Bilaspur High Court: हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का नहीं कर रहे पालन, सचिव मानव संसाधन से कोर्ट ने किया जवाब-तलब

Bilaspur High Court: बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के नियमितिकरण का मामला अब तक सुलझ नहीं पाया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मुकदमा हार गया है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद भीअब तक आदेश का परिपालन नहीं किया है। इसे लेकर याचिकाकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में न्यायालयीन आदेश की अवहेलना का आरोप लगाते हुए अवमानना याचिका दायर की है। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने सचिव मानव संसाधन विभाग दिल्ली संजय कुमार को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।
याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान जस्टिस रजनी दुबे की सिंगल बेंच ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन द्वारा 19 फरवरी 2010 को याचिकाकर्ताओं के नियमितिकरण रद्द करने के आदेश को खारिज करते हुए याचिकाकर्ताओं को लाभ प्रदान करने का निर्देश दिया था। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती देते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने डिवीजन बेंच में चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की डिवीजन बेंच में हुई। मामले की सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने विश्वविद्यालय की याचिका को खारिज करते हुए सिंगल बेंच के आदेश को सही ठहराया था।
सुप्रीम कोर्ट में पेश की थी अपील
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले को चुनौती देते हुए गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई जस्टिस ऋषिकेश राय और जस्टिस प्रशांत मिश्रा की डिवीजन बेंच में हुई। प्रकरण की सुनवाई के बाद यूनिवर्सिटी की याचिका को खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच के फैसले का परिपालन करने का निर्देश भी दिया था। 0 याचिकाकर्ता ने दायर की है अवमानना याचिका
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच व सुप्रीम कोर्ट के डिवीजन बेंच के फैसले के बाद भी यूनिवर्सिटी प्रबंधन द्वारा आदेश का परिपालन ना करने पर न्यायालयीन आदेश की अवहेलना का आरोप लगाते हुए सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति,रजिस्ट्रार और सचिव मानव संसाधन के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है। मामले की सुनवाई जस्टिस एनके व्यास के सिंगल बेंच में हुई। याचिका की सुनवाई के बाद सिंगल बेंच ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।






