लिकेशन भारतीय रेलवे के डोमेन ज्ञान को सूचना प्रौद्योगिकी, डेटा एनालिटिक्स और भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संभावित उपयोग के साथ एकीकृत करता है। यह एक बुद्धिमान, प्रभावी और स्केलेबल प्रणाली प्रदान करता है, जो रेलवे कर्मचारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है। इसमें स्मार्ट लर्निंग और फीडबैक मैकेनिज्म जैसी विशेषताएं हैं, जो वास्तविक समय में बहु-स्तरीय फीडबैक और निगरानी को संभव बनाती हैं। 

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