Bihar Election 2025: क्या बिहार में फिर होगा 'सियासी खेला’? CM नीतीश और तेजस्वी यादव की मुलाकात, जानिए क्या है इनके मायने

Bihar Election 2025: क्या बिहार में फिर होगा 'सियासी खेला’? CM नीतीश और तेजस्वी यादव की मुलाकात, जानिए क्या है इनके मायने

Bihar Election 2025: बिहार की सियासी समंदर में एक बार फिर भूचाल आ गया है। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के सिंगापुर से हेल्थ चेकअप करा कर लौटने के बाद बिहार की राजनीति में नई हलचल देखी जा रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच एक अहम मुलाकात हुई, जिसके बाद अगले ही दिन लालू यादव ने आरजेडी के सभी विधायकों, विधान पार्षदों और विधानसभा चुनाव लड़ चुके पूर्व प्रत्याशियों की बैठक बुला ली। इस बैठक को लेकर कई तरह के सियासी कयास लगाए जा रहे हैं।

नीतीश-तेजस्वी की मुलाकात 

नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव की मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय में मुलाकात हुई। यह बैठक अचानक नहीं बल्कि पहले से तय थी। दोनों नेता राज्य के सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्ति के मुद्दे पर चर्चा के लिए मिले थे। इस बैठक के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि कुछ नियुक्तियों पर चर्चा हुई है और सरकार इस पर विधिवत जानकारी देगी। साथ ही, उन्होंने 65 प्रतिशत आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने के मुद्दे पर भी बात की।

लालू यादव की सक्रियता, क्या है संकेत?

लालू यादव की सक्रियता भी इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने आरजेडी के सभी विधायकों और विधान पार्षदों के साथ विधानसभा चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों की बैठक बुधवार को बुला ली है। माना जा रहा है कि लालू यादव, तेजस्वी यादव की आगामी बिहार यात्रा को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं। तेजस्वी यादव 10 सितंबर से बिहार में आभार यात्रा शुरू करने जा रहे हैं, जिसके लिए यह बैठक अहम मानी जा रही है।

क्या फिर से सियासी खेल की तैयारी?

नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव की मुलाकात को लेकर कई सियासी जानकार इसे सिर्फ सूचना आयुक्त की नियुक्ति तक सीमित नहीं मान रहे हैं। बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और भविष्य की रणनीति को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले भी 2022 में ऐसी ही मुलाकातों के बाद बिहार की सियासत ने बड़ा मोड़ लिया था, जब नीतीश कुमार ने एनडीए से नाता तोड़कर महागठबंधन का हिस्सा बनने का फैसला किया था।

लालू यादव के सक्रिय होने और नीतीश-तेजस्वी की मुलाकात के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। आरजेडी की बैठक और तेजस्वी यादव की यात्रा के बीच बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ आ सकता है। ऐसे में राज्य की सियासी स्थिति पर सबकी नजरें टिकी हैं।

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share