Bank Fraud News: बैंक फ्राड का डरवाना मामला: बैंक अकाउंट से 6 लाख किया पार, 12 लाख 24 हजार रुपये का पर्सनल लोन भी ले लिया, मामला पहुंचा हाई कोर्ट

Bank Fraud News: बिलासपुर। एलआईसी अफसर को केवाईसी के नाम पर फ्राड ने गजब का चुना लगाया है। बैंक में जमा छह लाख रुपये पार करने के बाद उसी खाते के एवज में पर्सनल लोन भी ले लिया। 12 लाख 24 हजार रुपये लोन लेने के बाद किश्त की राशि भी बंधवा दी। यह सब फ्राड ने महज 24 घंटे के भीतर किया। दूसरे दिन जब अफसर बैंक गया और केवाईसी के बारे में पूछताछ की तब फ्राड होने की जानकारी मिली। गाढ़ी कमाई लुटाने और कर्ज से लदे होने की जानकारी से परेशान बैंक अफसर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस जांच जल्द कराने और बैंक द्वारा लोन के एवज में रिकवरी पर रोक लगाने की मांग की है।
बिलासपुर जिले के नेचर सिटी सकरी निवासी जानसन एक्का ने अपने अधिवक्ता अब्दुल वहाब खान के जरिए बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में बताया है कि वह बिलासपुर में LIC ऑफिस में अधिकारी के पद पर कार्यरत है। उनका बैंक खाता एक्सिस बैंक व्यापार विहार बिलासपुर में है। बैंक खाते में छह लाख रुपये जमा था। 8 .12.2024 को उनके मोबाइल में काल आया। काल करने वाले ने अपने आपको एक्सिस बैंक का कर्मचारी बताया और बैंक अकाउंट का केवाईसी अपडेट कराने के लिए बैंक आने की बात कही। काम की व्यस्तता बताई तब काल करने वाले ने आनलाइन केवाईसी अपडेट करने की बात कही और आधार, पैन कार्ड तथा अन्य दस्तावेजों की कॉपी वाट्सएप के जरिए मांगी। भरोसे में आकर वाट्सएप के जरिए कापी भेज दी। अकाउंट अपडेट के बहाने मोबाइल पर आए ओटीपी पूछ लिया। 24 घंटे के भीतर केवाईसी अपडेट होने का आश्वासन दिया और काल काट दिया। दूसरे दिन 12.2024 को जब उसे फोन लगाकर केवाईसी के बारे में पूछा तब केवाईसी अपडेट होने व बैंक जाकर खाता चेक करने पर डिटेल जानकारी देने की बात कही। दूसरे दिन व्यापार विहार बिलासपुर स्थित एक्सिस बैंक की शाखा में पहुंचा तब पता चला कि उसके खाते में जमा धन राशि 6 लाख रुपए फ्राड ने निकाल लिया है।
बैंक खाते में पर्सनल लोन तथा क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लेनदेन हो चुका था। पर्सनल लोन के रूप में 12 लाख 24 हजार 701 रुपए एवं क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ₹90 हजार खाते में आया भी और इसी दौरान इस 24 घंटे के भीतर उसके खाते से लेनदेन हो चुका था।
पर्सनल लोन निकाला और किश्त की राशि भी तय करवा दी
याचिकाकर्ता को बताया कि बैंक जाने पर पता चला कि बैंक के द्वारा उक्त ऋण की अदायगी के लिए मासिक किस्त भी बांध दी गई है। इसके बाद सकरी थाने में एफआईआर दर्ज कराई। चार महीने बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। याचिकाकर्ता ने बताया कि बैंक से भी रिकवरी की कार्रवाई को बंद नहीं किया गया है। यााचिका की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई। कोर्ट ने बिलासपुर एसपी को आठ महीने के भीतर विवेचना पूरी करने का निर्देश दिया है।






