CG Teacher News: जेडी ने बिना कलेक्टर से पूछे आचार संहिता में कर दिया शिक्षकों का अटैचमेंट…

CG Teacher News: जेडी ने बिना कलेक्टर से पूछे आचार संहिता में कर दिया शिक्षकों का अटैचमेंट…

बिलासपुर। कहार ही न लूट ले दुल्हन की पालकी , यही तो हाल है आज हिंदुस्तान की। यह शायरी स्कूल शिक्षा विभाग पर पूरी तरह से फिट बैठती है क्योंकि स्कूल शिक्षा विभाग की छवि को धूमिल करने में सबसे बड़ा हाथ विभाग के अधिकारियों का ही है फिर मामला चाहे पदोन्नति का हो या स्थानांतरण का या अन्य किसी चीज का हर मामले में गड़बड़ी निकलकर सामने आती है।

अब इस मामले को ही देख लीजिए स्वामी आत्मानंद स्कूल के अध्यक्ष जिले के कलेक्टर होते हैं और उनके पास ही स्कूल से जुड़े मामलों के सर्वाधिक सुरक्षित है बावजूद इसके बिलासपुर जेडी आर पी आदित्य ने बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण को अंधेरे में रखकर अटैचमेंट का खेल खेलना शुरू कर दिया है । NPG के हाथों जेडी आर पी आदित्य द्वारा जारी किया गया एक आदेश लगा है जिसमें उन्होंने मुंगेली जिले और तखतपुर ब्लॉक से दो महिला शिक्षिकाओं को बिना कलेक्टर के अनुमोदन के बिलासपुर शहर के अंदर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी मध्य विद्यालय चिंगराजपारा में लाकर पदस्थ कर दिया और अध्यापन व्यवस्था के नाम पर यह आदेश 15 मार्च को जारी किया गया जबकि राज्य में 16 मार्च से आदर्श आचार संहिता लागू हो गया।

सोचने वाली बात है कि अध्यापन व्यवस्था के नाम पर मार्च माह में आखिर अटैचमेंट की जरूरत क्यों पड़ी क्योंकि उस समय तक पढ़ाई पूरी हो चुकी थी और अधिकांश स्कूलों में तो परीक्षा भी हो चुके थे और यदि अटैचमेंट करना ही था तो वह नए सत्र के शुरुआत में किया जा सकता था। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जेडी को इसका अधिकार ही नहीं है और यदि करना भी था तो कलेक्टर से पहले इसका विधिवत अनुमोदन कराना था दूसरी बात राज्य कार्यालय से किसी भी प्रकार के संलग्नीकरण पर रोक है तो यह आदेश एक प्रकार से राज्य कार्यालय के आदेश का भी उल्लंघन है जिसके जरिए गांव से उठाकर महिला शिक्षिकाओं को शहरी स्कूल में पदस्थ कर दिया गया है।

बताते हैं कि यह केवल एक बानगी मात्र है बिलासपुर जिले में कलेक्टर को अंधेरे में रखकर जिला शिक्षा अधिकारी और जेडी बिलासपुर ने कई शिक्षकों को अध्यापन व्यवस्था के नाम पर उनके मनचाहे जगह पर पदस्थ कर दिया है और इसमें पैसों की जमकर लेन-देन हुई है । बिलासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी तो ऐसे मामलों को लेकर कुछ ज्यादा ही चर्चा में है और कुछ ही दिन पहले उनके यहां एसीबी का छापा भी पड़ा है और मामले में अपराध भी दर्ज हो चुका है । देखना होगा कि कलेक्टर अब इस मामले में क्या कारवाई करते है।

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