Karil Vegetables in Chattisgarh : यहां बांस से मार नहीं सब्जी खाई जाती है…नाम है "करील", जानिए इसे खाना पड़ सकता है कितना महंगा और फ़ायदें

Karil Vegetables in Chattisgarh : यहां बांस से मार नहीं सब्जी खाई जाती है…नाम है "करील", जानिए इसे खाना पड़ सकता है कितना महंगा और फ़ायदें

Karil Vegetables in Chattisgarh: छत्तीसगढ़ में खाने को लेकर एक से बढ़कर एक वैरायटीयां हैं। भले ही राज्य को धान का कटोरा कहा जाता है, लेकिन यह राज्य हर चीज़ में परिपूर्ण है। ऐसे ही यहां सब्जी-भाजियो में भी परिपूर्णता है। यहाँ एक से बढ़कर एक सब्जी है। इसमे से एक है करील, जो इस मौसम में ही  प्रदेश भर में मिलता है और बड़े चाव से खाया जाता है।

फिलहाल, छत्तीसगढ़ में इसको तोड़ते या बेचे जाने पर जेल जाने की नौबत भी आ सकती है. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि छत्तीसगढ़ में बांस की सब्जी को बड़े चाव से खाया जाता है.

बांस की नन्ही कोपलें, जिन्हें करील कहा जाता है. इन कोपलों को लोग यहां सब्जी के रूप में खाते हैं. करील को बेचने पर पाबंदी के बावजूद यह सब्जी 1000 रुपये प्रति किलो से अधिक दाम में कहीं न कहीं मिल ही जाती है.

करील  खाने के इतने फायदे

इसमें आपके स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन के साथ अनेकों विटामिन हैं, जो सेहत के लिए लाभकारी होते हैं. बांस की नन्ही कोपलों में प्रोटीन, विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन बी 6, कैल्शियम, मैग्नीशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर, पोटेशियम, सल्फर, सेलेनियम और आयरन जैसे पोषक और खनिज तत्व पाए जाते हैं. बांस में फोलिक एसिड भी होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है. इसमें पाया जाने वाला फाइटोकेमिकल कैंसर से बचाव करता है. हृदय की धमनियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है.

ऐसी बनाई जाती है सब्जी और अचार 



इसकी सब्जी और आचार बनाने के लिए सबसे पहले बांस के नन्ही कोपलें की उपर के छिलके को हटाया जाता है. उसके बाद करील को छोटे आकार में टुकड़े किए जाते है .

बांस के करील की सब्जी और आचार जितना स्वादिष्ट होता है उतना ही औषधीय गुणों से भरा होता है. इसके जानकर बताते हैं कि करील से बनी सब्जी और आचार के सेवन वजन कम करने में सहायता मिलती हैं. इसके साथ ही कोलेस्ट्रोल को कम करता है.

सब्जी बनाने से पहले बारीक करील को पानी में उबालते हैं. फिर तेल में फ्राई करते हैं. इसके बाद जीरा सरसों धनिया मिर्ची पाउडर हल्दी मिलाकर मसाला के साथ पकाते हैं. वही, अचार बनाने के लिए पानी में उबालना पड़ता है. फिर धूप में एक दिन सुखाते हैं. उसके बाद सरसों तेल और अचार का मसाला डालकर तैयार किया जाता है.

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