Bilaspur High Court: 16 साल की बच्‍ची से महीनेभर तक करता रहा दुष्‍कर्म: कोर्ट ने आरोपी को सुनाई 20-20 साल की सजा

Bilaspur High Court: 16 साल की बच्‍ची से महीनेभर तक करता रहा दुष्‍कर्म: कोर्ट ने आरोपी को सुनाई 20-20 साल की सजा

Bilaspur High Court: बिलासपुर। मंगलवार को बिलासपुर जिला कोर्ट ने हत्या के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। बुधवार को फिर एक बड़ा फैसला आया है। स्पेशल कोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी को अलग-अलग धाराओं में 20-20 साल, एक धारा में पांच और एक अन्य धारा में तीन साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी सजाओं को एक साथ चलाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने एक हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है। पीड़िता को क्षतिपूर्ति के तहत छह लाख रुपये देने का निर्देश सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दिया है।

अभियुक्त यशदास मानिकपुरी उर्फ अंशु के विरूद्ध धारा-363, 366-क, 376(3) भारतीय दंड संहिता एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा-5(1)/6 के तहत आरोप है कि अभियुक्त ने 29 जनवरी 2023 के चार बजे यादव मोहल्ला टिकरापारा, थाना-सिटी कोतवाली क्षेत्रांतर्गत बालिका से दुष्कर्म किया। 29 जनवरी 2023 से 27 फरवरी 2023 तक लगातार दुष्कर्म किया। पीड़िता की मां ने इस आशय का रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि उसकी पुत्री 29/01/2023 को शाम करीबन 4.00 बजे घर से बाथरूम जाने निकली उसके बाद वापस घर नहीं आयी। जिसे घर एवं पड़ोस एवं रिश्तेदारों में पता तलाश किया गया किंतु उसका कही पता नहीं चला।

कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा है कि अभियुक्त की आयु भी अधिक नहीं है। किन्तु अभियुक्त 16 वर्ष से कम आयु की अवयस्क लड़की की अवयस्कता का लाभ उठाते हुए, दुष्कर्म किया है। लिहाजा अभियुक्त का कृत्य न केवल समाज पर बुरा प्रभाव डालता है बल्कि उसके अवयस्क के मानसिक दशा पर भी बुरा प्रभाव छोड़ता है। उपरोक्त परिस्थिति में अपराध की गंभीरता एवं समाज पर पड़ने वाले प्रभाव एवं अभियुक्त की आयु तथा उसके भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए अभियुक्त को अलग-अलग धाराओं में 20-20 साल,पांच साल व तीन साल की सजा सुनाई है व तीन हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। कोर्ट ने सभी सजाओं को साथ-साथ चलाने का निर्देश दिया है।

पीड़िता को छह लाख रुपये क्षतिपूर्ति

कोर्ट ने कहा कि पीड़िता 16 वर्ष से कम आयु की अवयस्क है। पीड़िता को शारीरिक के साथ ही मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ा है। धारा-33 (8) लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 एवं 2020 के नियम 7 को दृष्टिगत रखते हुए बतौर क्षतिपूर्ति छह लाख रुपये देने का निर्देश सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर को दिया है।

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