Arun Goyal Biogarphy in Hindi: जानिये चुनाव आयुक्त पद से इस्तीफा देने वाले अरुण गोयल किस बैच और किस कैडर के आईएएस अधिकारी थे…

Arun Goyal Biography in Hindi: अरुण गोयल 1985 बैच के पंजाब कैडर के आईएएस अफसर हैं। आईएएस की नौकरी से इस्तीफा देकर पिछले साल 21 नवंबर 2022 को उन्होंने चुनाव आयुक्त का कार्यभार संभाला था। है। भारतीय प्रशासनिक सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने से पहले अरुण गोयल केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय में सचिव थे। उनकी नियुक्ति विवादों में रही थी और इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है।
अरुण गोयल का जन्म 7 दिसंबर 1965 को पटियाला में हुआ था।। उन्होंने गणित में एमएससी किया है। मैथ्स में एमएससी की डिग्री उन्होंने प्रथम श्रेणी में हासिल की है। इसके लिए उन्हें चांसलर मेडल ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित भी किया गया है। अरुण गोयल ने इंग्लैंड की कैंब्रिज यूनिवर्सिटी स्थित चर्चिल कॉलेज से विकास अर्थशास्त्र में विशिष्टता के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन किया है और अमेरिका की प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के जॉन एफ कैनेडी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट यू एसए से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वह 1985 बैच के पंजाब कैडर के आईएएस अफसर हैं।
अरुण गोयल ने 1993 से 1994 तक बठिंडा तथा 1995 से 2000 तक लुधियाना जिले में जिला निर्वाचन अधिकारी के तौर पर काम किया है। अरुण गोयल मैं पंजाब के प्रमुख सचिव रहते हुए नए चंडीगढ़ और अन्य कई शहरों के लिए मास्टर प्लान तैयार किया था। उन्होंने भारत सरकार के मंत्रालय में सचिव के रूप में प्रतिनियुक्ति में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने ऑटो उद्योग के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव योजना फॉर एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैट्री स्टोरेज के लिए पल भी लागू किया था। उनके बारे में माना जा सकता है कि उन्होंने देश में ही वहां के क्षेत्र में काफी काम किया है। अरुण गोयल दिल्ली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष भी रहे हैं।। साल 2022 में उन्होंने 18 नवंबर को आईएएस की सेवा से इस्तीफा दे दिया था। 22 नवंबर 2022 को उनकी नियुक्ति चुनाव आयुक्त के तौर पर की गई थी। गोयल की नियुक्ति काफी विवादों में रही थी। उनकी नियुक्ति का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था और इतनी जल्दबाजी में चुनाव आयुक्त बनाए जाने के सरकार के फैसले पर प्रश्न चिह्न भी उठे थे। हालांकि नियुक्ति के बाद चुनाव आयोग में रहते तक अरुण गोयल किसी विवाद में नहीं फंसे।
चुनाव आयुक्त के तौर पर उनका कार्यकाल 5 दिसंबर 2027 तक था। तीन सदस्य निर्वाचन आयोग में फरवरी में अनूप पांडे सेवानिवृत हो गए थे इसके बाद अरुण गोयल और राजीव माथुर ही चुनाव आयोग में बचे थे। अगले साल फरवरी में राजीव माथुर के सेवानिवृत होने पर अरुण गोयल ही चुनाव आयुक्त बनने वाले थे। 5 मार्च को कोलकाता दौरे के बीच खराब सेहत का हवाला दे दौरा बीच में ही छोड़ आए थे। 8 मार्च को उन्होंने केंद्रीय गृह सचिव के साथ चुनाव में केंद्रीय बलों की तैनाती के संबंध में मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव माथुर के साथ मीटिंग की थी। इस्तीफा देने के पीछे उन्होंने निजी कारणों का हवाला दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि या तो मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव माथुर से नाराजगी के चलते उन्होंने इस्तीफा दिया होगा या फिर लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने इस्तीफा दिया होगा। फिलहाल राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है।






