CG Education News: कोचिंग संस्थानों पर लगाई लगाम, अगर ये नहीं किया तो खानी पड़ सकती है जेल की हवा

CG Education News: कोचिंग संस्थानों पर लगाई लगाम, अगर ये नहीं किया तो खानी पड़ सकती है जेल की हवा

CG Education News: बिलासपुर। CCPA केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने बच्चों और पैरेंट्स को कोचिंग संस्थानों के भ्रामक विज्ञापन और मकड़जाल से निकालने के लिए जरुरी गाइड लाइन जारी कर दिया है। कोचिंग इंस्टीट्यूट संचालकों को कोचिंग संस्थान में सुविधाओं के बारे में सही-सही ब्योरा देने होंगे। एडमिशन के लिए स्टूडेंट्स या पैरेंट्स पर दबाव बनाया या इस तरह की कोशिश की तो कार्रवाई होगी। स्टूडेंट्स या पैरेंट्स की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा। कोचिंग इंस्टीट्यूट का झूठे विज्ञापन करने वाले संचालक सीधेतौर जिम्मेदार ठहराए जाएंगे।

सीसीपीए ने जारी निर्देश में साफ कहा है कि झूठे विज्ञापन व मार्केटिंग करने वाले कोचिंग इंस्टीट्यूट संचालकों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी। आमतौर पर होता ये है कि प्रतियोगी परीक्षा में जो छात्र सफल होते हैं परिणाम निकलने के कुछ ही घंटों के बाद संस्थान परिसर के अलावा शहरों में बड़े-बड़े विज्ञापन बोर्ड लगा दिया जाता है। मीडिया में विज्ञापनों की भरमार हो जाती है। यह सब सफल उम्मीदवारों को बधाई देना कम अपने कोचिंग संस्थान का विज्ञापन ज्यादा रहता है।इस तरह की प्रवृति पर सीसीपीए ने रोक लगाने के लिए जरुरी दिशा निर्देश जारी किया है। संस्थान द्वारा प्रतियोगी परीक्षा में सफल उम्मीदवारों की फोटो लगाने से पहले लिखित में सहमति लेनी होगी। यही नहीं सीसीपीए को यह बताना भी होगा कि जिस सफल उम्मीदवार की तस्वीर उन्होंने अपने संस्थान के बैनर तले लगाई है उसने कितने महीने व कितने वर्ष तक उनके संस्थान में कोचिंग किया है। उपस्थिति रजिस्टर और फीस के साथ जानकारी देनी होगी। सीसीपीए ने यह सब उन स्टूडेंट्स और पैरेंट्स को इनके जाल से निकालने की कोशिश की है जो भ्रामक और लुभावने विज्ञापन के झांसे में आकर भारी भरकम फीस देकर एडमिशन तो ले लेते हैं और जब संस्थान में पढ़ाई नहीं होती तब पछताते हैं।

 सफल उम्मीदवारों के नाम का विज्ञापन किया तो ये भी देनी होगी जानकारी

0 विज्ञापनों में सफल उम्मीदवारों के नाम, फोटो या प्रशंसापत्र का उपयोग करना अवैध होगा।

0 विज्ञापन में सफल उम्मीदवार की तस्वीर के साथ नाम,रैंकिंग और पाठ्यक्रम की जानकारी देनी होगी। यह सब तभी हो पाएगा जब छात्र संबंधित संस्थान में अध्ययन किया हो।

0 संबंधित छात्र ने पाठ्यक्रम के लिए कितनी फीस दी,कब तक अध्ययन किया यह भी बताना होगा।

0 विज्ञापन के लिए सहमति तब लेनी होगी जब छात्र प्रतियोगी परीक्षा में सफल हो जाए। इसकी तिथि की जानकारी भी देनी होगी।

0 कोचिंग संचालकों को प्रत्येक स्टूडेंट्स व पैरेंट्स को राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन की जानकारी देनी होगी।

 सीसीपीए ने इसलिए लगाई लगाम

कोचिंग संस्थानों को पाठ्यक्रम, उनकी अवधि, शुल्क और फीस रिटर्न, चयन दर, सफलता की कहानियों, रैंकिंग और नौकरी की 100 प्रतिशत गारंटी जैसे झूठे दावों की शिकायत के मद्देनजर सीसीपीए ने कोचिंग संस्थानों पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाने के लिए गाइड लाइन जारी किया है। यह भी चेतावनी दी गई है कि गाइउ लाइन व शर्तों का उल्लंघन करने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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