प्रवीण खंडेलवाल की जीवनी : Praveen Khandelwal Biography Hindi

प्रवीण खंडेलवाल की जीवनी : Praveen Khandelwal Biography Hindi

Praveen Khandelwal Biography Hindi, Age, Wiki, Wife, Family, Chunav Chetr, Date of Birth, Wife, Family, Height, Career, Nick Name, Net Worth: प्रवीण खंडेलवाल, एक उद्यमी, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनेता हैं, जिन्होंने अपने जीवन को व्यापार और सामाजिक कार्यों में समर्पित किया। उनका जन्म 1960 में दिल्ली में हुआ था।

शिक्षा और पेशेवर जीवन:

प्रवीण खंडेलवाल ने अपनी शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त की और उन्होंने वहां से एल.एल.बी. (कानून) की डिग्री हासिल की। उन्होंने बाद में व्यापार में अपना करियर शुरू किया और कई व्यावसायिक स्थापनाएं बनाई।

प्रवीण खंडेलवाल ने कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की स्थापना की और इसके महासचिव के रूप में काम किया। इस संगठन के माध्यम से, वे व्यापारियों की समस्याओं और मुद्दों के समाधान के लिए प्रयासरत रहे हैं। प्रवीण खंडेलवाल को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार के रूप में चंदनी चौक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है। इस निर्वाचन क्षेत्र में व्यापार और व्यापारियों की बड़ी संख्या है।

प्रवीण खंडेलवाल को 2017 में सरकार के जीएसटी पैनल का हिस्सा बनाया गया, खंडेलवाल ने 2021 में डिजिटल वाणिज्य के लिए ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) के सदस्य के रूप में भी काम किया है।

उन्होंने “भारतीय सामान – हमारा गर्व” नामक एक अभियान भी शुरू किया है, जिसका उद्देश्य था भारत में चीनी सामानों के आयात को कम करना था। इसके अलावा, उन्होंने भारत-ई-मार्केट नामक एक ई-कॉमर्स पोर्टल भी शुरू किया है।

सामाजिक कार्य:

  • प्रवीण खंडेलवाल ने भारतीय व्यापारी एवं उद्यमिता के संघ की स्थापना की, जिसे ‘कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स’ (CAIT) के नाम से जाना जाता है। वे इस संगठन के महासचिव भी हैं।
  • उन्होंने व्यापारिक मामलों के साथ-साथ, देशवासियों के हित में भी अपने योगदान किया है। वे भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देने और चीनी उत्पादों के विरोध में कई अभियानों को आगे बढ़ाया है।
  • उन्होंने सरकार के जीएसटी पैनल का हिस्सा बनकर भी अपना योगदान दिया है।
  • 2021 में, उन्होंने डिजिटल वाणिज्य के लिए ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) के सदस्य के रूप में सेंट्रल सरकार के पैनल में शामिल होने का सम्मान प्राप्त किया।
  • उन्होंने भारतीय व्यापारी समुदाय की आवाज़ बनाने और व्यापारिक स्थिति में सुधार के लिए अपने प्रयासों को निरंतर जारी रखा है।

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