CGPSC Scam: इसे बड़ा खेला और कहां- स्कूल से सीधे सीजीपीएससी दफ्तर पहुंच गया गणवीर और बन गया डिप्टी कंट्रोलर एग्जाम…

CGPSC Scam: रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग के दस्तावेजों में ललित गणवीर का नाम प्रिंसिपल के रूप में दर्ज है। स्कूल का कामकाज करते उन्होंने ऐसा जुगाड़ लगाया कि स्कूल की चहारदीवारी से सीधे सीजीपीएससी के दफ्तर पहुंच गए। सीजीपीएससी में डेपुटेशन का आदेश भी निकलवा लिया। डेपुटेशन में रहते हुए डिप्टी कंट्रोलर एग्जाम बन गए। यह सोचकर अचरज होता है कि एक शिक्षक इस तरह सोच सकता है और ऐसे जुगाड़ भी लगा सकता है क्या। विवेक ने लगाया और इसका फायदा भी भरपूर उठाया। तभी तो सीजीपीएससी 2021 फर्जीवाड़ा के प्रमुख किरदार के रूप में नाम सामने आया है। चर्चा तो इस बात की भी हो रही है कि डेपुटेशन के इस खेला में सीजीपीएसीसी के तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी की भूमिका भी कम बड़ी नहीं है।
टामन सिंह सोनवानी और ललित गणवीर के बीच सामंजस्य ऐसा कि इशारों ही इशारों में गणवीर काम कर जाते थे और किसी को कानो-कान भनक तक नहीं लग पाती थी। तभी तो टामन ने उसे डिप्टी कंट्रोलर एग्जाम की महत्वपूर्ण और कांफिडिंशियल कुर्सी पर बैठाया था। बताते हैं कि टामन और ललित आपस में रिश्तेदार भी है। प्राचार्य के पद पर नौकरी करते प्रतिनियुक्ति के सहारे सीजीपीएससी दफ्तर पहुंचने के बाद ललित ने वही सब किया जो टामन चाहते थे और कराते थे। सीबीआई की जांच में यह बात भी सामने आई है कि डिप्टी कंट्रोलर एग्जाम के हैसियत से ललित गणवीर ने उद्योगपति श्रवण गोयल को प्रश्न पत्र पहुंचाया। इसी प्रश्न पत्र के सहारे श्रवण के बेटे और पुत्रवधु डिप्टी कलेक्टर जैसे प्रतिष्ठापूर्ण पद पहुंच पाए। पेपर लीक के बदले में श्रवण गोयल ने सीएसआर फंड से सीजीपीएससी के तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी की पत्नी के नाम एनजीओ को दो किश्तों में लाखों की राशि दी।
डेपुटेशन में सीजीपीएएसी पहुंचे गणवीर एनजीओ के कोषाध्यक्ष भी
शिक्षा विभाग से डेपुटेशन पर सीजीपीएससी दफ्तर पहुंचने वाले ललित गणवीर के बारे में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गणवीर टामन सिंह सोनवानी की पत्नी के एनजीओ में कोषाध्यक्ष भी हैं। कोषाध्यक्ष के पद पर काबिज रहते सीएसआर फंड के बहाने आने वाली राशि के पाई-पाई का हिसाब रखते थे।
एक सवाल ऐसा
सरकारी कर्मचारी अपनी सेवाकाल के दौरान किसी एनजीओ का पदाधिकारी कैसे रह सकता है। बिना अनुमति किसके शह पर एनीजीओ संचालित कर रहे थे। वह भी टामन सिंह सोनवानी की पत्नी के एनजीओ में कोषाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर काबिज थे।