अंबिकापुर: कुत्ते ने बच्चे पर किया बुरी तरह से हमला, सिर, हाथ और पीठ को नोचा, बुजुर्ग ने जान पर खेलकर बचाई जान

अंबिकापुर: कुत्ते ने बच्चे पर किया बुरी तरह से हमला, सिर, हाथ और पीठ को नोचा, बुजुर्ग ने जान पर खेलकर बचाई जान

सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में लोग आवारा कुत्तों से परेशान हैं। आए दिन कुत्ते किसी न किसी पर हमला कर उसे घायल कर रहे हैं। ताजा घटना अंबिकापुर नगर निगम के बिहीबाड़ी का है। यहां घर लौट रहे एक बच्चे पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्चे को काट लिया, पास ही एक बुजुर्ग जा रहा था, जिसने कुत्ते से बच्चे की जान बचाई।

बच्चे के हाथ, सिर और पीठ पर कुत्ते ने काटा

आवारा कुत्ते ने बच्चे के हाथ, सिर और पीठ पर काट लिया है। इधर बच्चे के पिता दिलीप ठाकुर ने बताया कि उनका परिवार जेल रोड के पास रहता है। उनका 8 साल का बेटा दिव्यांशु अपने भाई के साथ दुर्गा पंडाल में भंडारा लेने गया था। उसका भाई साइकिल चलाते हुए आगे निकल गया, तो दिव्यांशु फल मंडी के पास अपने भाई का इंतजार करने लगा। इसी दौरान कुत्ते ने उसे काटकर जख्मी कर दिया।

बुजुर्ग ने बचाई बच्चे की जान

उसी दौरान साइकिल से गुजर रहे एक बुजुर्ग ने मौके पर पहुंचकर बच्चे को बचा लिया। परिजनों ने बुजुर्ग का धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि अगर बुजुर्ग ने बच्चे की जान नहीं बचाई होती, तो कोई भी अनहोनी हो सकती थी।

CCTV कैमरे में कैद हुई घटना

इधर दिव्यांशु को कुत्ते द्वारा काटे जाने का वीडियो CCTV कैमरे में कैद हो गया है। बच्चे के पिता दिलीप ठाकुर ने एक फल दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे से फुटेज निकलवाई है। फिलहाल बच्चे को एंटी रैबिज का इंजेक्शन लगवा दिया गया है।

आवारा कुत्ते बच्चों, बुजुर्गों को बना रहे शिकार

अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक बहुत बढ़ गया है। इसके बावजूद नगर निगम उनकी आबादी पर नियंत्रण के कोई उपाय नहीं कर रहा। आवारा कुत्ते खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और अकेले चल रहे लोगों को अपना निशाना बनाते हैं। रात के समय अगर किसी को इलाके से गुजरना हो, तो वो दहशत में आ जाता है, क्योंकि कुत्ते झुंड में हमला कर रहे हैं।

महापौर डॉ अजय तिर्की ने बताई लाचारी

अंबिकापुर के महापौर डॉ अजय तिर्की ने कहा कि शासन के निर्देशों के अनुसार आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए सिर्फ बधियाकरण कर इनकी आबादी को काबू करने के अलावा कोई उपाय नहीं है। पिछले साल बधियाकरण (Castration) के लिए फंड शासन से मिला था। इससे करीब 800 कुत्तों का Castration किया गया था। इस साल भी प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। 

लोगों ने जताई नगर निगम पर नाराजगी

इधर लोगों का कहना है कि वे लोग कुत्तों के आतंक से परेशान हैं, लेकिन नगर निगम हाथ धरे बैठा है। आए दिन कुत्ते किसी न किसी पर हमला कर उन्हें घायल कर रहे हैं। अब तो घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। खासतौर पर जब भी परिवार के सदस्य या किन्हीं अन्य गेस्ट को घर आना होता है, तो कुत्तों के चलते उन्हें बहुत डर लगता है। इमरजेंसी में रात में बाहर जाने पर भी वापस घर लौटने में डर लगता है। लोगों ने जल्द से जल्द नगर निगम से आवारा कुत्तों पर लगाम लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि घर में बच्चे-बुजुर्ग, महिलाएं सभी हैं, ऐसे में डर के साए में उन्हें जीना पड़ रहा है।

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