Bilaspur High Court: कार्रवाई में भेदभाव पर हाईकोर्ट की नाराजगी: सीजे ने पूछा-गरीब को अरेस्ट कर लिया और जिम्मेदार अफसर पर कार्रवाई क्यों नहीं?

Bilaspur High Court: कार्रवाई में भेदभाव पर हाईकोर्ट की नाराजगी: सीजे ने पूछा-गरीब को अरेस्ट कर लिया और जिम्मेदार अफसर पर कार्रवाई क्यों नहीं?

Bilaspur High Court: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के जंगलों में बिजली करंट से हाथियों की हो रही मौत को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने गंभीरता दिखाई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के निर्देश पर जनहित याचिका के रूप में रजिस्टर्ड कर मामले की सुनवाई की जा रही है। बीते दिनों सुनवाई के दौरान राज्य शासन के जवाब को लेकर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच में पीआईएल की सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से पैरवी कर रहे महाधिवक्ता प्रफुल्ल भारत से चीफ जस्टिस ने पूछा कि एक हाथी की मौत डेम में गिरने से हुई थी। यह तो संबंधित विभाग के अफसर की जिम्मेदारी बनती है। अब तक अफसर के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। महाधिवक्ता ने कहा जांच चल रही है। इस पर चीफ जस्टिस की नाराजगी सामने आई।

नाराज चीफ जस्टिस ने कहा कि एक किसान जिसने शंटिग किया था वह तो अरेस्ट हो गया। अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई अब तक नहीं हुई। आम आदमी के खिलाफ कार्रवाई करने में इतनी जल्दबाजी। आपने तो बेचारा गरीब आदमी के खिलाफ तड़ से कार्रवाई कर दी। इस पर महाधिवक्ता ने कहा कि तड़ से नहीं हुआ है, उसमें भी टाइम लगा है। कोर्ट की नाराजगी इसके बाद भी कम नहीं हुई। नाराज कोर्ट ने कहा कि यह तो बड़ा फाल्ट है। कोर्ट ने पूछा जिम्मेदार अफसर के खिलाफ अब तक राज्य सरकार ने क्या एक्शन लिया है। महाधिवक्ता ने बताया कि जांच चल रही है। कोर्ट ने पूछा कार्रवाई तो होगी ना।

 सड़क पर काटा केक, ट्रैफिक किया जाम,अफसर पर मेहरबानी

राजधानी रायपुर में ट्रैफिक रोककर बर्थ डे मनाने और सड़क जाम करने की घटना को लेकर चीफ जस्टिस ने नाराजगी जताई है। राज्य शासन की ओर से पैरवी कर रहे उप महाधिवक्ता से कोर्ट ने कहा कि आम आदमी के मामले में आप उसे कड़ी सजा देंगे,जेल में डाल देंगे। जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई में यह सब क्यों दिखाई नहीं देता।

 चीफ जस्टिस की नाराजगी इस तरह आई सामने

पीआईएल की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि आम आदमी के मामले में आप उसे कड़ी सजा देंगे ओर जेल में डाल देंगे। और यह आदमी क्या कर रहा है। यह तो पढ़ा लिखा है। कानून के बारे में जानता है, यह तो गंभीर अपराध है। नाराज चीफ जस्टिस ने दोषी अधिकारी को सस्पेंड करने का आदेश दिया। ला एंड आर्डर कहां है। आप चाहते हैं कि राज्य में कानून का शासन हो। क्या इससे पता चलता है कि राज्य में कानून का शासन है।

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share