Howrah Bridge: 40 साल में पहली बार हावड़ा ब्रिज बंद, जानें क्या है वजह

Howrah Bridge: 40 साल में पहली बार हावड़ा ब्रिज बंद, जानें क्या है वजह

Howrah Bridge: कोलकाता का प्रसिद्ध हावड़ा ब्रिज (जिसे रवींद्र सेतु भी कहा जाता है) इस शनिवार मध्य रात्रि से रविवार सुबह तक वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहेगा। 35 वर्षों में पहली बार ऐसा होने जा रहा है जब इस ऐतिहासिक पुल की स्थिति की व्यापक जांच के लिए ट्रैफिक पूरी तरह से रोका जाएगा। यह जांच श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट द्वारा करवाई जा रही है और इसमें राइट्स (RITES) नामक विशेषज्ञ एजेंसी का सहयोग लिया जा रहा है।

अस्थायी रूप से बंद रहेगा हावड़ा ब्रिज

आधिकारिक सूचना के अनुसार, हावड़ा ब्रिज को शनिवार रात 11:30 बजे से रविवार सुबह 4:30 बजे तक पूरी तरह से बंद रखा जाएगा। कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान पुल की स्थिति का गहराई से निरीक्षण किया जाएगा, ताकि बिना किसी बाधा के इसका सुरक्षा आकलन किया जा सके। इस दौरान यात्रियों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने का अनुरोध किया गया है ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।

चार दशकों में पहली बार हो रही व्यापक जांच

अधिकारियों के मुताबिक, यह जांच हावड़ा ब्रिज की दीर्घकालिक सुरक्षा और भविष्य के संरक्षण की योजना तैयार करने के उद्देश्य से की जा रही है। आखिरी बार ऐसी व्यापक जांच 1983 और 1988 में हुई थी, जब इस पुल ने अपनी 40 साल की सेवा पूरी की थी। अब 35 वर्षों बाद, इसे फिर से बड़े स्तर पर जांचा जा रहा है।

हावड़ा ब्रिज पर एक नजर

  • लंबाई: 1,500 फीट
  • चौड़ाई: 71 फीट
  • फुटपाथ: दोनों किनारों पर 18.5 फीट चौड़े फुटपाथ
  • हेंगर: पुल के भार को सहन करने के लिए 78 हेंगर, जो वजन को कंक्रीट डेक स्लैब्स पर स्थानांतरित करते हैं।

हावड़ा ब्रिज कोलकाता की जीवन रेखा के रूप में जाना जाता है। इससे हर दिन लाखों वाहन और पैदल यात्री गुजरते हैं। हालांकि पुल पर नियमित रूप से रखरखाव कार्य होते हैं, लेकिन अब इसकी दीर्घकालिक सुरक्षा और कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के लिए गहन जांच की जा रही है।

यात्रियों के लिए निर्देश

  • ब्रिज बंद रहने के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।
  • कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अस्थायी बंद की अवधि को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं।

यह अस्थायी बंदी हावड़ा ब्रिज की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, ताकि आने वाले वर्षों में भी यह पुल कोलकाता के नागरिकों की सेवा करता रहे।

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