Bilaspur News: नहीं चलेगा प्रभारवाद: हाईकोर्ट के आदेश पर हटाए गए प्रभारी DEO, जानिये.. क्‍या है पूरा मामला

Bilaspur News: नहीं चलेगा प्रभारवाद: हाईकोर्ट के आदेश पर हटाए गए प्रभारी DEO, जानिये.. क्‍या है पूरा मामला

Bilaspur News: बिलासपुर। अपने से जूनियर को प्रभारी डीईओ और खुद को प्रिंसिपल के पद पर स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव द्वारा पदस्थापना आदेश को चुनौती देते हुए एलपी पटेल ने छत्तीसगढ़ हाई काेर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने वरिष्ठता को दरकिनार कर जूनियर प्रिंसिपल को प्रभारी डीईओ बनाए जाने को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने अवर सचिव के आदेश पर रोक लगाते हुए याचिकाकर्ता को प्रभारी डीईओ के पद पर पदस्थापना करने का आदेश राज्य शासन को दिया है। कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने कहा है। बता दें कि हाई कोर्ट ने आगामी आदेश तक शासन के स्थानांतरण आदेश पर रोक लगाई है।

सारंगढ़ बिलाईगढ़ के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के पद से हटाते हुए एलपी पटेल को स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव ने एक आदेश जारी कर हायर सेकेंडरी स्कूल हरदी जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ के प्रिंसिपल के पद पर पदस्थ कर दिया था। अवर सचिव ने हरदी हायर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल विभावरी ठाकुर को सारंगढ़ बिलाईगढ़ प्रभारी डीईओ के पद पर पदस्थ कर दिया था। स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव आरपी वर्मा ने 29 नवंबर 2024 को यह आदेश जारी किया था। याचिकाकर्ता ने अवर सचिव के आदेश को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। इसमें याचिकाकर्ता ने सीनियर और जूनियर का मुद्दा उठाया था। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा कि उनको हटाकर राज्य शासन ने प्रभारी डीईओ के पद पर जिस प्रिंसिपल के लिए पदस्थापना आदेश जारी किया है वह उनसे जूनियर है। एक सीनियर प्रिंसिपल को हटाकर जूनियर को पदस्थ किया जाना नियमों के विरुद्ध है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नियमों का अवर सचिव खुद ही उल्लंघन कर रहे हैंं। उनकी वरिष्ठता सूची को दरकिनार किया जा रहा है। प्रभारी डीईओ के पद पर सीनियर प्रिंसिपल को ही पदस्थ किया जाता है। राज्य शासन अपने ही नियमों की अनदेखी कर रहा है।

हाई कोर्ट का अहम फैसला

मामले की सुनवाई छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के सिंगल बेंच में हुई। हाई कोर्ट ने अवर सचिव के आदेश पर रोक लगाते हुए याचिकाकर्ता को प्रभारी डीईओ के पद पर पदस्थाना आदेश जारी करने राज्य शासन को निर्देशित किया है। सिंगल बेंच ने अपने फैसले में लिखा है कि इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि एक कनिष्ठ को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पद पर पदस्थ कर प्रभार सौंप दिया गया है। भले ही याचिकाकर्ता को वर्तमान पदस्थापना स्थान से कार्यमुक्त कर दिया गया हो, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, सारंगढ़, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ का प्रभार याचिकाकर्ता को ही तत्काल सौंप दिया जाएगा और उसका स्थानांतरण और कार्यमुक्ति आदेश सुनवाई की अगली तिथि तक स्थगित रहेगा।

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