CM Vishnudeo Sai: जब नेता सातों दिन काम कर सकते तो कलेक्टर, SP 5 दिन क्यों नहीं? पटवारी से लेकर तहसीलदारों तक के भ्रष्टाचार पर बरसे CM विष्णुदेव

CM Vishnudeo Sai: जब नेता सातों दिन काम कर सकते तो कलेक्टर, SP 5 दिन क्यों नहीं? पटवारी से लेकर तहसीलदारों तक के भ्रष्टाचार पर बरसे CM विष्णुदेव

CM Vishnudeo Sai: रायपुर। छत्तीसगढ़ के विनम्र और सौम्य कहे जाने वाले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कलेक्टर, एसपी कांफ्रेंंस में ऐसे तेवर दिखाए कि कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के चेहरे की रंगत बदल गई। मुख्यमंत्री आज वीडियोकांफ्रेंसिंग के जरिये सूबे के कलेक्टर्स, एसपी से मुखातिब थे। हालांकि, ये कांफ्रेंस कल शाम होना था मगर मुख्यमंत्री का कल व्यस्त कार्यक्रम था, इसलिए आज सुबह आयोजित हुआ।

प्रारंभ में सिकरेट्री फायनेंस मुकेश बंसल ने काफ्रेंस के बारे में बताया। इसके बाद करीब दो मिनट डीजीपी अशोक जुनेजा बोले और लगभग उतना ही चीफ सिकेरट्री अमिताभ जैन। फिर मुख्यमंत्री का एड्रेस चालू हुआ। कलेक्टर्स, एसपी को लगा कि जैसे मुख्यमंत्रियों का योजनाओं पर संबोधन होता है, उसी तरह का कुछ होगा। मगर मुख्यमंत्री जब शुरू हुए तो कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को पसीना आने लगा। सीएम ने लोकसेवकों का दायित्व क्या है, इससे शुरू हुए और बता दिया कि अब साहबी और नवाबी नहीं चलेगी। उन्होंने दो टूक कहा कि जब पांच दिन का सप्ताह है और 10 बजे से आफिस चालू हो जाना चाहिए। उन्होने कहा कि नेता जब सातों दिन काम करते हैं तो आपलोग पांच दिन काम क्यों नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि कलेक्टर, एसपी को परफारमेंस दिखाना होगा…मैं खुद इसकी मानिटरिंग करूंगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजस्व विभाग के भ्रष्टाचार पर कलेक्टरों को खरी-खरी सुनाई। उन्होंने कहा कि पटवारी से लेकर तहसीलदारों तक की आए दिन शिकायतें आ रही है। डायवर्सन से लेकर नामंतरण, भूमि आबंटन और खाता विभाजन के लिए आम आदमी को दर-दर भटकना पड़ रहा है। कलेक्टर इसे प्राथमिकता के साथ ठीक करें। उन्होंने कहा कि परीक्षा का समय है, कलेक्टर स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करें। कलेक्टरों से उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि उन्हें पारफरमेंस दिखाना होगा और जिला प्रशासन का काम स्मूथली होना चाहिए।

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का फर्स्ट कलेक्टर, एसपी कांफ्रेंस प्रारंभ हो गया है। इस समय मुख्यमंत्री कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को संबोधित कर रहे हैं। छत्तीगसढ़ के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद यह पहला कलेक्टर, एसपी कांफ्रेंस है।

अनुशासन और ईमानदारी दो मूल मंत्र 

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि अनुशासन और ईमानदारी दो मूल मंत्र होना चाहिए। ज़िला प्रशासन की कार्यशैली की तारीफ़ जनता के माध्यम से हम तक आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व में डीएमएफ़ के दुरुपयोग की बहुत शिकायतें थी। हमारी सरकार में इस फण्ड का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं होगा। गड़बड़ी करने वाले अफसरों पर सख़्त कार्यवाही की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता है। किसानों के काम समय पर होने चाहिए। इन्हें दफतरों के चक्कर नहीं लगाना पड़े। उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों में गुणवत्ता बनाने के निर्देश दिए। इसके लि लिए पाइप लाइन और पानी की टंकी के निर्माण की गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने लोगो को पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करेजल जीवन मिशन के कार्य करने वाली एजेंसीज़ के कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन सरकार का मूलमंत्र होना चाहिये

लोगो के इलाज और दवा की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित की जावे। स्कूलों में शिक्षक को उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करे। न्योता भोज कार्यक्रम को प्रोत्साहित किया जाए। मनरेगा के काम सभी ग्रामों में शुरू हो। पुराने अपूर्ण काम को प्राथमिकता से पूर्ण करे। साथ ही प्रधानमंत्री आवास का निर्माण तेज़ी से करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ मिले। तेजी से आवास का निर्माण किया जावे। महतारी वंदन योजना और कृषक उन्नति योजना अंतर्गत डीबीटी के माध्यम से हितग्राहियों को अंतरित राशि का आहरण करने में लोगो को समय ना हो। धान की बम्फ़र ख़रीदी इस साल हुई है, इसका समुचित रख-रखाव हो। ताकि, धान ख़राब न हो। पीएम जनमन योजना को प्राथमिकता से क्रियान्वित करें।

• लोकसभा चुनाव की आचार संहिता शीघ्र ही प्रभावी हो सकती है। किंतु यह स्मरण रखा जाए कि आचार संहिता लागू रहने के दौरान लोक कल्याण के कार्य प्रभावित न हो। कानून व्यवस्था में भी किसी भी प्रकार की ढिलाई न हो।

• आम जनता के हितों को केंद्र में रखकर दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित किया जाए। आप सभी के कार्य करने का तरीका ऐसा हो कि जहां एक ओर जनता के मन में शासन व प्रशासन के प्रति विश्वास का भाव उत्पन्न होना चाहिए, वहीं दूसरी ओर अपराधियों व अराजक तत्वों के मन में कानून का भय विद्यमान होना चाहिए।

• शासन की प्राथमिकता संबंधी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। सीएम ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद आप लोगों के परफॉर्मेंस की फिर समीक्षा करूंगा। आप सभी को बहुत शुभकामनाएं।

कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने दिखाए कड़े तेवर

योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

किसानों को बेवजह दफ्तर के चक्कर न लगवाएं

राजस्व प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करें

किसी भी जिले से भ्र्ष्टाचार की शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई होगी

कामों को टालने वाली पुरानी व्यवस्था तत्काल बदलें

पुलिस और प्रशासन के कामों पर मैं स्वयं नजर रख रहा हूं

कलेक्टर एसपी को और अधिक मेहनत करने की जरूरत

नागरिकों के काम समय सीमा में होने चाहिए

कलेक्टर एसपी की तारीफ जनता के द्वारा शासन तक पहुंचनी चाहिए

डीएमएफ का उपयोग क्षेत्र के विकास के लिए होना चाहिए

पहले डीएमएफ का बहुत दुरुपयोग हुआ है

डीएमएफ का दुरुपयोग होने पर सख्त कार्रवाई होगी

प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाएं

पिछली सरकार में आवास नहीं मिल पाए

बैंक से पैसा ना मिल पाने की शिकायत ना हो

हितग्राहियों को राशि आहरण के लिए अनावश्यक परेशान ना होना पड़े

कानून का राज हो

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षकों से कहा कि ज़िले में क़ानून व्यवस्था दुरुस्त रहे। ज़िले में क़ानून का भय होना चाहिए। माफिया राज नहीं होना चाहिए। नये क़ानून के अनुरूप पुलिस को काम करना होगा। नये क़ानून की जानकारी सभी को होना चाहिए।

नक्सल पीड़ित क्षेत्रों में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को बहुत अच्छे तालमेल के साथ काम करना है। ऐसे क्षेत्रों में दोनों के समान लक्ष्य हैं, और वे लक्ष्य हैं विकास और सुरक्षा।

बस्तर में हमने नियद नेल्लानार योजना शुरू की है। इस योजना के क्रियान्वयन में आप लोगों की आपसी तालमेल के साथ-साथ जनभागीदारी की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण होगी।

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