बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना (BBBP) 2024: देश में लैंगिक अनुपात खत्म कर बेटियों को सशक्त करना लक्ष्य, जानें योजना में और क्या-क्या है खास ?

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना (BBBP) 2024: देश में लैंगिक अनुपात खत्म कर बेटियों को सशक्त करना लक्ष्य, जानें योजना में और क्या-क्या है खास ?

रायपुर, एनपीजी न्यूज। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत में की थी। इसे 100 जिलों में शुरू किया गया था। 3 मंत्रालय मिलकर इस योजना को चलाते हैं। इनमें मिनिस्ट्री ऑफ वीमेन एंड चाइल्ड वेलफेयर, मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर और मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्स शामिल हैं।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के माध्यम से ना केवल बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है, बल्कि बेटियों को हायर एजुकेशन के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को फीमेल चाइल्ड सेक्स रेशियो में कमी को रोकने के लिए शुरू किया गया था। इसके तहत महिलाओं के एंपावरमेंट से जुड़े मुद्दों को भी हल किया जाता है। यह बेटी और बेटे के बीच समानता स्थापित करने में भी कारगर साबित हुई है।

इस योजना से लिंग अनुपात में सुधार

इस योजना में बच्चियों के अस्तित्व, सुरक्षा और शिक्षा को सुनिश्चित किया जाता है। इस योजना से लिंग अनुपात में सुधार देखने को मिला है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना से कन्या भ्रूण हत्या में भी कमी आई है।

देश के हर जिले में संचालित की जा रही है योजना

सरकार द्वारा Beti Bachao Beti Padhao Yojana को वर्ष 2014-15 में केवल 100 जिलों में शुरू किया गया था। वर्ष 2015-16 में इस योजना में 61 और जिले जोड़ दिए गए थे। इस समय यह योजना देश के हर जिले में संचालित की जा रही है। इस योजना के माध्यम से बेटियों के जीवन स्तर में सुधार आया है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना 2024 में किए गए हैं कुछ संशोधन

केंद्र सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना 2024 में कुछ संशोधन किए हैं। इसमें सरकार इन बातों को शामिल करने जा रही है.. जैसे-बालिकाओं को कौशल शिक्षा देना, माध्यमिक शिक्षा में उनका नामांकन बढ़ाना, मासिक धर्म संबंधी स्वच्छता के बारे में उन्हें जागरूक करना और बाल विवाह को खत्म करना।

महिलाओं को सशक्त बनाना और उनकी शिक्षा पर जोर देना भी लक्ष्य

कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य महिलाओं को सशक्त बनाना और उनकी शिक्षा पर जोर देना है। केंद्र सरकार इसे और भी प्रभावी बनाने के लिए काम कर रही है। मंत्रालय के नए दिशा-निर्देश में मौजूदा केंद्रों को अपग्रेड करते हुए 300 अतिरिक्त केंद्रों की स्थापना किए जाने का लक्ष्य है। इसके अलावा महिलाओं के लिए निर्देशित कई केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। केंद्र अब नए दिशा-निर्देशों के अनुसार नए परिसरों और ओएससी केंद्रों के रखरखाव, सुधार और निर्माण पर अधिक जोर देगा। 

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्य

देश मे लैंगिक अनुपात को खत्म करना।

लड़कियों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म किया गया है।

ये योजना केवल जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

इसके तहत सीधे तौर पर आर्थिक लाभ नहीं मिलता है।

इस योजना से बेटियों के जन्मोत्सव पर 5 पोधों का वृक्षारोपण के लिए बढ़ावा देना है।

बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना।

समाज में बेटियों को जिम्मेदार बनाकर उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना। 

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