Chhath Puja 2024: छत्‍तीसगढ़ में छठ: 33 जिला मुख्यालय में लगभग 2200 घाटों पर डूबते सूर्य को दिया गया अर्घ्‍य

Chhath Puja 2024: छत्‍तीसगढ़ में छठ: 33 जिला मुख्यालय में लगभग 2200 घाटों पर डूबते सूर्य को दिया गया अर्घ्‍य

Chhath Puja 2024: रायपुर। छठ महापर्व का आज तीसरा दिन है। व्रतियों ने आज घाट पर जाकर डूबते सूर्य को अर्घ्‍य दिया। छत्‍तीसगढ़ के 33 जिला मुख्‍यालयों में करीब 22 से ज्‍यादा छठ घाटों पर आज भव्‍य आयोजन किया गया। छठ पूजा के लिए घाटों को विशेष रुप से सजाया गया है।

छत्‍तीसगढ़ के लगभग सभी जिला मुख्‍यालयों में पूजा के लिए छठ घाटों की विशेष साफ- सफाई के साथ ही सजवाट की गई है। दोपहर से ही छठ घाटो पर व्रतियों और उनके परिवारजनों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया है। 4 बजते- बजते सभी प्रमुख घाटों पर जन सैलाब नजर आने लगा। हजारों व्रतियों के साथ लाखों की भीड़ घाटों पर पहुंच गई। इसके साथ ही सूर्यास्‍त का इंतजार किया जाने लगा। परंपरा के अनुसार कुछ लोग पानी में उतर कर अर्घ्‍य देने के लिए सूर्यास्‍त की प्रतिक्षा करने लगे तो कुछ घाट पर ही बैठे रहे। जैसे ही सूर्य की अंतिम रोशनी भी अस्‍त होने के कगार पर आई व्रतियों ने अर्घ्‍य देना शुरू कर दिया। इसके बाद ज्‍यादातर लोग वापस अपने घर लौट गए।

छठ घाटों पर पूजा- पाठ के साथ ही सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है, जो पूरी रात चलेगा। इसके बाद घरों में कोसी भरने के साथ पूजा की अन्‍य विधि की जाएगी। इधर, डूबते सूर्य को अर्घ्‍य देकर लौट गए व्रति और उनके परिजन फिर अल सुबह ही घाटों पर पहुंच जाएंगे। आधी रात बाद से ही घाटों पर भीड़ जुटनी शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही व्रति सूर्य देवता के इंतजार में खड़ी हो जाएंगी। सुबह वे सूर्योदय का इंतजार करेंगी, जैसे ही आसमान में सूर्य का आभास होगा फिर अर्घ्‍य देने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। सुबह उगते सूर्य को अर्घ्‍य देने के साथ ही चार दिनों का यह कठिन व्रत पूरा हो जाएगा।

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