Bilaspur News: चार अधिवक्ताओं ने सीनियर एडवोकेट बनने छत्तीसगढ़ हाई काेर्ट में जमा किया आवेदन

Bilaspur News: चार अधिवक्ताओं ने सीनियर एडवोकेट बनने छत्तीसगढ़ हाई काेर्ट में जमा किया आवेदन

Bilaspur News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले चार अधिवक्ताओं ने सीनियर एडवोकेट डिजिग्नेट होने के लिए आवेदन पेश किया है। आवेदन के साथ शैक्षणिक योग्यता, वकालत के साथ ही जरुरी दस्तावेज भी जमा कर दिया है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के विनोद कुजूर ने नोटिस जारी कर हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं से इस संबंध में अपना विचार व सुझाव मांगे हैं। जारी नोटिस में रजिस्ट्रार जनरल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (वरिष्ठ अधिवक्ताओं का पदनाम) नियम 2018 के नियम 6(3) के अनुसार, प्रस्तावित पदनाम में अन्य हितधारकों के सुझाव व विचार, यदि कोई हो तो वरिष्ठ अधिवक्ताओं के पदनाम समिति द्वारा विचार हेतु आमंत्रित किया गया है। रजिस्ट्रार जनरल ने स्पष्ट किया कि विचार व सुझाव के पीछे वरिष्ठ अधिवक्ता नामित होने के लिए जिन अधिवक्ताओं ने आवेदन दिया है उनकी जांच और मूल्याकंन करना ही उद्देश्य है।

 सुझाव के लिए तीन सप्ताह का समय

रजिस्ट्रार जनरल कुजूर ने अधिवक्ताओं से विचार व सुझाव के लिए नोटिस के प्रकाशन की तिथि से तीन सप्ताह की अवधि के भीतर जमा करने कहा है। सुझाव व विचार तय तिथि के भीतर वरिष्ठ अधिवक्ताओं के पदनाम समिति के सचिवालय को प्रस्तुत कर सकते हैं। रजिस्ट्रार जनरल ने नोटिस में साफ कहा है कि उक्त निर्धारित अवधि के बाद मिलने वाले सुझाव व विचारों पर विचार नहीं किया जाएगा।

 वरिष्ठ अधिवक्ता नामित होने के लिए इन्होंने जमा किया आवेदन

अधिवक्ता मीरा अंसारी, अधिवक्ता,अशोक कुमार वर्मा, अधिवक्ता, मनोज विश्वनाथ परांजपे, अधिवक्ता और सुनील ओटवानी, अधिवक्ता।

 वरिष्ठ अधिवक्ताओं को ये है विशेषाधिकार

वरिष्ठ अधिवक्ताओं को कुछ विशेषाधिकार दिए जाते हैं जैसे अलग ड्रेस कोड, अदालत की सुनवाई में प्राथमिकता और अदालत के निर्दिष्ट क्षेत्र में बैठने का अधिकार।

 ये है प्रतिबंध

वरिष्ठ अधिवक्ताओं को विज्ञापन देने, ग्राहकों को आकर्षित करने या काम के लिए सीधे ग्राहकों से संपर्क करने की अनुमति नहीं है।

 

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