Children's Mutual Fund: चिल्ड्रन म्यूचुअल फंड में निवेश कर बच्चों का भविष्य करें सुरक्षित, सालाना 16-18% का रिटर्न

Children's Mutual Fund: चिल्ड्रन म्यूचुअल फंड में निवेश कर बच्चों का भविष्य करें सुरक्षित, सालाना 16-18% का रिटर्न

रायपुर, एनपीजी डेस्क। हर माता-पिता अपने बच्चों के लिए एक सुरक्षित भविष्य चाहते हैं। आर्थिक रूप से बच्चों को सुरक्षित करने के लिए चिल्ड्रन म्यूचुअल फंड एक अच्छा ऑप्शन है। ये मार्केट रिस्क के साथ लंबे समय में बेहतर रिटर्न दे सकता है।

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के अनुसार, इस कैटेगरी में टाटा यंग सिटीजन फंड ने पिछले 5 साल में सबसे ज्यादा 18.17% का सालाना औसत रिटर्न दिया है। वहीं 10 साल में HDFC चिल्ड्रन्स गिफ्ट फंड ने सबसे ज्यादा 16.72% का सालाना औसत रिटर्न दिया है। इसके अलावा इसमें ELSS म्यूचुअल फंड की तरह ही इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत 1.50 लाख रुपए तक निवेश पर टैक्स छूट मिलता है।

क्या होता है चाइल्ड म्यूचुअल फंड?

चाइल्ड म्यूचुअल फंड एक तरह का म्यूचुअल फंड होता है, जिसमें बच्चों के नाम पर ही खाता खुलवाया जा सकता है। कुछ चाइल्ड म्यूचुअल फंड में लॉक इन पीरियड होता है। इसमें इक्विटी डेट और गोल्ड में निवेश किया जाता है। ज्यादातर चाइल्ड म्यूचुअल फंड हाइब्रिड म्यूचुअल फंड कैटेगरी के तहत आते हैं। अधिकतर चिल्ड्रन म्यूचुअल फंड 5 साल के लॉक इन पीरियड के साथ आते हैं, जिसे बच्चे के बालिग होने तक बढ़ाया जा सकता है।

चाइल्ड म्यूचुअल फंड में लंबी अवधि के लिए निवेश करना होता है। इस कारण एसआईपी के जरिए निवेश करना बेहतर माना जाता है। इस तरह के फंड में निवेश बच्चों के नाम पर ही किया जाता है।

5 साल में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले टॉप-5 फंड

  • टाटा यंग सिटीजन फंड- 5 साल में सालाना औसत रिटर्न 18.17 फीसदी, वहीं 5 साल में सालाना औसत बेंचमार्क रिटर्न 18.49%
  • HDFC चिल्ड्रन्स गिफ्ट फंड- 5 साल में सालाना औसत रिटर्न 17.84 फीसदी, वहीं 5 साल में सालाना औसत बेंचमार्क रिटर्न 13.99%
  • UTI चिल्ड्रन्स करियर फंड- 5 साल में सालाना औसत रिटर्न 16.23 फीसदी, वहीं 5 साल में सालाना औसत बेंचमार्क रिटर्न 18.49%
  • LIC MF चिल्ड्रन्स- 5 साल में सालाना औसत रिटर्न 13.71 फीसदी, वहीं 5 साल में सालाना औसत बेंचमार्क रिटर्न 14.98%
  • ICICI प्रूडेंशियल चाइल्ड केयर फंड- 5 साल में सालाना औसत रिटर्न 16.45 फीसदी, वहीं 5 साल में सालाना औसत बेंचमार्क रिटर्न 13.99%

Child Mutual Funds में एकमुश्‍त और SIP दोनों तरह से निवेश का ऑप्‍शन है। अगर बच्‍चे के जन्‍म के बाद से ही इन म्‍यूचुअल फंड्स स्‍कीम में इन्वेस्ट किया जाए, तो 20-22 साल की उम्र तक बच्‍चे के नाम एक बड़ा फंड तैयार हो सकता है, जो उसकी पढ़ाई, शादी, बिजनेस जैसी जरूरतों के लिए काम आएगा। 

उदाहरण के लिए अगर आप एक साल की उम्र से ही अपने बच्‍चे के नाम पर 10 हजार रुपए मंथली SIP चाइल्‍ड फंड्स में जमा करते हैं, तो 22 साल की उम्र में बच्चे को 1 करोड़ रुपए मिलेगा। इसमें कुल 22 साल तक आपकी SIP चलेगी। साथ ही सालाना रिटर्न औसतन 12 फीसदी लिया गया। कई ऐसे चाइल्‍ड प्‍लान हैं, जिनका लॉन्‍ग टर्म का रिटर्न सालाना 10-16 फीसदी या इससे ज्‍यादा रहा है।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने का प्रोसेस

बच्चों के नाम पर आसानी से ऑफलाइन और ऑनलाइन तरीके से म्यूचुअल फंड में निवेश किया जा सकता है। म्यूचुअल फंड में खाता खोलते समय आपको बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट, माता-पिता या अभिभावक होने का फ्रूफ और एड्रेस प्रूफ की जरूरत होती है। इसके बाद बच्चे और अभिभावक की केवाईसी होने के बाद आसानी से आप खाता खोल सकते हैं। इसके बाद आपको म्यूचुअल फंड स्कीम का सिलेक्शन करना है। सिलेक्शन के समय हमेशा अपनी रिस्क प्रोफाइल, समय अवधि और फंड के प्रकार पर ध्यान दें। अब आप पूंजी के जरिए निवेश कर सकते हैं।

माता-पिता को देना होता है टैक्स

इनकम टैक्स की धारा 64 के मुताबिक, अगर बच्चे की 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर म्यूचुअल फंड की बिक्री से कैपिटल गेन होता है, तो उसे माता-पिता या अभिभावक की इनकम में जोड़ा जाएगा और जैसे बच्चा 18 वर्ष से ज्यादा का हो जाता है तो म्यूचुअल फंड से होने वाली इनकम पर उसे टैक्स देना होगा। 

बच्चों के नाम पर निवेश कर रहे हैं, तो म्यूचुअल फंड की बिक्री पर पैसा केवल बच्चे के ही बैंक खाते में क्रेडिट किया जाएगा। इस कारण निवेश के समय चाइल्ड बैंक अकाउंट होना जरूरी है। बेंचमार्क की बात करें, तो आमतौर पर भारतीय शेयर बाजार के BSE सेंसेक्स और निफ्टी जैसे मार्केट सूचकांक होते हैं, जिसके साथ म्यूचुअल फंड के रिटर्न को कंपेयर किया जाता है।

SIP के जरिए निवेश

दूसरे इक्विटी फंड की तरह चिल्ड्रन म्यूचुअल फंड में भी SIP के जरिए निवेश कर सकते हैं, जो लंबे समय में ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। शेयर बाजार के निचले स्तर और ऊंचे स्तर का एक औसत रिटर्न बनता है और साथ ही कम्पाउंडिंग का फायदा भी मिलता है।

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