Chhattisgarh: महिला डॉक्टरों से अभद्रता, MLA के के PA को कलेक्टर ने हटाया, FIR भी, गिरफ्तारी की मांग पर अड़े डॉक्टर

Chhattisgarh: महिला डॉक्टरों से अभद्रता, MLA के के PA को कलेक्टर ने हटाया, FIR भी, गिरफ्तारी की मांग पर अड़े डॉक्टर

Chhattisgarh दंतेवाड़ा। महिला चिकित्सकों से अभद्रता करने वाले भाजपा विधायक चैतराम अटामी के पीए को कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने हटा दिया है। ड्रेसर के पद पर पदस्थ कमलेश कुमार नाग विधायक के निज सहायक के रूप में संलग्न था। जिसके द्वारा 15 अगस्त को जिला अस्पताल दंतेवाड़ा में महिला चिकित्सकों से दुर्व्यवहार और धौंस जमाने की शिकायत मिली थी। डॉक्टरों ने कोतवाली थाने पहुंचकर इस मामले में विधायक के पीए के खिलाफ अपराध भी दर्ज करवाया था। अब कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बड़ी कार्यवाही करते हुए विधायक के पीए को हटा दिया है।

दंतेवाड़ा विधानसभा सीट से चैतराम अटामी विधायक निर्वाचित हुए हैं। वह पहली बार विधायक निर्वाचित हुए हैं। उनके निज सहायक के पद पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोनदुम में ड्रेसर ग्रेड–1 के पद पर पदस्थ कमलेश कुमार नाग को संलग्न किया गया था। उसके खिलाफ दंतेवाड़ा जिला चिकित्सालय में मेडिकल ऑफिसर के पद पर पदस्थ महिला चिकित्सक अंजलि नरेटी ने कोतवाली थाने में अपराध दर्ज करवाया था।

दर्ज एफआईआर के अनुसार गीदम निवासी कमलेश नाग और उनके साथी संतोष साहू ने 15 अगस्त को दोपहर 12:00 बजे ड्यूटी में तैनात डॉक्टरों एवं नर्सों के साथ गाली–गलौज कर धमकी दी और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न किया था। महिला चिकित्सक की शिकायत के अनुसार दोपहर 12:00 बजे जब वह मरीज देख रही थी तभी दो महिलाएं 4 साल के एक बच्ची के साथ आपातकालीन कक्ष में आए। उनमें से एक महिला जोर-जोर से बात करते हुए गुस्से में बोली कि बच्ची को दिखाना है। तब महिला चिकित्सक ने बच्ची का इलाज शुरू किया और उनमें से एक महिला को ओपीडी पर्ची बनाने के लिए भेजा। पर्ची आने के पश्चात बच्चों का जांच उपरांत चिकित्सक ने दवाईयां लिखी और बच्ची के साथ दोनों महिलाओं को नर्सिंग स्टेशन की तरफ भेज दिया।

10 मिनट बाद कैजुअल्टी वार्ड की तरफ से शोरूम की आवाज सुन उस तरफ गई तो देखा कि एक व्यक्ति जोर-जोर से स्टाफ नर्स को गाली गलौज करते हुए चिल्लाते हुए डरा–धमका रहा था। वह डॉक्टर नर्स लोगों को बात करने की तमीज नहीं है बोलकर धमका रहा था। इसी समय आवासीय मेडिकल ऑफिसर प्रियंका सक्सेना को वहां से गुजरता देखकर उक्त व्यक्ति द्वारा डॉक्टर प्रियंका को भी जोर-जोर से चिल्लाते हुए डराया धमकाया गया। डॉक्टर प्रियंका के द्वारा समझाइश देने का प्रयास करने पर उक्त व्यक्ति आवेश में आकर अपने पद की धौंस दिखाते हुए महिला चिकित्सक को धमकाने लगा। उक्त व्यक्ति के साथ खड़ा व्यक्ति भी डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार करने लगा। विवाद होता देख सिविल सर्जन डॉक्टर कश्यप और डॉक्टर बघेल आए तब उक्त दोनों व्यक्तियों और इनके साथ आए इनके समर्थकों ने भी इन दोनों डॉक्टरों से भी हुज्जत बाजी की।

बाद में जो बच्चा इलाज करवाने आया था उसकी पर्ची देखने पर पता चला कि बच्चे के पिता का नाम कमलेश नाग है और उसी ने अपने साथी संतोष साहू और अन्य को बुलाया था। दोनों गीदम के रहने वाले हैं और डॉक्टरों को डरा–धमका रहे थे।

घटना के बाद डॉक्टरों ने कोतवाली थाने में विधायक के निज सहायक कमलेश नाग और उसके साथी संतोष साहू और अन्य साथियों के खिलाफ अपराध दर्ज करवाया है।

इसके साथ ही शुक्रवार को डॉक्टरों ने ओपीडी बंद कर प्रदर्शन करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। डॉक्टर शुक्रवार को कोतवाली थाने में डंटे रहें। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर बाकी अस्पतालों में भी ओपीडी सेवा बंद कर दी जाएगी। डॉक्टरों के समर्थन में शुक्रवार को महिला कांग्रेस और युवक कांग्रेस ने भी दंतेवाड़ा के जय स्तंभ चौक में धरना देते हुए विधायक चैतराम अटामी का पुतला जलाया था। विवाद बढ़ता देख कल शनिवार को कलेक्टर ने विधायक के पीए कमलेश कुमार नाग का अटैचमेंट समाप्त कर तत्काल उसके मूल कार्यालय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोंदुम के लिए रिलीव कर दिया है।

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