Chhatisgarh Mansoon session 2024: प्रदेश में जिला खाद्य अधिकारी की नियमित पदस्थापना पर उठे सवाल, सिर्फ 12 जिलों में है नियमित खाद्य अधिकारी, बाकी जिलों के लिए बोले मंत्री..

Chhatisgarh Mansoon session 2024: प्रदेश में जिला खाद्य अधिकारी की नियमित पदस्थापना पर उठे सवाल, सिर्फ 12 जिलों में है नियमित खाद्य अधिकारी, बाकी जिलों के लिए बोले मंत्री..

Raipur रायपुर। प्रदेश में जिला खाद्य अधिकारियों की नियमित पदस्थापना पर आज विधानसभा में सवाल उठे। नियमित खाद्य अधिकारियों की जगह प्रभारी खाद्य अधिकारियों को प्रभार दिए जाने पर प्रश्न पूछते हुए नियमित खाद्य अधिकारियों की पदस्थापना की दिशा में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी विधानसभा में मांगी गई।

विधायक इंद्र शाह मंडावी ने प्रश्न पूछा कि प्रदेश के खाद्य विभाग में कितने जिले में नियमित खाद्य अधिकारी कार्यरत है तथा कितने जिले में प्रभारी खाद्य अधिकारी कार्यरत है जिलावार बतावे? प्रदेश के खाद्य विभाग में नियमित खाद्य अधिकारी के होने के उपरांत भी बड़े-बड़े जिलों में कनिष्ठ सहायक खाद्य अधिकारी पदस्थ है, यदि हां तो क्यों? उपरोक्त अनियमितता को सुधार कर सभी जिलों में नियमित खाद्य अधिकारियों की पदस्थापना कब तक की जाएगी?

जिसके जवाब में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने बताया कि 12 जिलों में नियमित खाद्य अधिकारी है, तथा 21 जिले में प्रभारी खाद्य अधिकारी कार्यरत है। 12 जिलों में नियमित खाद्य अधिकारी कार्यरत होने के अलावा शेष जिलों में नियमित खाद्य अधिकारी नहीं होने के कारण विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन एवं कार्यों के संपादन हेतु सहायक खाद्य अधिकारियों को प्रभार दिया गया है। खाद्य नियंत्रक एवं खाद्य अधिकारियों के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती एवं पदोन्नति की कार्यवाही प्रक्रिया धीन हैं। सीधी भर्ती एवं पदोन्नति उपरांत नियमित खाद्य अधिकारियों की पदस्थापना की जा सकेगी।

इन जिलों में है नियमित खाद्य अधिकारी

मंत्री के जवाब के अनुसार बस्तर, धमतरी, बिलासपुर, राजनांदगांव, दुर्ग,कवर्धा,कोरबा,मुंगेली, रायगढ़,रायपुर, सक्ती,बेमेतरा में नियमित खाद्य अधिकारी पदस्थ हैं। बीजापुर में डिप्टी कलेक्टर को खाद्य अधिकारी का प्रभार दिया गया है। बाकी जिलों में प्रभारी खाद्य अधिकारी पदस्थ है।

इसके अलावा विधायक सुशांत शुक्ला ने प्रश्न उठाया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में क्या-क्या मूलभूत बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध है। जिसके जवाब में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों की मूलभूत बुनियादी सुविधाओं में स्वयं का भवन, शौचालय, पेयजल एवं विद्युत सुविधा शामिल है।

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