Independence Day: PM मोदी ने स्‍वतंत्रता दिवस पर 98 मिनट का संबोधन: भाषण में रोजगार, राष्‍ट्रीय सुरक्षा से लेकर बंगलादेश

Independence Day: PM मोदी ने स्‍वतंत्रता दिवस पर 98 मिनट का संबोधन: भाषण में रोजगार, राष्‍ट्रीय सुरक्षा से लेकर बंगलादेश

Independence Day: एनपीजी न्‍यूज डेस्‍क

लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “स्वतंत्रता आंदोलन का कालखंड संघर्ष का रहा है। युवा, वृद्ध, महिलाओं एवं आदिवासियों ने गुलामी के विरुद्ध अविरत संघर्ष किया। अपने भाषण में मोदी ने देश की ताजा स्थिति, रोजगार और विकास से लेकर बंगलादेश तक का उल्‍लेख किया।

पीएम मोदी ने कहा कि आज वो शुभ घड़ी है जब हम देश की आज़ादी के लिए मर मिटने वाले, अपना जीवन समर्पित करने वाले अनगिनत आज़ादी के दीवानों को नमन करने का ये पर्व है। ये देश उनका ऋणी है। ऐसे हर महापुरुष के प्रति हम अपना श्रद्धा भाव व्यक्त करते हैं। एक समय था कि लोग देश के लिए मरने के लिए प्रतिबद्ध थे। आज समय है देश के लिए जीने की प्रतिबद्धता का.. अगर देश के लिए मरने की प्रतिबद्धता आज़ादी दिला सकती है तो देश के लिए जीने की प्रतिबद्धता समृद्ध भारत भी बना सकती है।

मोदी ने कहा कि जब हिंदुस्तान के 18 हजार गांवों में समयसीमा के भीतर बिजली पहुंचे जब तीन करोड़ परिवारों के घर में नल से जल पहुंचे जब देश के प्रत्येक परिवार के भीतर स्वच्छता का वातावरण बन जाए तो यह भारत में आई हुई नई चेतना का प्रतिबिंब है।

विश्व में सबसे तेज गति से करोड़ों लोगों को वैक्सीनेशन का काम हमारे देश में हुआ। कभी आतंकवादी हमारे देश में आकर हमें मारकर चले जाते थे, जब देश की सेना सर्जिकल स्ट्राइक करती है, जब देश की सेना एयर स्ट्राइक करती है तो देश के नौजवानों का सीना गर्व से भर जाता है।

बैंकिंग सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए अनेक बदलाव किए हैं। इसके कारण आज विश्व की चुनिंदा मजबूत बैंक में भारत की बैंकों ने अपना स्थान बनाया है। देश के मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं की पूर्ति में बैंक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

हमें गर्व हो रहा है कि महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर दस करोड़ महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनती हैं, तब परिवार के निर्णय प्रक्रिया की हिस्सेदार बनती हैं। सामाजिक परिवर्तन की संवाहक होती हैं।

आज विश्व में युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खुल रहे हैं और रोजगार के अनगिनत अवसर दस्तक दे रहे हैं।

यह भारत के लिए स्वर्णिम कालखण्ड है। इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए, अपने सपने और संकल्पों के साथ 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य पूरा करके रहेंगे।”

पिछले एक दशक में अभूतपूर्व इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हुआ है। इनमें सड़कों का निर्माण, ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में विद्यालय तथा अस्पताल का निर्माण,अमृत सरोवरों की निर्मिति शामिल हैं। इस विकास के माध्यम से हम समाज के वंचित वर्ग तक पहुंचे हैं।

अंतरिक्ष क्षेत्र भविष्य का एक महत्वपूर्ण पहलू है। हमने इस क्षेत्र में कई सुधार किए हैं

आज, कई स्टार्टअप इस क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। अंतरिक्ष क्षेत्र, जो जीवंत होता जा रहा है, भारत को एक शक्तिशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अंग है

भारत ने रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सुनिश्चित करने में बहुत प्रगति की है।

वैश्विक विकास में भारत का योगदान बढ़ा है, निर्यात में तेजी आई है, और विदेशी मुद्रा भंडार उच्चतम स्तर पर है। यह हमें विश्वास दिलाता है कि भारत सही दिशा में, सही गति से आगे बढ़ रहा है।

दिव्यांग भाई-बहन एवं ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए संवेदना के साथ हम नए निर्णय कर रहे हैं। वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन करें, यह सुनिश्चित कर रहे हैं। सेवाभाव के जिन त्रिविध मार्ग से हम चल रहें हैं, उसका परिणाम आज दिखाई दे रहा है।

हमने विकसित भारत की पहली पीढ़ी की ओर विशेष ध्यान देते हुए राष्ट्रीय पोषण मिशन शुरू किया है।

वहीं, कृषि क्षेत्र में बदलाव हेतु हम किसानों को आसान ऋण दे रहे हैं। मैं उन किसानों का आभार व्यक्त हूँ जिन्होंने प्राकृतिक खेती का रास्ता चुना है।

भारत का लक्ष्य जीवन के सभी क्षेत्रों में कौशल विकास को बढ़ावा देना है। बजट 2024 में किए गए प्रावधानों का उद्देश्य युवाओं का व्यापक विकास सुनिश्चित करना और कौशल भारत कार्यक्रम को गति देना है। भारत, वैश्विक नौकरी बाजार में अपनी पहचान बनाने का सपना देखता है! राष्ट्र के लिए जीना किसे कहते हैं, ये हमारे सेना के जवानों ने दिखाया है। आज हम रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहे हैं। दुनिया के कई देशों में रक्षा उपकरण एक्सपोर्ट कर रहे हैं। हम रक्षा विनिर्माण के हब के रूप में उभर रहे हैं।

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