CG Professor Recruitment: 23 साल बाद कालेजों में प्रोफेसर की भर्ती, इधर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी

CG Professor Recruitment: 23 साल बाद कालेजों में प्रोफेसर की भर्ती, इधर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी

CG Professor Recruitment बिलासपुर। राज्य लोक सेवा आयोग बैनर तले प्रदेश के सरकारी कालेजों में प्राध्यापक पद पर भर्ती की जाएगी। इसके लिए सीजीपीएससी ने 595 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। प्रोफेसर के पद पर भर्ती के लिए शर्तों का पेंच ऐसा कि परेशानी भरा है। अतिथि व्याख्याताओं को अनुभव का लाभ ना मिलने के बाद पीएचडी की डिग्री के बाद भी आवेदन नहीं जमा कर पाएंगे। ऐसे असिस्टेंट प्राेफेसर जो सरकारी कालेजों में नौकरी तो कर रहे हैं पर किसी कारणवश आज तक पीएचडी की डिग्री हासिल नहीं कर पाए हैं वे भी सीजीपीएससी के मापदंड से बाहर रहेंगे। कड़े नियमों को शिथिल करने और आवेदन का अवसर देने की मांग को लेकर अब प्रदेशभर के गेस्ट लेक्चरर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा उच्च शिक्षा विभाग में प्राध्यापकों की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला गया है। वैसे तो सीजीपीएससी ने अभी जो विज्ञापन निकाला है वह वर्ष 2021 में जारी हुआ था। उम्र संबंधी विवाद के कारण जरुरी संशोधन कर नए सिरे से विज्ञापन जारी किया है। उम्मीदवार आठ अगस्त से छह सितंबर तक आनलाइन आवेदन कर सकेंगे। तीन साल पहले जिन उम्मीदवारों ने आवेदन जमा किया था उनको राज्य शासन ने छूट देते हुए कहा है कि अगर वे चाहें तो अपने आवेदन में जरुरी संशोधन करा सकेंगे। कारण यह कि प्राध्यापक पद के लिए आयु सीमा 56 वर्ष निर्धारित की गई है और समस्त छूट को मिलाकर अधिकतम आयु 61 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके लिए 500 रूपए शुल्क निर्धारित किया गया है हालांकि ऐसे उम्मीदवारों को अपने आवेदन में पहली बार संशोधन कराने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। इसके बाद भी अगर आवेदनों में सुधार कराना होगा तो इसके लिए 14 सितंबर से 18 सितंबर तक फिर एक बार मौका दिया जाए‌गा। इसके लिए 500 रूपए शुल्क जमा करना होगा।

इनके पास डिग्री है,अनुभव नहीं

अतिथि व्याख्याता के पद पर 10 से 15 साल तक विभिन्न कालेजों में अध्यापन कराने वाले गेस्ट लेक्चरर की संख्या प्रदेश में हजारों की संख्या में है। इनमें से अधिकांश पीएचडी डिग्रीधारक भी हैं। गेस्ट लेक्चरर के लेक्चर से लेकर कालेजों में उनकी सेवाओं को अनुभव का हिस्सा नहीं माना जाता है। पीएचडी डिग्रीधारी और कालेजों में बतौर गेस्ट लेक्चरर अध्यापन व अन्य कार्य करने के बाद भी प्राध्यापक पद के लिए आवेदन जमा नहीं कर पाएंगे। उनके अनुभव को प्राध्यापक पद के लिए मान्य नहीं किया गया है। निजी कालेजों में परिनियम 28 के तहत नियुक्त सहायक प्राध्यापकों को अनुभव का लाभ मिलेगा अगर वे 10 साल सेवा दें चुके है और पीएचडी डिग्रीधारी हैं तो वे प्राध्यापक पद के लिए आवेदन कर सकेंगे।

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share