CHIRAG Project: चिराग परियोजना में 1700 करोड़ का लोन: ब्‍याज और वेतन में खर्च हो रहा ज्‍यादातर पैसा, बाकी लैप्‍स..

CHIRAG Project: चिराग परियोजना में 1700 करोड़ का लोन: ब्‍याज और वेतन में खर्च हो रहा ज्‍यादातर पैसा, बाकी लैप्‍स..

CHIRAG Project: रायपुर। प्रदेश के आदिवासी और उनके क्षेत्रों के विकास और उनके जीवन स्‍तर में सुधार लाने के उद्देश्‍य से शुरू की गई चिराग परियोजना राजधानी रायपुर के एसी कार्यालय तक सिमट कर रह गई है। परियोजना के प्रारंभ में ही इसमें नियुक्ति को लेकर विवाद हो गया। आईएएस अफसरों की पत्नियों की नियुक्ति को लेकर काफी बवाल हुआ। उनकी नियुक्ति तो नहीं हुई, लेकिन जो हुई वह भी विवादित है। आयोग्‍य लोगों के चयन और कोई काम नहीं करने के आरोप लग रहे हैं। प्रोजेक्‍ट के लिए मिल रहे पैसे का उपयोग भी नहीं हो रहा है। ऐसे में ज्‍यादातर राशि लैप्‍स होती जा रही है।

विश्व बैंक और संयुक्त राष्ट्र संघ की कृषि विकास के लिए स्थापित संस्था आईएफएडी से वित्तीय सहायता प्राप्‍त इस परियोजना के लिए 2021 से अब तक करीब 1700 करोड़ रुपये का लोन प्राप्‍त हुआ है। उपयोग नहीं होने के कारण बड़ी राशि लैप्‍स हो गई है। प्रोजेक्‍ट से जुड़े सूत्रों का दावा है कि अब तक करीब 17 से 18 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं उसमें ज्‍यादतर राशि वेतन और ब्‍याज देने में गए हैं।

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प्रदेश के कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने एनपीजी न्‍यूज के साथ बातचीज में स्‍वीकार किया कि इस प्रोजेक्‍ट में अब तक कोई खास काम नहीं हुआ है। उन्‍होंने माना की जो राशि आई थी उसमें से काफी राशि लैप्‍स हो गई है। उन्‍होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय कोई काम नहीं हुआ है। अब हम इस पर ध्‍यान दे रहे हैं। नियुक्ति भी करने जा रहे हैं। जो कमियां-खामियां हैं उसे दूर करेंगे। अब तेजी से काम होगा।

बता दें कि चिराग परियोजना मंत्री राम विचार नेताम के एक आदेश की वजह से अचानक चर्चा में आया है। मंत्री ने शिकायतों के आधार पर प्रोजेक्‍ट में प्‍लेसमेंट एजेंसी के माध्‍यम से रखे गए प्रोजेक्‍ट मैनेजर मयूर गुप्‍ता और राजेश कुमार सिंह को हटाने का निर्देश दिया था। मंत्री के निर्देश के आधार पर विभाग ने भी परियोजना अधिकारी को कार्रवाई करने के लिए पत्र जारी कर दिया। इसके बावजूद दोनों अफसरों को हटाया नहीं गया है। मंत्री की नोटशीट और विभाग का पत्र इन दिनों सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इस मामले में जब मंत्री नेताम से सवाल किया गया तो उन्‍होंने स्‍वीकार किया कि दोनों अफसरों को हटाने के लिए पत्र लिखा था, साथ ही उन्‍होंने यह भी कहा कि फिलहाल प्रोजेक्‍ट को उनकी जरुरत है, इस वजह से निकाला नहीं जा रहा है।

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जानिये..क्‍या है चिराग परियोजना

परियोजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल क्षेत्रों के लक्षित परिवारों में आय के अवसरों और पौष्टिक खाद्य पदार्थों की उपलब्धता में सुधार करना है। परियोजना में प्रदेश के 8 जिलों के 14 आदिवासी बहुल एक हजार गांव शामिल हैं। इस परियोजना के तहत, कृषक परिवारों की महिलाओं और बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। यह परियोजना राज्‍य में 2021 से लागू है। विश्व बैंक और संयुक्त राष्ट्र संघ की कृषि विकास हेतु स्थापित संस्था आईएफएडी ने वित्तीय सहायता दी है।

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