Bilaspur News: स्वाइन फ्लू से एक और मौत, इलाज के दौरान मरीज ने तोड़ा दम, 44 मरीज हैं एक्टिव

Bilaspur News: स्वाइन फ्लू से एक और मौत, इलाज के दौरान मरीज ने तोड़ा दम, 44 मरीज हैं एक्टिव

Bilaspur News बिलासपुर। स्वाइन फ्लू का कहर न्यायधानी बिलासपुर में जारी है। इलाज के दौरान एक मरीज ने अपोलो अस्पताल में दम तोड़ दिया। इससे पहले भी पांच मरीज स्वाइन फ्लू से अपनी जान गंवा चुके हैं। वही स्वाइन फ्लू के 44 मरीज एक्टिव है। बता दे दो दिन पहले दुर्ग में भी एक स्वाइन फ्लू पीड़ित की मौत हुई है।

स्वाइन फ्लू पीड़ितो के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बिलासपुर के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी स्वाइन फ्लू के मरीज लगातार सामने आ रहे है। बिलासपुर के अलावा कुछ दिनों पहले दुर्ग में थी स्वाइन फ्लू के चलते मौत हो गई थी। अब बिलासपुर में एक बार फिर स्वाइन फ्लू पीड़िता ने दम तोड़ दिया है। अपोलो अस्पताल में भर्ती 59 साल की पॉजिटिव बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई है।

सरकंडा के राजस्व कॉलोनी में रहने वाली 59 वर्षीया महिला को सर्दी खांसी और बुखार की समस्या थी। लगातार कई दिनों तक के तबीयत ठीक नहीं होने पर उन्हें 2 सितंबर को अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। जहां इलाज के बाद में उनकी स्थिति नहीं सुधर रही थी। स्वाइन फ्लू के लक्षण नजर आने पर उनका स्वाइन फ्लू टेस्ट किया गया। जिसमें स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि हुई। वही इलाज के दौरान उन्होंने बीते रात को दम तोड़ दिया।

इसके अलावा 5 नए मरीज भी न्यायधानी बिलासपुर में स्वाइन फ्लू के मिले हैं। ये सभी शहरी क्षेत्रों के रहने वाले हैं। सभी का होम आइसोलेशन में इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग मरीज के संपर्क में आने वालों की कांटेक्ट ट्रेसिंग कर रहा है।

पिछले एक माह में जिले में 144 स्वाइन फ्लू के मरीज मिल चुके है। वहीं पांच की मौत हो चुकी है। बुधवार को छठवीं मौत हुई है। 44 मरीज अब भी सक्रिय अवस्था में है।

पीड़ितो के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

सिम्स का हेल्प लाइन नम्बर 75874-85907, जिला अस्पताल 07752-480251, अपोलो अस्पताल 97555-50834 और स्वास्थ्य विभाग के टोल फ्री नम्बर 104 पर संपर्क किया जा सकता है।

यह है लक्षण

विशेषज्ञों के अनुसार स्वाइन फ्लू के लक्षण आम सर्दी-खांसी, बुखार के लक्षणों जैसे होते है।

कैसे करता है नुकसान

स्वाइन फ्लू का जो वायरस होता है वो मनुष्य के श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। ये फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। फेफड़े धीर-धीरे काम करना बंद कर देते हैं।

ये उपाय जरूरी

सर्दी-खांसी के मरीजों से बात करते समय मुंह में रूमाल रखें या मास्क का प्रयोग करें। साथ ही बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोएं या हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें। जोखिम वाले लोगों से दूरी बनाए रखें और सर्दी-खांसी लक्षणों वाले लोगों से कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाए रखें। खांसी या छींकते समय अपने मुंह और नाक को रूमाल या कोहनी से ढकें। पौष्टिक आहार लें, पर्याप्त आराम करें और तनाव कम रखें, स्वच्छता बनाए रखें नियमित रूप से सतहों और वस्तुओं को साफ करें I यदि आपको लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सा सलाह लें।

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