Ambikapur News: मध्य प्रदेश व राजस्थान की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में उठी स्वर्ण कला बोर्ड की मांग…

Ambikapur News: अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष आरएस विश्वकर्मा बीते दिनों सरगुजा संभाग के प्रवास पर थे। अंबिकापुर में प्रवास और कार्यक्रम के दौरा छत्तीसगढ़ स्वर्णकार वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष की अगुवाई में प्रदेश पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधि मंडल ने उनसे मुलाकात की थी। प्रदेशाध्यक्ष ने पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष विश्वकमा्र को बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में बड़ी आबादी सुनारों की है। जो पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत आते हैं। सोनार जाति के अधिकांश लोग स्वर्ण आभूषणों के निर्माता एवं विक्रेता है। इस व्यवसाय के जुड़े लाखों कारीगरों की आर्थिक स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। जिनके उत्थान के साथ ही संरक्षण की आवश्यकता है।
पदाधिकारियों ने विश्वकर्मा को बताया कि इन कारीगरों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान हेतु मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत आने वाले स्वर्णकारों के लिए स्वर्ण कला बोर्ड का गठन किया गया है। जिसके माध्यम से उनके बेहतर प्रशिक्षण के साथ ही व्यवसाय के लिए ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने के अलावा अन्य कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है।
छत्तीसगढ़ में भी इसी तरह के बोर्ड की है जरुरत
प्रतिनिधि मंडल ने छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष आरएस विश्वकर्मा से कहा कि राज्य में स्वर्णकारों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। लिहाजा मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी पिछड़ा वर्ग के स्वर्णकारों के लिए स्वर्ण कला बोर्ड के गठन करने की अनुशंसा शासन को भेजने का आग्रह किया है।
इस अवसर पर स्वर्णकार वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ डीके सोनी, प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश सोनी, सरगुजा युवा स्वर्णकार संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सोनी, पूर्व पार्षद सिंधू सोनी उपस्थित थे।






