छठी बार ‘परीक्षा पे चर्चा’ : PM मोदी ने बच्चों संग लगाई क्लास, मुख्यमंत्री धामी ने भी छात्रों संग सुना संवाद

छठी बार ‘परीक्षा पे चर्चा’ : PM मोदी ने बच्चों संग लगाई क्लास, मुख्यमंत्री धामी ने भी छात्रों संग सुना संवाद


प्रधानमंत्री के परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में आज राज्य के 10 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जो कार्यक्रम से लाइव जुड़े। 9 वीं से 12 वीं तक के इन छात्रों के लिए सभी विद्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। प्रदेश के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं के साथ ही पथरीबाग चौक स्थित एसजीआरआर लक्ष्मण इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई मंत्रियों ने भी छात्रज्ञें के साथ संवाद सुना। वहीं,  राज्यपाल भी कार्यक्रम से जुड़े।

अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “शायद इतनी ठंड में पहली बार परीक्षा पे चर्चा हो रही है। आमतौर पर फरवरी में करते हैं, लेकिन विचार आया कि आप सबको 26 जनवरी का भी लाभ मिले। परीक्षा पे चर्चा मेरी भी परीक्षा है। देश के कोटि-कोटि विद्यार्थी मेरी परीक्षा ले रहे हैं। मुझे ये परीक्षा देने में आनंद आता है।”

पीएम ने कहा, “मुझे लाखों की तादाद में सवाल पूछते हैं, व्यक्तिगत समस्याएँ बताते हैं, परेशानियाँ बताते हैं। सौभाग्य है कि देश का युवा मन क्या सोचता है, किन उलझनों से गुजरता है, देश से उसकी अपेक्षाएँ क्या हैं, सरकारों से अपेक्षा क्या है, सपने क्या हैं, संकल्प क्या हैं… मेरे लिए ये बहुत बड़ा खजाना है। मैंने अपने सहयोगी को कहा है कि सारे सवालों को इकट्ठा करके रखिए। 10-15 साल बाद मौका मिलेगा तो सोशल साइंटिस्ट इसका एनालिसिस करेंगे। पीढ़ी और स्थिति बदलने के साथ सपने-संकल्पों-सोच के बदलने का भी आकलन करेंगे।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि परिवार के लोगों को बहुत अपेक्षाएँ होना स्वाभाविक है। इसमें कोई गलत भी नहीं है, लेकिन अगर परिवार के लोग अपेक्षाएँ सोशल स्टेटस के कारण कर रहे हैं तो यह चिंता की बात है। सोशल स्टेटस का लोगों पर बहुत दवाब होता है। लोग बाहर जाकर अपने बच्चों की क्षमता को जानते हुए भी बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। इसके बाद वे घर आते हैं तो बच्चों से ऐसी ही अपेक्षा करते हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि परीक्षा पे चर्चा के छठवें संस्कंरण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने विद्यार्थियों को तनाव मुक्ति, समय प्रबंधन, कार्य दक्षता बढ़ाने, जीवन में विभिन्न चुनौतियों को पार करने के लिए गुरू मंत्र दिये। प्रधानमंत्री जी द्वारा विद्यार्थियों से संवाद कर उनको जो प्रेरणा दी गई है, उनका अनुसरण करते हुए हमारे ये बच्चे भविष्य में देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि भारत युवाओं का देश है। हम आजादी के अमृतकाल में प्रवेश कर चुके हैं। आगामी 25 साल भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। भारत का हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो, इसकी हमारे युवाओं पर बड़ी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में भी हम बेहतर कार्य कर ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं। परमात्मा ने हमें जो स्वतंत्र अस्तित्व एवं व्यक्तिव दिया है, इसका हमें सही तरीके से उपयोग करना होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लक्ष्मण विद्यालय इंटर कॉलेज, पथरीबाग में स्कूली छात्र-छात्राओं से मिलकर उन्हें आगामी परीक्षाओं की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रेरणा दी कि जीवन में जो भी कार्य करें, पूरे मनोयोग से करें। उन्होंने कहा कि मेहनत ही जीवन में रंग लायेगी। इसके लिए अपने भीतर की ताकत जानना जरूरी है। जब हम किसी कार्य को पूरे मनोयोग से करते हैं, तो उसमें सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने कहा कि जीवन में अनेक परीक्षाओं का सामना करना पड़ता है, इसके लिए तनाव लेने के बजाय, उन चुनौतियों को पार पाने के प्रयास करने चाहिए। यदि हमने जीवन में तनाव मुक्ति और समय प्रबंधन करना सीख लिया, तो कोई भी कार्य असम्भव नहीं है।

प्रधानमंत्री के ‘परीक्षा पर चर्चा- 2023’ कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न स्कूलों से वर्चुअल माध्यम से मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण, मेयर, अन्य जनप्रतिनिधगण, स्कूलों के विद्यार्थी, शिक्षकगण एवं उनके अभिभावक जुड़े थे।

 

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