भारतीय कंपनी वार्डविजार्ड ने शुरू किया इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर का निर्यात

भारतीय कंपनी वार्डविजार्ड ने शुरू किया इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर का निर्यात

भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता वार्डविजार्ड इनोवेशन्स एंड मोबिलिटी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए फिलीपींस को अपने इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर का निर्यात शुरू कर दिया है। यह कदम कंपनी के लोकप्रिय ब्रांड जॉय ई-बाइक और जॉय ई-रिक के तहत तैयार कस्टमाइज्ड ई-ट्राइक (ड्राइवर प्लस 10 सीट) को फिलीपींस भेजकर उठाया गया है।

1.29 बिलियन डॉलर का बड़ा ऑर्डर

वार्डविजार्ड को यह ऑर्डर बेलुआ इंटरनेशनल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन से मिला था। इस ऑर्डर की कुल राशि 1.29 बिलियन डॉलर है। इसके तहत कंपनी ने फिलीपींस के सार्वजनिक परिवहन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह विशेष ई-ट्राइक डिजाइन और विकसित किया है। यह वाहन फिलीपींस सरकार के सार्वजनिक परिवहन आधुनिकीकरण कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पुराने और प्रदूषणकारी वाहनों को हटाकर उनकी जगह पर्यावरण-अनुकूल और आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करना है।

सार्वजनिक परिवहन में सुधार का प्रयास

फिलीपींस सरकार का पब्लिक यूटिलिटी व्हीकल मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम पुराने वाहनों को बदलने और सार्वजनिक परिवहन को अधिक कुशल और पर्यावरण-अनुकूल बनाने पर केंद्रित है। इसी दिशा में वार्डविजार्ड का यह कस्टमाइज्ड ई-ट्राइक फिलीपींस भेजा गया है, जो फिलहाल परीक्षण के चरण में है। कंपनी 2025 में अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों की खेप भी जांच और परीक्षण के लिए भेजेगी, जिससे स्थानीय बाजार की जरूरतों को समझा जा सके।

वाहन के खास फीचर्स और उपयोगिता

वार्डविजार्ड द्वारा तैयार किया गया यह ई-ट्राइक सार्वजनिक परिवहन के लिए आदर्श है। इसमें ड्राइवर के साथ 10 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। इसका डिजाइन फिलीपींस की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह वाहन न केवल पर्यावरण-अनुकूल है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन को अधिक कुशल बनाने में भी मदद करेगा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत का नाम

इस निर्यात के जरिए वार्डविजार्ड न केवल अपने व्यापार का विस्तार कर रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत को एक मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में भी काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए पर्यावरणीय जिम्मेदारी निभाने और वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहन समाधान प्रदान करने का है।

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