Chhattisgarh CIC: CS अमिताभ जैन और एक्स DGP अशोक जुनेजा पहुंचे CIC का इंटरव्यू देने, दोनों को एक साथ देख अटकलों और सवालों का बाजार गर्म

Chhattisgarh CIC: रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सूचना आयुक्त के लिए एसीएस मनोज पिंगुआ की अध्यक्षता वाली सर्च कमेटी ने 33 आवेदकों को इंटरव्यू के लिए कॉल किया था। इनमें मुख्य सचिव अमिताभ जैन, हाल में पुलिस महानिदेशक के पद से रिटायर हुए अशोक जुनेजा, पूर्व मुख्य सचिव आरपी मंडल, पूर्व डीजीपी डीएम अवस्थी, रिटायर आईएएस नरेद्र शुक्ला, उमेश अग्रवाल, अमृत खलको और संजय अलंग को शामिल हैं।
पता चला है, 33 में सात आवेदक इंटरव्यू देने नहीं पहुंचे। कॉल जाने के बाद नहीं आने वालों में आरपी मंडल, डीएम अवस्थी और अमृत खलको शामिल हैं। नया रायपुर के सर्किट हाउस में 11 बजे प्रारंभ हुआ इंटरव्यू अपरान्ह तक चला। इंटरव्यू लेने वालों में एसीएस मनोज पिंगुआ, प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और सचिव अविनाश चंपावत सुबह करीब 10 बजे सर्किट हाउस पहुंच गए थे।
इंटरव्यू के लिए सबसे दिलचस्प रहा मुख्य सचिव अमिताभ जैन और पूर्व डीजीपी अशोक जुनेजा के एक साथ आना। जाहिर है, आरपी मंडल, डीएम अवस्थी, नरेंद्र शुक्ला और अमृत खलको इंटरव्यू देने नहीं आए तो निश्चित तौर पर उन्हें कुछ लगा होगा, तभी नहीं आए।
और यह जानते हुए कि सूबे के प्रशासनिक मुखिय अमिताभ जैन अप्लाई किए हैं, बावजूद इसके अशोक जुनेजा दिल्ली से फ्लाइट पकड़कर रायपुर आ गए, तो अटकलों का बाजार गर्म तो होगा ही। कयासों का बाजार गर्म होने की एक वजह यह भी है कि अमिताभ और जुनेजा एक ही बैच के आईएएस, आईपीएस हैं…89 बैच। दोनों के बीच केमेस्टी भी अच्छी रही है। ऐसे में, अशोक जुनेजा अगर इंटरव्यू देने पहुंच रहे….वो भी अमिताभ जैन के साथ हंसते-ठहाके लगाते तो ब्यूरोक्रेसी में चर्चाएं तो होंगी ही। दरअसल, दोनों के बॉडी लैंग्वेज देख नहीं लगा कि दोनों एक ही पद के लिए इंटरव्यू देने पहुंचे हैं।
फिर एक अहम बात यह भी कि कोई डीजीपी पद से रिटायर हुआ अफसर सूचना आयोग में कभी अप्लाई नहीं किया है। अशोक विजयवर्गीय जरूर मुख्य सचिव का पद से वीआरएस लेकर फर्स्ट सीआईसी बने थे। मगर उसके बाद कोई सीएस या डीजीपी ने इस पद के लिए अप्लाई नहीं किया। ऐसे में, अशोक जुनेजा का सीआईसी के लिए अप्लाई करना ही हैरान करने वाला रहा।
अब सवाल यह उठ रहे कि क्या चीफ सिकरेट्री अमिताभ जैन को सीआईसी के अलावा कहीं और पोस्ट रिटायरमेंट पोस्टिंग मिल सकती है क्या? क्योंकि, अशोक जुनेजा भी सीआईसी के लिए कम अश्वस्त नजर नहीं आ रहे हैं। सीएस की प्रबल दावेदारी के बीच अगर वे इंटरव्यू देने आ रहे तो लोग इस पर प्रश्न खड़ा करेंगे ही। सवाल यह भी उठ रहे कि अशोक जुनेजा तो कहीं सीआईसी नहीं बन जाएंगे? जुनेजा अगर सीआईसी बने तो फिर अमिताभ को क्या मिलेगा? सीएस के समकक्ष आखिर कौन सा पद है। राज्य निर्वाचन आयुक्त का पद 2027 में खाली होगा। इसी तरह बिजली नियामक आयोग के चेयरमैन का जुलाई 2026 में वेकैंसी होगी। रेरा चेयरमैन में भी अभी काफी टाईम है। अब बचा बिजली कंपनियों के चेयरमैन पद। चीफ सिकरेट्री के समकक्ष यह बड़ी प्रेस्टिजियस पोस्टिंग मानी जाती है। एसके मिश्रा, शिवराज सिंह और पी जाय उम्मेन बिजली कंपनियों के चेयरमैन रह चुके हैं। मिश्रा और शिवराज सीएस से रिटायर होने के बाद बिजली कंपनियों के चेयरमैन बने थे और उम्मेन सीएस रहने के दौरान ही अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहे थे। बहरहाल, सत्ता के गलियारों में जो चर्चाएं और अटकलबाजियां चल रही है, उस पर यह खबर आधारित है…एनपीजी के विश्वस्त सूत्रों ने इसकी तस्दीक नहीं की है। याने कुछ भी हो सकता है। हो सकता है, चर्चाओं से इतर कोई सीआईसी बन जाए। क्योंकि, आवेदकों में बाहर से आए कुछ नाम भी गंभीर हैं।