Bilaspur News: ऐसे में कैसे रुकेगा स्कूलों के पास नशे का कारोबार! तहसीलदार का पत्र देखकर सिर पीट लेंगे आप

Bilaspur News: बिलासपुर. यूं तो अपने दर्जनों बार यह खबर पढ़ी होगी की स्कूलों में राजस्व विभाग के अधिकारी जिसमें एसडीएम से लेकर नायब तहसीलदार तक शामिल है ने स्कूल का निरीक्षण किया और स्कूल और शिक्षकों की कमियां ढूंढी.
लेकिन यह खबर यह दिखाने के लिए पर्याप्त है कि असल में राजस्व विभाग के अधिकारी स्कूल से जुड़े मुद्दों को लेकर कितने गंभीर है। बिलासपुर में मीडिया में स्कूलों के समीप नशे के कारोबार को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित होती रही हैं. परिणामस्वरूप बिलासपुर कलेक्टर ने इस पर रोक लगाने के लिए समय सीमा में राजस्व विभाग के अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए । स्वाभाविक है कि जिन स्कूलों के पास पान ठेले संचालित हो रहे हैं उन पर कार्रवाई यही अधिकारी करेंगे.
तहसीलदार सकरी ने कलेक्टर कार्यालय के पत्र पर कार्रवाई करने के बजाय इसकी जिम्मेदारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी तखतपुर को सौंप दी है. वह सकरी क्षेत्र में स्कूलों के पास बिक रहे नशे के सामानों की सूची तैयार करें और वह सूची तहसीलदार साहब को सौंपे ताकि साहब समय सीमा में कार्रवाई कर सकें।
अपनी जिम्मेदारी थोप रहे दूसरों पर
राजस्व के अधिकारी के लिए क्या यह कोई ऐसा काम है जिसमें उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग की आवश्यकता है और अपने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी को उनका यह पत्र जारी करना और इस प्रकार का निर्देश देना कितना उचित है.
कलेक्टर ने 23 अगस्त को जारी किया था पत्र
समय सीमा में होने वाले इस काम के लिए कलेक्टर ने 23 अगस्त को पत्र जारी किया था. यानी कलेक्टर के निर्देश की अनदेखी हुई और समय सीमा में होने वाले काम को अब जब डेढ़ महीने बाद किए जाने का प्रयास शुरू हो रहा है तो उसमें भी ऑफिस-ऑफिस के तर्ज पर अपना काम दूसरे के माथे पर डाला जा रहा है।






